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भारत में तंत्रिका (Nerve Pain) दर्द की दवा

Medicine for Nerve Pain in India Medicine for Nerve Pain in India
Published On : 12 May, 2025 | Written By : Himani Gupta | Reviewed By : Dr. Anubhav Singh

नसों का दर्द (न्यूरोपैथी) भारत में एक आम स्वास्थ्य समस्या है, जो चलने-फिरने की क्षमता, रोज़मर्रा की गतिविधियों और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। यह समस्या तब होती है जब नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या उनमें जलन हो जाती है, जिसके कारण जलन, झुनझुनी, सुन्नपन या तेज़ चुभने वाला दर्द महसूस होता है। यदि समय पर इसका सही इलाज न किया जाए, तो यह दर्द धीरे-धीरे बढ़ सकता है और कमजोरी, नींद की परेशानी व काम करने की क्षमता में कमी ला सकता है।

नसों के दर्द की सबसे अच्छी दवा उसके कारण पर निर्भर करती है — जैसे डायबिटीज़, नसों में चोट, विटामिन की कमी या साइटिका जैसी पुरानी समस्याएँ। इसके इलाज में एलोपैथिक दवाएँ, आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन, हर्बल उपाय और जीवनशैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं।

इस ब्लॉग में हम भारत में नसों के दर्द की सबसे अच्छी दवाओं, उनके उपयोग और Zeelab Pharmacy पर उपलब्ध सुरक्षित व किफायती विकल्पों के बारे में विस्तार से बताएँगे। चाहे आपको डायबिटिक न्यूरोपैथी हो या कमर से जुड़ी पुरानी नसों की समस्या, सही इलाज की जानकारी लंबे समय तक राहत और रिकवरी की पहली सीढ़ी है।

नसों के दर्द की दवाओं के फायदे:

  • दर्द से राहत: डायबिटिक न्यूरोपैथी, गठिया, पोस्ट-हर्पेटिक न्यूराल्जिया और साइटिका (कमर का दर्द) में आराम देता है।
  • बेहतर नींद: रात के समय होने वाले दर्द से राहत देकर नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है।
  • नसों की सुरक्षा: दर्द के संकेतों को कम करता है, नसों की मरम्मत में मदद करता है और आगे होने वाले नुकसान से बचाता है।
  • मूड में सुधार: दर्द से जुड़ी बेचैनी, तनाव और अवसाद के लक्षणों को कम करने में सहायक।

नसों के दर्द की दवाएँ कैसे काम करती हैं?

नसों के दर्द की दवाएँ दिमाग में दर्द के संकेत भेजने वाले रसायनों को नियंत्रित करती हैं और नसों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करती हैं।

किन बातों से बचें?

नसों के दर्द की दवा लेते समय निम्न बातों से बचना चाहिए:

  • शराब से बचें: दवा के साथ शराब लेने से अत्यधिक नींद और चक्कर आ सकते हैं।
  • ड्राइविंग से परहेज़: दवा लेने के बाद वाहन न चलाएँ, क्योंकि इससे एकाग्रता कम हो सकती है।
  • कैफीन से बचें: चाय, कॉफी या अन्य कैफीन युक्त चीज़ें लक्षणों को बढ़ा सकती हैं।

नसों के दर्द की दवाओं की सूची

जेनेरिक दवा उपयोग
Pregabalin अत्यधिक सक्रिय नसों को शांत कर नसों के दर्द को कम करता है।
Gabapentin न्यूरोपैथिक दर्द से राहत देता है और नींद में सुधार करता है।
Duloxetine नसों के दर्द को नियंत्रित करता है और मूड बेहतर करता है।
Amitriptyline कम मात्रा में दिया जाने वाला एंटीडिप्रेसेंट, जो नसों के दर्द में असरदार है।
Vitamin B12 क्षतिग्रस्त नसों की मरम्मत करता है और उनकी कार्यक्षमता सुधारता है।

