कंप्यूटर और मोबाइल यूज़र्स के लिए बेस्ट आई ड्रॉप्स (Eye Drops)
आजकल भारत में लोग अपना बहुत सारा समय कंप्यूटर और फोन पर बिता रहे हैं, जो दिन में लगभग 7 से 11 घंटे तक होता है। इतनी देर तक स्क्रीन देखने से आँखों में थकान और भारीपन महसूस हो सकता है, यही कारण है कि अब ज्यादा लोग आई ड्रॉप्स (eye drops) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
जब आप घंटों स्क्रीन को एकटक देखते हैं, तो आप अपनी पलकें कम झपकाते हैं। इससे आँखों में सूखापन (dryness), जलन और थकान महसूस हो सकती है, और कभी-कभी धुंधलापन भी आ जाता है जो आसानी से ठीक नहीं होता।
डिजिटल काम करने वाले कई लोगों के लिए अब 'लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स' उनकी दिनचर्या का एक जरूरी हिस्सा बन गई हैं, क्योंकि स्क्रीन के इस्तेमाल से होने वाली ये समस्याएँ समय के साथ बढ़ सकती हैं। यह गाइड आपको यह समझने में मदद करेगी कि स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने वालों के लिए कौन सी आई ड्रॉप्स सबसे अच्छी हैं और अपनी आँखों की सुरक्षा के लिए सही ड्रॉप्स का चुनाव कैसे करें।
स्क्रीन आपकी आँखों को नुकसान क्यों पहुँचाती है?
स्क्रीन पर बहुत ज्यादा समय बिताने से पलकें झपकने की दर कम हो जाती है, जिससे आँखों में सूखापन, खुजली और धुंधलापन हो सकता है। इसे 'ड्राई आई सिंड्रोम' और 'डिजिटल आई स्ट्रेन' कहा जाता है, क्योंकि आँखों की सतह को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती है।
स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू-लाइट (नीली रोशनी) इस परेशानी को और बढ़ा देती है। लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल करने से आँखों में जलन और चुभन होने लगती है।
कम पलकें झपकना: ड्राई आइज का मुख्य कारण
जब आप लंबे समय तक स्क्रीन को देखते हैं, तो आप सामान्य से बहुत कम बार पलकें झपकाते हैं। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति एक मिनट में लगभग 18 बार पलकें झपकाता है, लेकिन स्क्रीन के सामने यह संख्या घटकर केवल 6 रह जाती है। कम झपकने के कारण आँखों की नमी कम हो जाती है, जिससे सूखापन और तनाव महसूस होता है।
ज्यादा देर स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने से आपकी आँखों के आँसू जल्दी सूखने लगते हैं, यही वजह है कि कंप्यूटर या फोन पर घंटों काम करने वालों की आँखें अक्सर दुखने लगती हैं।
ब्लू लाइट और आँखों की बेचैनी
डिजिटल स्क्रीन पर घंटों गेम खेलना, स्क्रॉल करना या ऑफिस का काम करना आँखों को बुरी तरह थका सकता है। ब्लू लाइट आँखों के झपकने की गति को कम करती है और आँखों के रेटिना पर दबाव बढ़ाती है, जिससे बेचैनी बढ़ती है।
देर रात तक फोन चलाना या बहुत ज्यादा ब्राइटनेस (चमक) में काम करना इस समस्या को और गंभीर बना देता है। अपनी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी आदतें अपनाना और नमी देने वाली आई ड्रॉप्स का उपयोग करना बहुत फायदेमंद साबित होता है।
कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (CVS) क्या है?
