बच्चों के लिए गैस (Gas ) की दवा: कारण, लक्षण, सुरक्षित उपचार और माता-पिता के लिए गाइड
जब बच्चों को पेट में गैस की समस्या होती है, तो वे चिड़चिड़े हो सकते हैं, उनका पेट फूल सकता है और उन्हें काफी परेशानी महसूस हो सकती है, खासकर छोटे बच्चों को। माता-पिता के रूप में आपको अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बच्चों में गैस और अपच की समस्या सामान्य होती है और इसका आसानी से ध्यान रखा जा सकता है।
जब बच्चा पेट दर्द की शिकायत करे, बार-बार डकार आए, पेट भारी या फूला हुआ लगे या बार-बार गैस निकले, तो उसके लिए सही गैस की दवा चुनना जरूरी हो जाता है।
हालांकि कभी-कभी होने वाली गैस आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होती, लेकिन सही उपचार चुनना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चों का पाचन तंत्र नाजुक होता है और उन्हें कोमल तथा सुरक्षित देखभाल की आवश्यकता होती है।
इस ब्लॉग को ध्यानपूर्वक पढ़ें और जानें कि शिशुओं में गैस से जल्दी राहत कैसे दिलाई जा सकती है, किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और बच्चों व शिशुओं के लिए गैस की सही दवा कैसे चुनें।
बच्चों में गैस की समस्या क्या होती है?
बच्चों में गैस की समस्या तब होती है जब पेट या आंतों में गैस अधिक मात्रा में जमा हो जाती है। ऐसा दूध पीते समय हवा निगलने, अधिक रोने, जल्दी-जल्दी खाने या पाचन तंत्र में मौजूद अच्छे जीवाणुओं द्वारा भोजन को पचाने की प्रक्रिया के कारण हो सकता है।
बच्चों में डकार आना, पेट फूलना और गैस बनना सामान्य माना जाता है। इसका कारण यह है कि बच्चों का पाचन तंत्र (Digestive System), पाचन एंजाइम, मांसपेशियां (Muscles) और लाभकारी जीवाणु (Helpful Bacteria) पूरी तरह विकसित नहीं होते, इसलिए उनमें गैस बनने की संभावना अधिक रहती है।
बच्चों में गैस के लक्षण
बच्चों में किसी भी स्वास्थ्य समस्या को पहचानने और उसका सही तरीके से ध्यान रखने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
माता-पिता को बच्चे के आराम, खानपान की आदतों और व्यवहार में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए। गैस की समस्या के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:
- बार-बार डकार आना और गैस निकलना
- पेट का फूला हुआ या कड़ा महसूस होना
- पेट दर्द या मरोड़ होना
- खाना खाते समय या खाने के बाद चिड़चिड़ापन और रोना
- पैरों को मोड़कर पेट की ओर खींचना
- भूख न लगना
- बेचैनी रहना और ठीक से नींद न आना
- गैस निकलने या मल त्याग के तुरंत बाद आराम महसूस होना
उम्र के अनुसार बच्चों में गैस होने के कारण
शिशुओं और बच्चों में गैस बनने के कारण उनकी उम्र, दूध पिलाने के तरीके, खानपान की आदतों और पाचन क्षमता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
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उम्र का समूह |
सामान्य कारण |
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0–1 वर्ष |
दूध पीते समय हवा निगलना, सही तरीके से स्तन न पकड़ पाना, अधिक रोना, कृत्रिम दूध में बदलाव तथा पाचन तंत्र का पूरी तरह विकसित न होना |
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1–5 वर्ष |
जल्दी-जल्दी खाना, कब्ज, अधिक मीठी चीजें खाना और नली से पेय पदार्थ पीना |
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बड़े बच्चे |
गैस वाले ड्रिंक्स, जंक फूड, जरूरत से ज्यादा खाना, कुछ खाद्य पदार्थों को न पचा पाना तथा रेशेदार आहार की कमी |
बच्चों के लिए सुरक्षित गैस की दवाएं कौन-सी हैं?
