भारत में बवासीर (Piles) की सबसे अच्छी दवा
बवासीर (Piles/Haemorrhoids) गुदा और मलाशय की नसों में सूजन की एक आम समस्या है, जो दर्द और असहजता पैदा कर सकती है। अच्छी बात यह है कि भारत में बवासीर के लक्षणों को कम करने और घाव भरने में मदद करने वाली कई प्रभावी दवाएँ उपलब्ध हैं। इस लेख में हम बवासीर के लिए भरोसेमंद दवाओं के बारे में जानेंगे, जिनमें कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम शामिल हैं। ये उपचार किफायती हैं और बवासीर से परेशान लोगों को राहत देने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।
बवासीर क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?
बवासीर गुदा या मलाशय की सूजी हुई नसें होती हैं, जो दर्द, खुजली या खून आने जैसी समस्या पैदा कर सकती हैं। आम लक्षण इस प्रकार हैं:
- गुदा क्षेत्र में खुजली या जलन।
- मल त्याग के समय दर्द।
- मल त्याग के बाद खून आना।
- गुदा के आसपास सूजन या गांठ जैसा महसूस होना।
अगर आपको ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, तो बवासीर के लिए सही दवा का इस्तेमाल करने से काफी राहत मिल सकती है और घाव जल्दी भरने में मदद मिलती है।
भारत में बवासीर के लिए जेनेरिक दवाएँ
| जेनेरिक नाम | उपयोग / उद्देश्य | रूप |
|---|---|---|
| लिडोकेन (Lignocaine) | क्षेत्र को सुन्न करके दर्द और खुजली से राहत देता है | ऑइंटमेंट / जेल |
| हाइड्रोकोर्टिसोन | सूजन, लालिमा और खुजली को कम करता है | क्रीम / सपोसिटरी |
| फिनाइलेफ्राइन | सूजी हुई रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है | ऑइंटमेंट |
| डायोस्मिन + हेस्पेरिडिन | रक्त प्रवाह में सुधार और नसों को मजबूत करता है | टैबलेट |
| ट्रोक्सेरुटीन | सूजन कम करता है और नसों के स्वास्थ्य में सुधार करता है | टैबलेट |
| कैल्शियम डोबेसिलाट | रक्त संचार में सुधार करता है और खून बहना कम करता है | टैबलेट |
| मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड + लिक्विड पैराफिन + सोडियम पिकोसल्फेट | मल को नरम करने और लैक्सेटिव (Laxative) की तरह काम करने वाली दवा | सिरप |
| विच हेज़ल (हैमामेलिस) | बाहरी बवासीर को शांत करने वाला प्राकृतिक एस्ट्रिंजेंट (Astringent) | वाइप्स / ऑइंटमेंट |
| इसबगोल (साइलियम हस्क) | मल त्याग को आसान बनाने वाला प्राकृतिक फाइबर | ग्रैन्यूल्स / पाउडर |
| रुटीन + विटामिन सी | रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है और खून बहना कम करता है | टैबलेट |
भारत में बवासीर (Piles) की बेहतरीन दवाएँ
नीचे भारत में उपलब्ध बवासीर की दो प्रभावी दवाओं की जानकारी दी गई है:
कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल
- Price: ₹36
- Benefits: कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल रक्त संचार में सुधार करके और नसों की दीवारों को मजबूत बनाकर काम करती है, जिससे बवासीर से जुड़ी सूजन और असहजता कम होती है।
- How to use: अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद दिन में एक कैप्सूल लें। नियमित उपयोग से लक्षणों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
- कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल क्यों चुनें? यह किफायती, असरदार और बवासीर को मैनेज करने के लिए भरोसेमंद विकल्प है।
पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम

- Price: ₹49
- Benefits: यह क्रीम बवासीर से होने वाली खुजली, दर्द और जलन से जल्दी राहत देती है। साथ ही प्रभावित हिस्से के घाव भरने में भी मदद करती है।
- How to use: डॉक्टर की सलाह के अनुसार या दिन में 2–3 बार थोड़ी मात्रा में क्रीम प्रभावित जगह पर लगाएँ।
- पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम क्यों चुनें? यह किफायती, आसानी से उपयोग होने वाली क्रीम है, जो बाहरी बवासीर में तेज राहत देती है।
बवासीर में संक्रमण होने पर उपयोगी एंटीबायोटिक दवाएँ
| एंटीबायोटिक नाम | उपयोग / उद्देश्य | रूप |
|---|---|---|
| मेट्रोनिडाज़ोल | गुदा क्षेत्र के आसपास (Anaerobic) बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज | टैबलेट / क्रीम / जेल |
| सिप्रोफ्लोक्सासिन | मलाशय क्षेत्र में संक्रमण नियंत्रण के लिए (Broad-Spectrum) एंटीबायोटिक | टैबलेट |
| ओफ़्लॉक्सासिन + ऑर्निडाज़ोल | संक्रमित बवासीर या पेरिअनल (Abscess) के लिए उपयोगी संयोजन एंटीबायोटिक | टैबलेट |
| एमोक्सिसिलिन + क्लैवुलैनिक एसिड | बवासीर की सर्जरी के बाद या गंभीर संक्रमण के इलाज में उपयोग | टैबलेट |