स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताने से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है। इसके लक्षणों में आँखों का सूखापन, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देना शामिल है।
आई ड्रॉप्स आँखों में नमी लौटाकर, जलन कम करने और स्क्रीन के कारण होने वाले तनाव को दूर करने में मदद करती हैं। ये आपकी आँखों को हाइड्रेटेड रखती हैं, जिससे आप बेहतर महसूस करते हैं और बिना किसी परेशानी के अपना काम कर पाते हैं।
वे लक्षण जो बताते हैं कि आपको आई ड्रॉप्स की जरूरत है
फोन या कंप्यूटर की स्क्रीन पर बहुत ज्यादा समय बिताना आपकी आँखों को बुरी तरह थका सकता है। इससे आँखों में जलन, धुंधलापन और सूखापन (dryness) हो सकता है क्योंकि ध्यान केंद्रित करने के कारण आप पलकें कम झपकाते हैं। यदि आप इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स (lubricating eye drops) या आर्टिफिशियल टीयर्स (artificial tears) का उपयोग आपको तुरंत राहत दे सकता है।
स्क्रीन के इस्तेमाल के बाद आँखों का सूखना, लाल होना या जलन होना
दिन भर स्क्रीन की ओर देखने से आँखें लाल हो सकती हैं और उनमें चुभन महसूस हो सकती है। आई ड्रॉप्स इसमें आपकी मदद कर सकती हैं। यदि स्क्रीन टाइम की वजह से आपकी आँखें लाल और चिड़चिड़ी हो जाती हैं, तो आई ड्रॉप्स की कुछ बूंदें उन्हें शांत कर सकती हैं। डिजिटल आई स्ट्रेन के लिए बनी ये ड्रॉप्स आँखों की नमी वापस लाती हैं और थकान कम करके आपको बेहतर महसूस कराती हैं।
आँखों में जलन, चुभन या खुजली महसूस होना
स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताने से आँखें सूख सकती हैं, जिससे जलन, चुभन या खुजली जैसे असहज और दर्दनाक लक्षण पैदा हो सकते हैं।
अगर स्क्रीन देखने के बाद आपकी आँखों में पानी आता है या खुजली होती है, तो आई ड्रॉप्स काफी राहत पहुँचा सकती हैं। ये सूखेपन को दूर करती हैं, जलन को कम करती हैं और आँखों में नमी की कमी को पूरा करती हैं, जिससे आप बिना किसी तनाव के देख पाते हैं।
धुंधली दृष्टि और आँखों की थकान
बहुत देर तक स्क्रीन देखने से आँखों में भारीपन आ जाता है। लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने से आँखों पर दबाव पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे चीजें धुंधली दिखाई देने लगती हैं।
आई ड्रॉप्स आँखों को गीला रखने और दृष्टि को साफ करने में मदद करती हैं। ये डिजिटल उपकरणों पर काम करते समय होने वाली थकान और तनाव को कम करती हैं।
कंप्यूटर और मोबाइल यूजर्स के लिए Zeelab Pharmacy की बेहतरीन आई ड्रॉप्स (Eye Drops)
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, भारत के युवाओं के लिए अब किफायती और बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। Zeelab Pharmacy ऐसे उत्पाद प्रदान करती है जो WHO/GMP प्रमाणित हैं, यानी ये वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं। इसके अलावा, हमारी डिलीवरी भारत के 1,800 से अधिक शहरों में उपलब्ध है। यहाँ कुछ प्रभावी आई ड्रॉप्स दी गई हैं:
Hypermist 1 Eye Drops
Hypermist 1 आई ड्रॉप्स सूखी आँखों (dry eyes) के इलाज में बहुत मददगार हैं। ये जलन को शांत करती हैं और आँखों को आराम पहुँचाती हैं। इन्हें 'आँखों के मॉइस्चराइजर' की तरह समझें जो आँखों की सतह पर एक सुरक्षा कवच बनाती हैं, जिससे खुरदरापन महसूस नहीं होता।
- कॉम्पोजिशन: Sodium Carboxymethylcellulose (1% w/v)
- यह क्या काम करता है: यह सूखेपन को खत्म करने और नमी बनाए रखने में लाजवाब है। यह स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले तनाव को कम करता है।
- इस्तेमाल का तरीका: दिन में दो या तीन बार प्रत्येक आँख में एक बूंद डालें।
Hypermist 0.5 Eye Drops
Hypermist 0.5 आई ड्रॉप्स सूखी आँखों के लिए एक असरदार इलाज है। इसमें दो खास तत्व हैं: सोडियम कार्बोक्सीमिथाइलसेलुलोज जो आँखों को लुब्रिकेट करता है, और स्टेबलाइज्ड ऑक्सीक्लोरो कॉम्प्लेक्स जो ड्रॉप्स की शुद्धता बनाए रखता है।
- कॉम्पोजिशन: Sodium Carboxymethylcellulose (0.5% w/v) + Stabilized Oxychloro Complex (0.005% w/v)
- यह क्या काम करता है: यह आँखों की लालिमा, खुजली और सूखेपन को कम करके उन्हें नमी देता है।
- इस्तेमाल का तरीका: डॉक्टर की सलाह के अनुसार या प्रभावित आँख में दिन में दो-तीन बार एक बूंद डालें।
Lubitina Eye Drops
Lubitina आई ड्रॉप्स खास तौर पर हवा, धूप या लंबे स्क्रीन टाइम के कारण होने वाली जलन और बेचैनी से राहत देने के लिए बनाई गई हैं।
- कॉम्पोजिशन: Hydroxypropylmethylcellulose (0.3% w/v)
- यह क्या काम करता है: यह खुजली वाली और सूखी आँखों को तुरंत ठंडक पहुँचाता है।
- इस्तेमाल का तरीका: प्रत्येक आँख में दिन में दो या तीन बार एक बूंद डालें।
Lobocool Eye Drops
Lobocool आई ड्रॉप्स में पॉलीथीन ग्लाइकोल-400 और प्रोपलीन ग्लाइकोल शामिल हैं, जो आँखों को हाइड्रेट करते हैं। अगर धूल या स्क्रीन की वजह से आँखों में बेचैनी है, तो ये ड्रॉप्स बहुत आरामदायक हैं।
- कॉम्पोजिशन: Polyethylene Glycol (0.4% w/v) + Propylene Glycol (0.3% w/v)
- यह क्या काम करता है: यह आँखों की लालिमा कम करता है और बाहरी वातावरण या स्क्रीन के कारण होने वाले सूखेपन को ठीक करता है।
- इस्तेमाल का तरीका: दिन में दो से तीन बार एक-एक बूंद डालें या अपने डॉक्टर के निर्देशानुसार उपयोग करें।
Zeemoist Eye Drops (ज़ीमोइस्ट आई ड्रॉप्स)
Zeemoist Eye Drops आँखों की विभिन्न समस्याओं जैसे कि सर्जरी के बाद होने वाली सूजन, लालिमा और जलन को दूर करने में बहुत कारगर हैं।
- कंपोजीशन (सामग्री): सोडियम हाइलूरोनेट (Sodium Hyaluronate - 0.1% w/v)
- यह क्या काम करता है: यह आँखों की प्राकृतिक नमी को वापस लाकर सूखेपन (dryness), जलन और स्क्रीन के कारण होने वाली थकान को कम करता है।
- इस्तेमाल का तरीका: आँखों में तकलीफ महसूस होने पर प्रभावित आँख में एक बूंद डालें।
स्क्रीन पर काम करते समय सही आई ड्रॉप्स का चुनाव कैसे करें?
