facebook


आयुर्वेद में हरड़ (हरितकी) के लाभ, उपयोग और खुराक

harad harad
Published On : 11 Jun, 2025 | Written By : Mr. Deepak Saini | Reviewed By : Dr. Anubhav Singh

हरड़, जिसे आयुर्वेद में हरितकी के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत प्रतिष्ठित औषधीय जड़ी-बूटी है और इसे “औषधियों का राजा” कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार हरड़ त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करने में सहायक मानी जाती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पाचन को बेहतर बनाने, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और लंबे समय तक संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किया जाता है। हरड़ के पुनर्योजी, रेचक और सूजनरोधी गुण इसे समग्र उपचार और रोग-निवारण में एक महत्वपूर्ण औषधि बनाते हैं।

हरड़ का पोषण मूल्य

पोषक तत्व प्रति 100 ग्राम मात्रा
कैलोरी 319 kcal
कार्बोहाइड्रेट 69.7 g
फाइबर 38 g
प्रोटीन 3.7 g
वसा 1 g
कैल्शियम 185 mg
आयरन 2.7 mg
पोटैशियम 700 mg
सोडियम 55 mg

हरड़ का महत्व

आयुर्वेदिक चिकित्सा में हरड़ का विशेष महत्व है क्योंकि यह शरीर को शुद्ध करने और रोगों से बचाने में मदद करती है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, पाचन क्रिया को मजबूत करती है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है। इसके पाचन को उत्तेजित करने वाले और हल्के रेचक गुण पेट फूलना, कब्ज और त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं। हरड़ हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक संपूर्ण स्वास्थ्य टॉनिक के रूप में मानी जाती है।

हरड़ के फायदे

पाचन स्वास्थ्य के लिए हरड़

  • फायदे: हरड़ पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह मल त्याग को आसान बनाती है, कब्ज से राहत दिलाती है और पाचन को सुधारती है। इसलिए यह दस्त, अपच और गैस जैसी पेट की समस्याओं में लाभकारी होती है।

शरीर को डिटॉक्स करने में हरड़

  • फायदे: हरड़ में प्राकृतिक डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे त्वचा साफ रहती है, दाने और फुंसियां कम होती हैं और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है।

इम्यूनिटी बढ़ाने में हरड़

  • फायदे: हरड़ रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है। यह शरीर को बाहरी रोगाणुओं से बचाने में मदद करती है और संक्रमण के खतरे को कम करती है।

वजन घटाने के लिए हरड़

  • फायदे: हरड़ वजन नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती है। यह पाचन और आंतों से पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाती है, जिससे भूख नियंत्रित रहती है, मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, चर्बी टूटने में मदद मिलती है और वजन घटाने में सहयोग मिलता है।

मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक

  • फायदे: हरड़ मस्तिष्क स्वास्थ्य को बनाए रखने में उपयोगी है। यह याददाश्त को बेहतर बनाती है, एकाग्रता बढ़ाती है और दिमागी कार्यक्षमता को सक्रिय रखने में मदद करती है।

एंटीऑक्सीडेंट के रूप में हरड़

  • फायदे: हरड़ त्वचा को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाती है। यह झुर्रियों और फाइन लाइन्स जैसे बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मदद करती है और त्वचा को युवा बनाए रखने में सहायक होती है।

श्वसन संबंधी समस्याओं में हरड़ का उपयोग

  • फायदे: हरड़ श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होती है। इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खांसी और अस्थमा जैसी सांस से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है।

डायबिटीज नियंत्रण में हरड़

  • फायदे: हरड़ रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह इंसुलिन की क्रिया को उत्तेजित करती है, मेटाबॉलिज्म सुधारती है, शुगर के टूटने में सहयोग देती है और मधुमेह प्रबंधन में उपयोगी मानी जाती है।

हरड़ कैसे लें?

हरड़ कैप्सूल, पाउडर या टिंचर किसी भी रूप में ली जा सकती है। इसे गुनगुने पानी या शहद के साथ लेना बेहतर माना जाता है। आमतौर पर भोजन के बाद हरड़ का सेवन किया जाता है। सही मात्रा और सेवन विधि के लिए हमेशा चिकित्सक या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।

हरड़ कब लें?

सुबह: शरीर की सफाई (डिटॉक्स), पाचन सुधार और वजन घटाने के लिए

रात (सोने से पहले): कब्ज दूर करने और आंतों की गहराई से सफाई के लिए

आमतौर पर इसे खाली पेट या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अनुसार लेना सबसे उपयुक्त माना जाता है।

हरड़ कैसे काम करती है?

हरड़ एक प्राकृतिक पाचन उत्तेजक, सूजनरोधी, इम्यूनिटी बूस्टर और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने वाली जड़ी-बूटी है। यह त्रिदोष को संतुलित करती है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। हरड़ अपच, सूजन, धीमे मेटाबॉलिज्म, तनाव और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता में लाभकारी होती है तथा संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है।

किसे हरड़ का सेवन करना चाहिए?