| फ्यूसिडिक एसिड क्रीम | बवासीर वाली त्वचा पर बैक्टीरियल संक्रमण के लिए बाहरी (Topical) एंटीबायोटिक | क्रीम |
ध्यान दें: एंटीबायोटिक दवाएँ केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए। सामान्य बवासीर में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती, जब तक कि संक्रमण न हो।
बवासीर की दवाओं के फायदे
- दर्द और असहजता से राहत: गुदा क्षेत्र में दर्द, जलन और खुजली को कम करने में मदद करती हैं, जिससे आराम मिलता है।
- सूजन और इंफ्लेमेशन कम करना: सूजी हुई नसों को सिकोड़ती हैं और सूजे हुए ऊतकों को शांत करती हैं।
- खून बहना नियंत्रित करना: खासकर खून वाली बवासीर में मल त्याग के दौरान खून बहना कम या बंद करने में मदद करती हैं।
- क्षतिग्रस्त ऊतकों की भरपाई: प्रभावित हिस्से के घाव जल्दी भरने में मदद करती हैं और संक्रमण से बचाव करती हैं।
- रक्त संचार में सुधार: नसों की दीवारों को मजबूत बनाती हैं और खासकर अंदरूनी बवासीर में रक्त प्रवाह बेहतर करती हैं।
- मल को नरम बनाना और मल त्याग आसान करना: कुछ दवाएँ मल को नरम करने या हल्के (Laxative) की तरह काम करके जोर लगाने से बचाती हैं।
- दोबारा होने की संभावना कम करना: नियमित और सही उपयोग, साथ में जीवनशैली में सुधार, भविष्य में बवासीर के दोबारा भड़कने की संभावना घटाते हैं।
- किफायती और आसानी से उपलब्ध: भारत में ज्यादातर बवासीर की दवाएँ बजट-फ्रेंडली हैं और आसानी से मिल जाती हैं।
- बिना सर्जरी का विकल्प: शुरुआती से मध्यम स्तर की बवासीर को बिना ऑपरेशन के प्रभावी तरीके से मैनेज करने में मदद करती हैं।
- नियमित उपयोग के लिए सामान्यतः सुरक्षित: डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीमित समय या जरूरत के हिसाब से लेने पर आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती हैं।
इन बवासीर की दवाओं को क्यों चुनें?
कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम क्रीम दोनों ही किफायती, असरदार और भारत में कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाई जाने वाली दवाएँ हैं। इनकी खास संरचना बवासीर के मूल कारणों पर काम करती है, जिससे दर्द और असहजता में राहत मिलती है और घाव भरने की प्रक्रिया तेज होती है।
बवासीर को मैनेज करने के उपयोगी टिप्स
बवासीर की दवाओं के साथ-साथ आप कुछ आसान उपाय अपनाकर लक्षणों को कंट्रोल और दोबारा होने से बचाव कर सकते हैं:
- दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।
- खाने में फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें, ताकि कब्ज न हो।
- मल त्याग के समय जोर लगाने से बचें।
- वजन नियंत्रित रखें, ताकि नसों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
- रोजाना हल्का व्यायाम करें, जिससे रक्त संचार बेहतर हो।
निष्कर्ष
बवासीर तकलीफदेह हो सकती है, लेकिन सही दवाओं से काफी राहत मिल सकती है। कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम भारत में उपलब्ध दो भरोसेमंद विकल्प हैं, जो असरदार होने के साथ-साथ किफायती भी हैं। इन दवाओं के साथ अगर आप अपनी जीवनशैली में सुधार करते हैं, तो बवासीर को बेहतर तरीके से मैनेज और भविष्य में होने से काफी हद तक रोका जा सकता है। कोई भी इलाज शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें, ताकि आपके लिए सही और सुरक्षित उपचार चुना जा सके। आज ही अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लें और बवासीर के लक्षणों से राहत पाने की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
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Frequently Asked Questions (FAQs)
Ans.बवासीर आमतौर पर निचले मलाशय में बढ़े हुए दबाव के कारण होती है। इसके पीछे कब्ज, मल त्याग के समय जोर लगाना, मोटापा, प्रेग्नेंसी या लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली जैसे कारण हो सकते हैं।
Q. बवासीर (Piles) होने के मुख्य कारण क्या हैं?
A. बवासीर आमतौर पर निचले मलाशय में बढ़े हुए दबाव के कारण होती है। इसके पीछे कब्ज, मल त्याग के समय जोर लगाना, मोटापा, प्रेग्नेंसी या लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली जैसे कारण हो सकते हैं।
Ans.हाँ, कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल रक्त संचार में सुधार और नसों की दीवारों को मजबूत बनाकर काम करती है, जिससे बवासीर से होने वाली सूजन, दर्द और असहजता कम करने में मदद मिलती है।