यदि आप मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो हमेशा सौम्य और मॉइस्चराइजिंग फॉर्मूला वाली ड्रॉप्स चुनें। अगर आपको इनका बार-बार उपयोग करना पड़ता है, तो 'प्रिजर्वेटिव-फ्री' (preservative-free) ड्रॉप्स सबसे अच्छी होती हैं, क्योंकि ये आँखों को सुरक्षित रखती हैं और बिना किसी जलन के आराम पहुँचाती हैं।
ऐसी आई ड्रॉप्स ढूँढें जो 'आर्टिफिशियल टियर्स' (artificial tears) की तरह काम करें, ताकि आँखों की लालिमा, जलन या थकान कम हो सके। अगर आप दिन भर गैजेट्स से चिपके रहते हैं, तो ऐसी ड्रॉप्स लें जो विशेष रूप से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम या फोन के कारण होने वाले सूखेपन को दूर करें। बस यह सुनिश्चित करें कि उनमें सुरक्षित सामग्री हो ताकि आपकी आँखें स्वस्थ रहें और आपकी दृष्टि साफ बनी रहे।
आई ड्रॉप्स (Eye Drops) में इन जरूरी सामग्रियों को जरूर देखें
पूरा दिन स्क्रीन की तरफ देखते रहने के कारण, आँखों के लिए सही ड्रॉप्स चुनना बहुत जरूरी है। आपको ऐसी ड्रॉप्स चाहिए जो आँखों को नुकसान न पहुँचाएं बल्कि उन्हें सुरक्षित और आरामदायक महसूस कराएं।
अच्छी आई ड्रॉप्स में हाइलूरोनिक एसिड (Hyaluronic acid) या सोडियम कार्बोक्सिमिथाइलसेलुलोज (Sodium carboxymethylcellulose) होना चाहिए जो आँखों में चिकनाई (lubrication) बनाए रखे। इसके अलावा, इलेक्ट्रोलाइट्स नमी को बहाल करने में मदद करते हैं।
ऐसी ड्रॉप्स से बचें जिनमें बहुत ज्यादा 'डिकॉन्गेस्टेंट' (decongestants) हों, क्योंकि ये लंबे समय में आँखों को और सुखा सकती हैं। ऊपर बताई गई सामग्री आपकी आँखों की नमी वाली परत को ठीक करती है और कंप्यूटर-फोन के कारण होने वाली चुभन को खत्म करती है।
लालिमा कम करने वाली (Redness-Relief) ड्रॉप्स से कब बचें?
अगर आप रोज़ाना आँखों की लाली कम करने के लिए ड्रॉप्स डाल रहे हैं, तो यह एक संकेत है कि आपकी आँखों को आराम की ज़रूरत है। ये ड्रॉप्स रक्त वाहिकाओं को सिकोड़कर लाली तो कम कर देती हैं, लेकिन इनके ज्यादा इस्तेमाल से आँखें और भी ज्यादा लाल दिखने लग सकती हैं।
दिन बनाम रात के समय की आई ड्रॉप्स
अगर दिन भर स्क्रीन देखने से आँखें सूख गई हैं, तो कुछ बूंदें तुरंत आराम पहुँचाती हैं। अनुभव के आधार पर, रात में सोने से पहले हाइड्रेटिंग ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से अगली सुबह आँखें तरोताजा महसूस होती हैं और थकान नहीं होती।
स्क्रीन से होने वाली थकान कम करने के प्राकृतिक और आज़माए हुए तरीके
ज्यादा स्क्रीन टाइम आँखों को ड्राई और चिड़चिड़ा बना सकता है। प्रिजर्वेटिव-फ्री आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने के अलावा, कुछ अच्छी आदतें भी आपकी मदद कर सकती हैं।
जानबूझकर बार-बार पलकें झपकाना और स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम रखना सूखेपन को रोकने के बेहतरीन तरीके हैं।
20-20-20 नियम का पालन करें
यह बहुत ही सरल और असरदार नियम है: हर 20 मिनट में, कम से कम 20 फीट दूर रखी किसी चीज़ को 20 सेकंड के लिए देखें।
अक्सर कंप्यूटर पर काम करते समय हम पलकें झपकाना भूल जाते हैं, जिससे आँखों में भारीपन महसूस होता है। ऐसी स्थिति में, आप थकान मिटाने के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का सहारा ले सकते हैं।