बच्चों के लिए सही गैस से राहत की दवा का चुनाव बच्चे की उम्र, लक्षणों और गैस की समस्या के मूल कारण पर निर्भर करता है।
इस समस्या के उपचार में हल्की दवाएं, खानपान में बदलाव और आवश्यकता पड़ने पर डाक्टर की सलाह शामिल हो सकती है।
बच्चों के लिए सामान्य गैस की दवाएं
बच्चों के लिए गैस की दवाओं का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए और बेहतर होगा कि इन्हें डाक्टर की सलाह के बाद ही दिया जाए। बच्चों में उपयोग की जाने वाली कुछ सामान्य दवाएं इस प्रकार हैं:
- सिमेथिकोन ड्रॉप्स/सिरप: यह गैस के बुलबुलों को तोड़ने में मदद करता है और पेट फूलने से राहत दिला सकता है।
- लाभकारी जीवाणु सप्लीमेंट: ये आंतों में अच्छे जीवाणुओं को बढ़ावा देते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में सहायता करते हैं।
- पाचन एंजाइम: ये कुछ विशेष खाद्य पदार्थों को आसानी से पचाने में मदद करते हैं।
- लैक्टेज ड्रॉप्स: यदि गैस की समस्या दूध में मौजूद लैक्टोज को न पचा पाने के कारण हो, तो इससे राहत मिल सकती है।
- ग्राइप वॉटर: यह पेट की हल्की परेशानी में मदद कर सकता है, लेकिन इसे देने से पहले डाक्टर की सलाह अवश्य लें।
- हल्की कब्ज दूर करने वाली दवाएं: इनका उपयोग केवल तब किया जाता है जब गैस की समस्या कब्ज के कारण हो।
गैस की दवाएं कैसे काम करती हैं?
बच्चों में गैस की दवाएं उनके कारण के अनुसार अलग-अलग तरीके से काम करती हैं:
- साइमेथिकोन: यह गैस के बुलबुलों को छोटा करता है, जिससे गैस आसानी से बाहर निकल जाती है।
- लाभकारी जीवाणु सप्लीमेंट: ये आंतों में अच्छे जीवाणुओं को बढ़ावा देते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं।
- पाचन एंजाइम और लैक्टेज ड्रॉप्स: ये कुछ विशेष खाद्य पदार्थों को छोटे भागों में तोड़कर आसानी से पचाने में मदद करते हैं।
- हल्की कब्ज दूर करने वाली दवाएं: ये मल त्याग को आसान बनाती हैं और कब्ज के कारण फंसी हुई गैस को बाहर निकालने में मदद कर सकती हैं।
माता-पिता के लिए जरूरी सावधानियां
बच्चों को कोई भी दवा देते समय कुछ जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है, खासकर जब शिशुओं में पेट दर्द और गैस की समस्या का इलाज किया जा रहा हो।
- हमेशा दवा की निर्धारित मात्रा और उम्र से संबंधित निर्देशों का पालन करें।
- बच्चों को बड़ों की दवाएं कभी न दें।
- डाक्टर की सलाह के बिना दो या अधिक दवाओं को एक साथ न दें।
- जड़ी-बूटी से बनी दवाओं या ग्राइप वॉटर में मौजूद सामग्री की जांच अवश्य करें।
- यदि लक्षण गंभीर हों, बार-बार हों या बुखार, उल्टी अथवा दस्त के साथ दिखाई दें, तो तुरंत डाक्टर की सलाह लें।
बच्चों में गैस की समस्या को संभालने के अलग-अलग तरीके
बच्चों में गैस से राहत दिलाने के उपाय मुख्य रूप से उनकी परेशानी कम करने, पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और फंसी हुई गैस को आसानी से बाहर निकालने पर आधारित होते हैं।
शिशुओं और बच्चों के लिए सुरक्षित गैस राहत के कुछ उपाय निम्नलिखित हैं:
चिकित्सकीय उपचार
कुछ दवाएं बच्चों में अधिक गैस, पेट फूलने या कब्ज के कारण होने वाली परेशानी से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं। ध्यान रखें कि कोई भी दवा बच्चे की उम्र के अनुसार और डाक्टर की सलाह से ही दी जानी चाहिए।
उपचार के सामान्य विकल्प इस प्रकार हैं:
- साइमेथिकोन: यह गैस के बुलबुलों को तोड़ने और पेट फूलने की समस्या कम करने में मदद कर सकता है।
- प्रोबायोटिक सप्लीमेंट: ये आंतों में अच्छे जीवाणुओं को बढ़ावा देते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
- लैक्टेज ड्रॉप्स: यदि गैस की समस्या दूध में मौजूद लैक्टोज को न पचा पाने से जुड़ी हो, तो यह लाभकारी हो सकती हैं।
- पाचन एंजाइम: ये कुछ खाद्य पदार्थों को बेहतर तरीके से पचाने में सहायता कर सकते हैं।