Q. क्या कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल बवासीर में असरदार है?
A. हाँ, कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल रक्त संचार में सुधार और नसों की दीवारों को मजबूत बनाकर काम करती है, जिससे बवासीर से होने वाली सूजन, दर्द और असहजता कम करने में मदद मिलती है।
Ans.पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम क्रीम बवासीर से होने वाली खुजली, दर्द और जलन से जल्दी राहत देती है। नियमित रूप से लगाने पर यह प्रभावित हिस्से के घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करती है।
Q. पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम कैसे काम करती है?
A. पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम क्रीम बवासीर से होने वाली खुजली, दर्द और जलन से जल्दी राहत देती है। नियमित रूप से लगाने पर यह प्रभावित हिस्से के घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करती है।
Ans.हाँ, अंदर से असर करने वाली कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और बाहर से लगाने वाली पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम क्रीम को साथ में इस्तेमाल करने से समग्र राहत मिल सकती है। लेकिन दोनों दवाएँ एक साथ शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Q. क्या बवासीर के इलाज में कैप्सूल और क्रीम दोनों साथ में इस्तेमाल कर सकते हैं?
A. हाँ, अंदर से असर करने वाली कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और बाहर से लगाने वाली पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम क्रीम को साथ में इस्तेमाल करने से समग्र राहत मिल सकती है। लेकिन दोनों दवाएँ एक साथ शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Ans.अगर इन्हें डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार लिया जाए तो कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम दोनों को सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है। बिना सलाह के खुराक या अवधि न बढ़ाएँ।
Q. क्या ये बवासीर की दवाएँ रोजाना इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
A. अगर इन्हें डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार लिया जाए तो कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम दोनों को सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है। बिना सलाह के खुराक या अवधि न बढ़ाएँ।
Ans.हल्की बवासीर कई बार फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त पानी पीने और जीवनशैली में बदलाव से बेहतर हो सकती है। लेकिन दवाएँ लेने से दर्द, सूजन और खून बहने जैसे लक्षण जल्दी कम होते हैं और घाव जल्दी भरते हैं।
Q. क्या बिना दवा के भी बवासीर ठीक हो सकती है?
A. हल्की बवासीर कई बार फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त पानी पीने और जीवनशैली में बदलाव से बेहतर हो सकती है। लेकिन दवाएँ लेने से दर्द, सूजन और खून बहने जैसे लक्षण जल्दी कम होते हैं और घाव जल्दी भरते हैं।
Ans.भारत में कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम सहित कई बवासीर की दवाएँ (Over-The-Counter) उपलब्ध हैं। फिर भी, अपने लक्षणों के अनुसार सही दवा चुनने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।
Q. क्या ये बवासीर की दवाएँ बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिल जाती हैं?
A. भारत में कैल्शियम डोबेसिलेट 500 mg कैप्सूल और पाइल्स दफा - एंटी हेमोरोइडल क्रीम सहित कई बवासीर की दवाएँ (Over-The-Counter) उपलब्ध हैं। फिर भी, अपने लक्षणों के अनुसार सही दवा चुनने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।
Ans.नियमित उपयोग शुरू करने के कुछ ही दिनों में जलन, दर्द और खुजली जैसे लक्षणों में राहत महसूस होने लगती है। पूरी तरह आराम मिलने में आमतौर पर 1 से 2 सप्ताह लग सकते हैं, यह आपकी स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है।
Q. बवासीर की दवा से असर दिखने में कितना समय लगता है?
A. नियमित उपयोग शुरू करने के कुछ ही दिनों में जलन, दर्द और खुजली जैसे लक्षणों में राहत महसूस होने लगती है। पूरी तरह आराम मिलने में आमतौर पर 1 से 2 सप्ताह लग सकते हैं, यह आपकी स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है।
Ans.फाइबर से भरपूर आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना, मल त्याग के समय जोर न लगाना और लंबे समय तक एक ही जगह बैठे न रहना – ये सब आदतें बवासीर के दोबारा होने की संभावना को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
Q. इलाज के बाद बवासीर दोबारा न हो, इसके लिए क्या करें?
A. फाइबर से भरपूर आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना, मल त्याग के समय जोर न लगाना और लंबे समय तक एक ही जगह बैठे न रहना – ये सब आदतें बवासीर के दोबारा होने की संभावना को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
Ans.अगर लक्षण एक सप्ताह से ज्यादा समय तक बने रहें, या मल त्याग के समय बहुत ज्यादा खून आए, तेज दर्द हो, या गुदा के पास बनी गांठ कम न हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
Q. बवासीर के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
A. अगर लक्षण एक सप्ताह से ज्यादा समय तक बने रहें, या मल त्याग के समय बहुत ज्यादा खून आए, तेज दर्द हो, या गुदा के पास बनी गांठ कम न हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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