  • कब्ज, गैस या पेट फूलने जैसी पाचन समस्याओं से परेशान लोग
  • वजन कम करने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति
  • शरीर को अंदर से साफ (डिटॉक्स) करना चाहने वाले लोग
  • चिकित्सकीय सलाह के अंतर्गत मधुमेह रोगी
  • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता या बार-बार संक्रमण से ग्रस्त व्यक्ति
  • बढ़ती उम्र में शरीर को पुनर्जीवित रखने के लिए

सावधानियां

  • गर्भावस्था या स्तनपान: इस दौरान हरड़ का सेवन न करें
  • लिवर या किडनी रोग: ऐसी स्थिति में उपयोग से बचें
  • खुराक: हमेशा निर्धारित मात्रा का ही पालन करें
  • भंडारण: ठंडी और सूखी जगह पर रखें तथा बच्चों की पहुंच से दूर रखें

निष्कर्ष

हरड़ आयुर्वेद की एक शक्तिशाली औषधि है, जो पाचन सुधारने, शरीर को डिटॉक्स करने और पुनर्योजी लाभ प्रदान करने में सहायक है। इसके बहुआयामी औषधीय गुण इसे दैनिक स्वास्थ्य सुधार के लिए उपयुक्त बनाते हैं, खासकर जब इसे सही मात्रा में लिया जाए। हरड़ आंतरिक संतुलन बनाए रखने, इम्यूनिटी बढ़ाने और संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने में एक विश्वसनीय सहायक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र: क्या हरड़ का सेवन रोजाना किया जा सकता है?
उ: हां, हरड़ का सेवन रोज किया जा सकता है, लेकिन केवल निर्धारित मात्रा में।

प्र: क्या हरड़ वजन घटाने में मदद करती है?
उ: हां, यह पाचन और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है, चर्बी टूटने में सहायक होती है और स्वस्थ वजन नियंत्रण में मदद करती है।

प्र: क्या बच्चे हरड़ ले सकते हैं?
उ: हां, लेकिन केवल बाल रोग विशेषज्ञ की निगरानी में।

प्र: क्या गर्भावस्था में हरड़ सुरक्षित है?
उ: नहीं, गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना हरड़ का सेवन नहीं करना चाहिए।

प्र: हरड़ लेने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
उ: डिटॉक्स के लिए सुबह और कब्ज से राहत के लिए रात में हरड़ लेना बेहतर माना जाता है।

प्र: क्या हरड़ खाली पेट लेना सुरक्षित है?
उ: हां, सामान्यतः हरड़ खाली पेट ली जा सकती है, लेकिन संवेदनशील पेट वाले लोग इसे चिकित्सक की सलाह से ही लें।

प्र: हरड़ कितने दिनों तक ली जा सकती है?
उ: हरड़ को सीमित अवधि तक या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह अनुसार लंबे समय तक लिया जा सकता है।

प्र: क्या हरड़ से दस्त हो सकते हैं?
उ: अधिक मात्रा में लेने पर हल्के दस्त हो सकते हैं, इसलिए निर्धारित खुराक का ही सेवन करें।

प्र: क्या हरड़ त्वचा रोगों में लाभकारी है?
उ: हां, शरीर को डिटॉक्स करने के कारण यह मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा की समस्याओं में सहायक हो सकती है।

प्र: क्या हरड़ अन्य आयुर्वेदिक दवाओं के साथ ली जा सकती है?
उ: आमतौर पर ली जा सकती है, लेकिन किसी अन्य दवा के साथ लेने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करना बेहतर है।

प्र: क्या हरड़ गैस और एसिडिटी में फायदेमंद है?
उ: हां, सही मात्रा में लेने पर यह पाचन सुधारती है और गैस व एसिडिटी से राहत देती है।

प्र: क्या बुजुर्ग लोग हरड़ का सेवन कर सकते हैं?
उ: हां, बुजुर्ग लोग कम मात्रा में हरड़ ले सकते हैं, जिससे पाचन और ऊर्जा में सुधार होता है।

प्र: हरड़ का स्वाद कैसा होता है?
उ: हरड़ का स्वाद कड़वा और कसैला होता है, इसलिए इसे शहद या गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है।

प्र: क्या हरड़ से नींद पर कोई असर पड़ता है?
उ: सही मात्रा में लेने पर यह नींद पर नकारात्मक असर नहीं डालती, बल्कि तनाव कम करने में मदद कर सकती है।

प्र: क्या हरड़ बच्चों में कब्ज के लिए उपयोगी है?
उ: हां, लेकिन बच्चों को हरड़ केवल बहुत कम मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से ही दी जानी चाहिए।


Order On Call

medicine cart

₹ 0

0

Items added


2026 Copyright By © Zeelab Pharmacy Private Limited. All Rights Reserved

Our Payment Partners

card
correct iconAdded!