स्क्रीन की चमक कम करें और ज्यादा पलकें झपकाएं
स्क्रीन की ब्राइटनेस कम करने से आँखों पर दबाव कम पड़ता है। आप पलकें झपकाने के लिए रिमाइंडर भी लगा सकते हैं, ताकि काम के दौरान आपकी आँखें अपनी प्राकृतिक नमी न खोएं।
स्क्रीन से सही दूरी + लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स
डिजिटल काम करने वालों के लिए जरूरी है कि वे कंप्यूटर स्क्रीन से एक सही दूरी बनाए रखें और साथ में क्वालिटी आई ड्रॉप्स का उपयोग करें। इससे आँखों की नमी बनी रहेगी और आप बिना किसी परेशानी के अपना काम कर पाएंगे।
विभिन्न स्क्रीन यूजर्स के लिए सबसे अच्छी आई ड्रॉप्स
चाहे आप एक छात्र हों, फ्रीलांसर हों, गेमर हों या ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करने वाले प्रोफेशनल, आपको अपनी जरूरतों के अनुसार सही आई ड्रॉप्स का चुनाव करना चाहिए। ये आई ड्रॉप्स स्क्रीन के इस्तेमाल से होने वाले सूखेपन (dryness), जलन, लालिमा और थकान को दूर करने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई हैं।
छात्रों और ऑनलाइन गेमर्स के लिए
यदि आप एक छात्र हैं या गेमिंग और इंटरनेट के जरिए कमाई करते हैं, तो घंटों स्क्रीन को एकटक देखने से आपकी आँखें थक सकती हैं। सही आई ड्रॉप्स का उपयोग आपकी आँखों की नमी बनाए रखने और पढ़ाई या गेमिंग के दौरान फोकस बढ़ाने में बहुत मददगार साबित होता है।
आईटी प्रोफेशनल्स और वर्क-फ्रॉम-होम यूजर्स
अगर आप टेक की दुनिया में हैं या घर से काम (WFH) करते हैं, तो आपका ज्यादातर समय लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन पर बीतता होगा। इससे आँखों में खिंचाव और भारीपन महसूस होना आम है। लंबे समय तक काम के दौरान आँखों को फ्रेश रखने के लिए हाइड्रेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करना अनिवार्य है।
निष्कर्ष
दिन भर स्क्रीन की ओर देखना आपकी आँखों को थका सकता है। इसलिए, आँखों को सूखापन और जलन से बचाने के लिए सही आई ड्रॉप्स चुनना बहुत महत्वपूर्ण है। लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स (lubricating drops) न केवल जलन कम करती हैं, बल्कि आँखों की सुरक्षा परत को भी बनाए रखती हैं, क्योंकि स्क्रीन देखते समय हम पलकें कम झपकाते हैं।
आँखों को हाइड्रेटेड रखना आपकी सेहत और काम की क्षमता (productivity) दोनों के लिए जरूरी है। अपनी आँखों को हर दिन तरोताजा और सुरक्षित रखने के लिए Zeelab Pharmacy से किफायती और सुरक्षित लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स आज ही खरीदें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र. कंप्यूटर और मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के लिए कौन से ब्रांड की आई ड्रॉप्स अच्छी हैं?
उ. अगर स्क्रीन के कारण आँखें सूखी महसूस होती हैं, तो 'प्रिजर्वेटिव-फ्री लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स' सबसे अच्छी रहती हैं। ये आँखों की नमी बनाए रखती हैं और स्क्रीन का उपयोग आरामदायक बनाती हैं।
प्र. क्या स्क्रीन से होने वाली ड्राई-आई का कोई सुरक्षित इलाज है?