- हल्की कब्ज दूर करने वाली दवाएं: यदि गैस की समस्या कब्ज और रुके हुए मल के कारण हो, तो डाक्टर इन्हें सुझा सकते हैं।
गैस से राहत के प्राकृतिक उपाय
हालांकि प्राकृतिक या जड़ी-बूटी आधारित उपाय हल्की गैस की समस्या में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनका उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए और शिशुओं को देने से पहले डाक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
कुछ सामान्य प्राकृतिक उपाय इस प्रकार हैं:
- अजवाइन का पानी: अजवाइन बड़े बच्चों में पाचन संबंधी हल्की परेशानी को कम करने में मदद कर सकती है।
- हींग का लेप: यदि त्वचा पर जलन न हो, तो इसे नाभि के आसपास लगाया जा सकता है।
- सौंफ का पानी: थोड़ी मात्रा में देने पर यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
- गुनगुना पानी: यह पेट की हल्की परेशानी से राहत दिला सकता है।
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन देना: इससे पेट फूलने और पाचन संबंधी परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।
शारीरिक तरीकों से राहत
कुछ आसान शारीरिक तरीके भी शिशुओं और बच्चों में फंसी हुई गैस को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- दूध पिलाने से पहले और बाद में बच्चे को डकार दिलाएं।
- पेट पर घड़ी की दिशा में हल्के हाथों से मालिश करें।
- बच्चे के पैरों को साइकिल चलाने जैसी गति से धीरे-धीरे चलाएं।
- शिशु को निगरानी में कुछ समय पेट के बल लिटाएं।
- बड़े बच्चों को टहलने या शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करें।
- दूध या भोजन के बाद बच्चे को कुछ समय तक सीधा बैठाएं या गोद में रखें।
ज़ीलैब फार्मेसी द्वारा बच्चों के लिए गैस से राहत की दवाओं की सलाह
ज़ीलैब फार्मेसी शिशुओं और बच्चों के लिए किफायती गैस राहत उत्पाद उपलब्ध कराती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और पेट से जुड़ी हल्की परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं।
ज़ीलैब ग्राइप वॉटर
ज़ीलैब ग्राइप वॉटर एक तरल पाचन उत्पाद है, जिसका उपयोग शिशुओं की नियमित देखभाल में पेट से जुड़ी हल्की परेशानियों को कम करने के लिए किया जाता है।
- Composition: Terpeneless Dill Seed Oil (2.3 mg) + Sodium Bicarbonate (52.5 mg)
- Benefits: यह शिशुओं में फंसी हुई गैस, पेट फूलना, लगातार रोने की समस्या तथा दूध पीने के बाद होने वाली पेट की परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है।
बच्चों में गैस के घरेलू उपाय
कुछ आसान घरेलू उपाय बच्चों में अधिक गैस के कारण होने वाली पेट की परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये उपाय पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं, आराम पहुंचाते हैं और फंसी हुई गैस को आसानी से बाहर निकलने में सहायता करते हैं।
कुछ उपयोगी घरेलू उपाय इस प्रकार हैं:
- गर्म सिकाई करें: पेट पर कुछ मिनटों के लिए हल्की गर्म सिकाई करने से पेट की मांसपेशियां (Muscles) आराम महसूस करती हैं और गैस से राहत मिल सकती है।
- दूध पिलाने की सही स्थिति रखें: बच्चे को सही अवस्था में दूध पिलाएं और दूध पिलाते समय तथा उसके बाद कुछ देर तक उसे थोड़ा सीधा रखें।
- पर्याप्त पानी पिलाएं: यदि कब्ज के कारण गैस की समस्या हो रही है, तो बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
- खानपान में बदलाव करें: तली-भुनी चीजें, अधिक मिठाइयां और ऐसी चीजें जिनसे गैस बनने की संभावना अधिक हो, उनका सेवन सीमित करें।
- रेशेदार आहार धीरे-धीरे बढ़ाएं: पाचन को बेहतर बनाने के लिए रेशे से भरपूर खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे आहार में शामिल करें, ताकि अचानक पेट फूलने की समस्या न हो।
बच्चों में गैस की समस्या कब चिंता का कारण बनती है?