नसों के दर्द की सबसे अच्छी दवाएँ

Pregabalin

Pregabalin नसों के दर्द के लिए सबसे अधिक दी जाने वाली दवाओं में से एक है। यह दिमाग और रीढ़ की हड्डी में अत्यधिक सक्रिय नसों को शांत करके जलन, झुनझुनी और तेज़ दर्द को कम करती है। यह डायबिटिक न्यूरोपैथी, फाइब्रोमायल्जिया और स्पाइनल नर्व कंप्रेशन में विशेष रूप से लाभकारी है।

Gabapentin

Gabapentin नसों से जुड़े दर्द को कम करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। यह डायबिटिक न्यूरोपैथी, शिंगल्स और साइटिका जैसी समस्याओं में दर्द को नियंत्रित करता है और रात में आरामदायक नींद दिलाने में सहायक है।

Duloxetine

Duloxetine एक एंटीडिप्रेसेंट दवा है, जो नसों के दर्द में भी प्रभावी रूप से काम करती है। यह दिमाग के रसायनों का संतुलन बनाए रखती है, जिससे दर्द और मूड दोनों में सुधार होता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी और फाइब्रोमायल्जिया में यह काफ़ी उपयोगी है।

Amitriptyline

Amitriptyline को कम मात्रा में नसों के दर्द के इलाज के लिए दिया जाता है। यह नर्वस सिस्टम में दर्द के संकेतों को नियंत्रित करता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर करता है, जिससे लंबे समय से चल रहे दर्द में राहत मिलती है।

Vitamin B12

Vitamin B12 नसों के स्वास्थ्य, मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए बहुत ज़रूरी है। इसकी कमी से हाथ-पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन और कमजोरी हो सकती है। यह सप्लीमेंट नसों को मज़बूत बनाता है और डायबिटीज़ या उम्र बढ़ने से होने वाले नसों के दर्द से बचाव करता है।

डॉक्टर से कब मिलें?

  • अगर दर्द बहुत ज़्यादा हो या लंबे समय तक बना रहे।
  • अगर प्रभावित हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो।
  • अगर दर्द आपकी नींद या रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा हो।
  • अगर घरेलू उपायों से आराम न मिले।
  • चोट के बाद अचानक तेज़ दर्द महसूस हो।
  • मांसपेशियों में कमजोरी या पेशाब-बॉवेल से जुड़ी समस्या हो।

सारांश:

नसों के दर्द की दवाएँ विभिन्न न्यूरोपैथिक समस्याओं में दर्द और नसों के नुकसान को नियंत्रित करती हैं। समय पर पहचान, सही इलाज और उपयुक्त दवाओं का चयन जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। जागरूकता, डॉक्टर की सलाह और समय पर उपचार से लक्षणों को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):

Q: नसों के दर्द की दवा असर करना कब शुरू करती है?
A: यह दवा के प्रकार और बीमारी की स्थिति पर निर्भर करता है।

Q: नसों के दर्द की दवा कब लेनी चाहिए?
A: डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित रूप से लें, भले ही दर्द कम हो।

Q: नसों के दर्द की दवा कैसे लें?
A: भोजन के साथ या बिना भोजन के, जैसा डॉक्टर बताए।

Q: नसों के दर्द की दवा किस लिए उपयोग होती है?
A: यह क्षतिग्रस्त नसों में होने वाले दर्द से राहत के लिए उपयोग की जाती है।

Q: क्या इन दवाओं के कोई साइड इफेक्ट होते हैं?
A: आमतौर पर नहीं, लेकिन कुछ लोगों को हल्का चक्कर या गैस की समस्या हो सकती है।

Q: क्या नसों के दर्द की दवाओं से लत लगती है?
A: नहीं, अधिकांश दवाएँ नशे की आदत नहीं बनातीं।

Q: क्या अन्य दवाओं के साथ लेना सुरक्षित है?
A: अन्य दवाओं के साथ लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें।

Q: क्या नसों का दर्द अपने आप ठीक हो सकता है?
A: हल्का दर्द ठीक हो सकता है, लेकिन पुरानी समस्या में इलाज ज़रूरी है।

Q: डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?
A: जब दर्द लगातार बना रहे या रोज़मर्रा के कामों में बाधा डाले।


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