उ. हाँ, आप रोजाना प्रिजर्वेटिव-फ्री ड्रॉप्स का उपयोग कर सकते हैं। ये तब बहुत काम आती हैं जब लंबे समय तक कंप्यूटर देखने और पलकें कम झपकाने के कारण आँखों की सतह सूख जाती है।
प्र. क्या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स 'डिजिटल आई स्ट्रेन' (आँखों के तनाव) में मदद करती हैं?
उ. जी हाँ, ये ड्रॉप्स आँखों की प्राकृतिक टियर डक्ट्स (आँसू ग्रंथियों) को स्वस्थ रखने और थकान दूर करने में मदद करती हैं।
प्र. क्या लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले सूखेपन में 'आर्टिफिशियल टियर्स' मदद करते हैं?
उ. बिल्कुल, आर्टिफिशियल टियर्स आँखों में नमी की कमी को पूरा करते हैं, जिससे लैपटॉप पर काम करते समय सूखापन और चुभन महसूस नहीं होती।
प्र. क्या आई ड्रॉप्स मोबाइल स्क्रीन से होने वाली धुंधली दृष्टि (blurred vision) में मदद कर सकती हैं?
उ. अगर सूखापन (dryness) की वजह से धुंधला दिख रहा है, तो री-वेटिंग (rewetting) ड्रॉप्स बहुत फायदेमंद हैं। ये आँखों को गीला रखकर दृष्टि को साफ करने में मदद करती हैं।
प्र. कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों को आई ड्रॉप्स में कौन सी सामग्री देखनी चाहिए?
उ. आपको अपनी आई ड्रॉप्स में कार्बोक्सिमिथाइलसेलुलोज (carboxymethylcellulose), सोडियम हाइलूरोनेट (sodium hyaluronate) या ग्लिसरीन जैसे तत्वों को देखना चाहिए। ये नमी को रोकने और आँखों को राहत देने में माहिर हैं।
प्र. क्या रात के समय स्क्रीन के कारण होने वाले सूखेपन के लिए आई ड्रॉप्स सुरक्षित हैं?
उ. हाँ, रात के समय जेल (gel) या गाढ़ी लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स का उपयोग करना बहुत सुखद होता है, क्योंकि ये सोते समय आँखों को गहराई से मॉइस्चराइज करती हैं।
प्र. क्या आई ड्रॉप्स मोबाइल की नीली रोशनी (Blue Light) से बचाती हैं?
उ. नहीं, आई ड्रॉप्स ब्लू लाइट को नहीं रोकतीं। ये केवल उस जलन और सूखेपन को ठीक करती हैं जो स्क्रीन के सामने बैठने से होता है। ब्लू लाइट से बचने के लिए स्क्रीन फिल्टर्स या चश्मे का उपयोग करें।
प्र. क्या लगातार स्क्रीन देखने वालों को प्रिजर्वेटिव-फ्री ड्रॉप्स की जरूरत होती है?
उ. हाँ, अगर आप बार-बार ड्रॉप्स डालते हैं, तो प्रिजर्वेटिव-फ्री फॉर्मूला सबसे अच्छा है क्योंकि यह बार-बार इस्तेमाल करने पर भी आँखों को नुकसान नहीं पहुँचाता।
प्र. क्या 8+ घंटे काम करने के बाद आई ड्रॉप्स थकी हुई आँखों पर काम करेंगी?
उ. जी हाँ, लंबे समय तक काम करने के बाद ये ड्रॉप्स आँखों को तुरंत ठंडक और आराम पहुँचाने का जादुई काम करती हैं।
Polyethylene Glycol 400 (0.4% W/V) + Propylene Glycol (0.3% W/V) + Benzalkonium Chloride (As presevative) (0.02% V/V)
10 ml Eye drops in 1 bottle
Sodium Carboxymethylcellulose (1% w/v)
10 ml In 1 bottle
Sodium Carboxymethylcellulose (0.5% w/v) + Stabilized Oxychloro Complex (0.005% w/v)
10 ml In 1 bottle
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