माता-पिता को ऐसे लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए जो केवल गैस ही नहीं बल्कि संक्रमण (Infection), कब्ज, किसी खाद्य पदार्थ को न पचा पाने की समस्या या अन्य पाचन संबंधी परेशानियों की ओर संकेत कर सकते हैं।
यदि बच्चे में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डाक्टर की सलाह लें:
- पेट में बहुत तेज या लगातार दर्द होना
- पेट का अत्यधिक फूला हुआ, सख्त या छूने पर बहुत दर्द करना
- बार-बार उल्टी होना या हरे रंग की उल्टी आना
- पेट दर्द के साथ बुखार होना
- दस्त, मल में खून आना या काले रंग का मल आना
- दूध या भोजन ठीक से न करना या खाने से मना करना
- वजन कम होना या उम्र के अनुसार वजन न बढ़ना
- शिशु का लगातार रोना और किसी भी उपाय से आराम न मिलना
- लंबे समय तक मल या गैस बाहर निकालने में कठिनाई होना
- शरीर में पानी की कमी के लक्षण, जैसे मुंह सूखना या पेशाब कम होना
- बार-बार गैस और अपच की समस्या होना
माता-पिता को क्या करना चाहिए और क्या नहीं
यदि माता-पिता कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें और सामान्य गलतियों से बचें, तो बच्चों में गैस की समस्या को संभालना काफी आसान हो सकता है।
नीचे कुछ आसान सुझाव दिए गए हैं:
|
क्या करें |
क्या न करें |
|
गैस की दवा केवल निर्धारित उम्र और सही मात्रा के अनुसार ही दें। |
बच्चों को बड़ों के लिए बनी दवाएं कभी न दें। |
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दूध पिलाने के दौरान और बाद में शिशु को अच्छी तरह डकार दिलाएं। |
बच्चे को जरूरत से ज्यादा या जबरदस्ती भोजन न कराएं। |
|
भोजन के बाद बच्चे को कुछ समय तक सीधा बैठाएं या गोद में रखें। |
भोजन के तुरंत बाद बच्चे को लेटने न दें। |
|
बड़े बच्चों को धीरे-धीरे खाने और भोजन को अच्छी तरह चबाने की आदत डालें। |
गैस वाले पेय पदार्थ और जंक फूड का अधिक सेवन न करने दें। |
|
बुखार, उल्टी या तेज दर्द जैसे चेतावनी संकेतों पर ध्यान दें। |
बार-बार होने वाली या बढ़ती हुई गैस की समस्या को कभी नजरअंदाज न करें। |
|
यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डाक्टर की सलाह अवश्य लें। |
डाक्टर की सलाह के बिना एक साथ कई दवाएं न दें। |
बच्चों में गैस की समस्या से कैसे बचाव करें?
बच्चों में गैस की समस्या से बचाव की शुरुआत अच्छी खानपान की आदतों, बेहतर पाचन क्रिया और उन कारणों से दूरी बनाने से होती है जो गैस बनने का कारण बनते हैं।
गैस की समस्या के खतरे को कम करने के लिए इन आसान उपायों को अपनाएं:
- बच्चे को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में संतुलित भोजन दें, ताकि वह जरूरत से ज्यादा न खाए।
- खानपान में अचानक बदलाव करने से बचें, क्योंकि इससे पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है।
- पैकेट वाले खाद्य पदार्थ, तली-भुनी चीजें और अधिक मिठास वाली वस्तुओं का सेवन सीमित करें।
- बच्चे को रोजाना खेलने-कूदने और शारीरिक गतिविधियां करने के लिए प्रोत्साहित करें।
- नियमित रूप से शौच जाने की आदत बनाएं, ताकि कब्ज से बचाव किया जा सके।
- ऐसे खाद्य पदार्थों पर ध्यान दें, जिनके सेवन से बार-बार गैस की समस्या होती है।
- यह सुनिश्चित करें कि बच्चा पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीए।
- पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए रेशे से भरपूर खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे आहार में शामिल करें।
गैस की समस्या होने पर माता-पिता को बाल रोग विशेषज्ञ से कब सलाह लेनी चाहिए?
बच्चों में गैस की समस्या आमतौर पर सामान्य होती है और उचित देखभाल से ठीक हो जाती है। लेकिन यदि यह बार-बार हो या इसके साथ अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डाक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
यदि आपके बच्चे में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो बाल रोग विशेषज्ञ से अवश्य संपर्क करें:
- पेट में बहुत तेज या लगातार दर्द होना
- बुखार, उल्टी या दस्त होना
- मल में खून या चिपचिपा पदार्थ आना
- पेट का अत्यधिक फूला हुआ, कड़ा या छूने पर दर्द करना
- खाने से मना करना या भूख कम लगना
- वजन का ठीक से न बढ़ना या अचानक वजन कम होना
- लंबे समय से कब्ज की समस्या होना
- शिशु का लगातार रोना और किसी भी उपाय से आराम न मिलना
- घरेलू उपायों या गैस की दवा देने के बाद भी कोई सुधार न होना
ज़ीलैब फार्मेसी की विशेषज्ञ सलाह
ज़ीलैब फार्मेसी में हम बच्चों के लिए बिना पर्ची वाली दवाओं के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं। माता-पिता को बच्चों को गैस की कोई भी दवा देने से पहले उनकी उम्र, दवा की मात्रा, उसमें मौजूद सामग्री और उपयोग करने के निर्देशों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।
इन महत्वपूर्ण बातों का हमेशा ध्यान रखें:
- बच्चे की उम्र के अनुसार ही उचित दवा का चयन करें।
- दवा की निर्धारित मात्रा और उपयोग संबंधी निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
- दवा का उपयोग करने से पहले उसमें मौजूद सामग्री की जांच अवश्य करें, विशेष रूप से जड़ी-बूटी से बनी दवाओं में।
- उचित विकल्प चुनने के लिए फार्मासिस्ट या डाक्टर की सलाह लें।
- बिना सही सलाह के अनावश्यक दवाओं का उपयोग करने से बचें।
गैस की बिना पर्ची वाली दवाएं हल्की परेशानी में राहत देने में मदद कर सकती हैं, लेकिन यदि लक्षण लगातार बने रहें, बहुत गंभीर हों या सामान्य से अलग दिखाई दें, तो बच्चे की जांच बाल रोग विशेषज्ञ से अवश्य करानी चाहिए।
निष्कर्ष
बच्चों में गैस की समस्या बहुत सामान्य है और सही देखभाल, स्वस्थ आदतों तथा उम्र के अनुसार उचित उपचार से इसमें काफी हद तक सुधार किया जा सकता है। सही तरीके से दूध पिलाने, खानपान में बदलाव करने, हल्के राहत उपाय अपनाने और बच्चों के लिए उपयुक्त गैस की दवा चुनने से बच्चे को आराम मिल सकता है।
माता-पिता को बिना सलाह के दवा देने से बचना चाहिए, दवा की मात्रा से जुड़े निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर फार्मासिस्ट या बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही, तेज दर्द, उल्टी, बुखार, ठीक से भोजन न करना या बार-बार होने वाले लक्षणों जैसे चेतावनी संकेतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
समय पर देखभाल और सही मार्गदर्शन के साथ माता-पिता बच्चों में गैस की समस्या को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ संभाल सकते हैं।
Table of Contents
Frequently Asked Questions (FAQs)
Ans.बच्चों में गैस बनने के सामान्य कारण दूध पीते समय हवा निगल लेना, अधिक रोना, स्तनपान के समय सही पकड़ न बन पाना (Improper Latch), पाचन तंत्र (Digestive System) का पूरी तरह विकसित न होना, दूध के प्रकार में बदलाव या आँतों (Gut) में अच्छे जीवाणुओं का धीरे-धीरे विकसित होना हो सकते हैं।
Ans.सामान्यतः स्तनपान कराने से गैस नहीं होती है। लेकिन यदि बच्चा स्तन को सही तरीके से नहीं पकड़ पाता, दूध का बहाव बहुत तेज होता है या दूध पीते समय हवा निगल लेता है, तो गैस की समस्या हो सकती है।
Ans.राजमा, पत्तागोभी, ब्रोकली, प्याज, तले हुए खाद्य पदार्थ, गैस वाले पेय, अधिक मिठाइयाँ और कुछ दुग्ध उत्पाद बच्चों में गैस की समस्या बढ़ा सकते हैं।
Ans.बच्चों में गैस होने पर बार-बार डकार आना, पेट (Stomach) फूलना, अधिक रोना, चिड़चिड़ापन, पैरों को पेट की ओर मोड़ना तथा गैस निकलने के बाद आराम महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
Ans.हाँ, पेट (Stomach) में फँसी हुई गैस के कारण दर्द, ऐंठन, पेट फूलना, बेचैनी और थोड़ी देर के लिए असहजता हो सकती है, खासकर भोजन करने के बाद।
Ans.बच्चों को धीरे-धीरे खाना खिलाना, पर्याप्त पानी पिलाना, हल्की शारीरिक गतिविधि करवाना, भोजन में आवश्यक बदलाव करना, दूध पिलाने के बाद डकार दिलाना और चिकित्सक की सलाह के अनुसार आयु के अनुरूप दवा देना लाभकारी हो सकता है।
Ans.हल्की गैस की समस्या में घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं, लेकिन यदि गैस बार-बार हो, बहुत अधिक हो या कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है ताकि किसी अन्य समस्या की जाँच की जा सके।
Ans.बच्चे को गैस की दवा तभी दें जब वह गैस के कारण असहज महसूस कर रहा हो। दवा देने से पहले उसकी आयु, सही मात्रा और दवा के घटकों की जानकारी अवश्य लें तथा चिकित्सक की सलाह का पालन करें।
Ans.बच्चों के लिए सबसे उपयुक्त गैस की दवा उनकी आयु, लक्षणों और गैस के कारण पर निर्भर करती है। सिमेथिकोन, लाभकारी जीवाणु पूरक या लैक्टेज की बूंदें चिकित्सक की सलाह पर उपयोगी हो सकती हैं।
Ans.अपच (Indigestion) से जुड़ी गैस की समस्या में सिमेथिकोन, लाभकारी जीवाणु पूरक, पाचन एंजाइम या लैक्टेज की बूंदें कारण और चिकित्सक की सलाह के अनुसार लाभ पहुँचा सकती हैं।
Ans.सिमेथिकोन का उपयोग बच्चों में गैस की समस्या के लिए सामान्य रूप से किया जाता है, लेकिन माता-पिता को इसकी सही मात्रा का पालन करना चाहिए और नवजात शिशु को देने से पहले चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
Ans.गैस की दवा हर नवजात शिशु के लिए सुरक्षित नहीं होती। इसलिए नवजात को किसी भी प्रकार की दवा देने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
Ans.यदि गैस के साथ बुखार, उल्टी, दस्त (Diarrhoea), दूध या भोजन ठीक से न लेना, पेट (Stomach) में अत्यधिक सूजन, मल (Stool) में खून आना या लगातार रोना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
ज़ीलैब ग्राइप वॉटर गैस, पेट फूलना, कोलिक और अपच में कोमल राहत देता है। शिशुओं के लिए सुरक्षित, WHO-GMP प्रमाणित और किफायती कीमत में उपलब्ध। Zeelab Pharmacy से बेहतरीन कीमत पर खरीदें।
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