बुखार (Fever) के रोगियों के लिए सर्वोत्तम (Best) भोजन | आसानी से पचने वाला और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला आहार
बुखार (Fever) शरीर का एक संकेत होता है कि वह किसी संक्रमण से लड़ रहा है, जो अक्सर विषाणु या जीवाणु के कारण होता है। बुखार के सामान्य लक्षणों में ठंड लगना, शरीर में दर्द, थकान और अधिक पसीना आना शामिल है। जब आप बुखार से पीड़ित होते हैं, तो आप जो भोजन करते हैं, वह स्वस्थ होने की गति पर गहरा प्रभाव डालता है। इस लेख में हम बुखार के रोगियों के लिए सही भोजन के बारे में बताएंगे, जिससे लक्षणों में राहत मिले, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिले।
बुखार (Fever) के सामान्य कारण और लक्षण
बुखार कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर का पहला संकेत होता है कि रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय रूप से काम कर रही है। जब शरीर का तापमान 100.4°F (38°C) से ऊपर बढ़ जाता है, तो यह संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। बुखार कई कारणों से हो सकता है, जैसे विषाणु संक्रमण (फ्लू या डेंगू), जीवाणु संक्रमण, सूजन से जुड़ी बीमारियां या अधिक गर्मी लगना। इसके लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
- शरीर का तापमान अधिक होना
- ठंड लगना और पसीना आना
- सिर या शरीर में दर्द
- कमजोरी और थकावट
- शरीर में पानी की कमी या भूख न लगना
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बुखार (Fever) के दौरान आहार की भूमिका
जब आपको बुखार होता है, तो शरीर तेजी से पोषक तत्वों का उपयोग करता है। बुखार के कारण भूख कम हो सकती है, लेकिन भोजन छोड़ना स्वस्थ होने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। पौष्टिक, आसानी से पचने वाला और तरल युक्त भोजन, जिसमें पर्याप्त विटामिन हों, रोग प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत करता है और कमजोरी से बचाता है।
बुखार (Fever) में क्या खाना चाहिए?
आसानी से पचने वाला भोजन
- खिचड़ी: चावल और मूंग दाल से बनी यह हल्की और पौष्टिक खुराक प्रोटीन से भरपूर होती है और पेट के लिए लाभदायक होती है।
- दलिया: ऊर्जा देने वाला और पाचन तंत्र के लिए उपयोगी भोजन।
- उपमा: हल्का और पेट भरने वाला विकल्प, जब ज्यादा भूख न लगे तब उपयुक्त।
पानी की कमी दूर करने वाले सूप और शोरबा
- मूंग दाल का सूप: प्रोटीन से भरपूर और शरीर को ताकत देने वाला।
- सब्जियों का साफ सूप: विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर।
- मुर्गे का शोरबा: विषाणु जनित बुखार (Fever), सर्दी और जकड़न में विशेष रूप से लाभकारी।
ताजे फल और भाप में पकी सब्जियां
- केला, पपीता, सेब: पचाने में आसान और सूजन कम करने में सहायक।
- भाप में पकी गाजर, लौकी, पालक: इनमें रेशा और आवश्यक विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं।
प्रोटीन से भरपूर लेकिन हल्का भोजन
- पनीर (सीमित मात्रा में), उबले अंडे, दही-चावल (यदि ठंड न लग रही हो): ये प्रोटीन और लाभकारी जीवाणुओं के अच्छे स्रोत हैं।
बुखार (Fever) में क्या नहीं खाना चाहिए?
कुछ खाद्य पदार्थ सूजन और पाचन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसलिए इनसे दूर रहना चाहिए:
- तले हुए और अधिक चिकनाई वाले भोजन, जो पेट खराब कर सकते हैं और पाचन को धीमा कर देते हैं।
- अधिक तीखे और मसालेदार व्यंजन, जो गले में खराश और अम्लता जैसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।
- अधिक मीठे खाद्य पदार्थ और ठंडी मिठाइयां, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती हैं।
- कैफीन युक्त पेय पदार्थ, जो शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं।
- कच्चा सलाद और बिना पके अंकुरित अनाज।
बुखार (Fever) के लिए भारतीय घरेलू उपचार
भारतीय घरों में पीढ़ियों से घरेलू नुस्खों का उपयोग किया जाता रहा है, जो रसोई में उपलब्ध सामान्य सामग्री से बुखार (Fever) के लक्षणों में राहत देते हैं। ये उपाय चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं, बल्कि उसके साथ मिलकर जल्दी आराम दिलाने में सहायक होते हैं।
- तुलसी का काढ़ा: कुछ तुलसी के पत्ते, काली मिर्च, अदरक और थोड़ी सी दालचीनी को पानी में उबालें। छानकर गुनगुना पिएं। यह रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है और शरीर की गर्मी को प्राकृतिक रूप से कम करता है।
- हल्दी वाला दूध: गुनगुने दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर पीने से सूजन कम होती है, नींद अच्छी आती है और संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।
- गीले कपड़े से सेंक: साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर माथे या पैरों पर रखें। इससे बिना दवा के धीरे-धीरे शरीर का तापमान कम होता है।
- जीरे का पानी: जीरे में सूजन कम करने और पाचन सुधारने वाले गुण होते हैं। पानी में जीरा उबालकर गुनगुना पीने से बुखार (Fever) के लक्षणों में राहत मिलती है।
- गिलोय का रस: आयुर्वेद में गिलोय का विशेष महत्व है। यह बुखार कम करने, रक्त को शुद्ध करने और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में सहायक है। इसे खाली पेट थोड़ी मात्रा में लेना लाभदायक होता है।
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बुखार (Fever) में बच्चों के लिए आहार संबंधी सुझाव
जब बच्चों को बुखार होता है, तो उनके शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है और भूख भी कम लगती है। ऐसे समय में भी उनके शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है।
- सूजी की खीर या दूध के साथ दलिया
- मसली हुई खिचड़ी या दही-चावल (यदि ठंड न लगी हो)
- कमरे के तापमान पर रखी फलों की शरबत
- घर पर बना सब्जियों का सूप
हमेशा बच्चे के तापमान पर नजर रखें और यदि लक्षण बने रहें, तो बिना देर किए बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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जल्दी स्वस्थ होने के लिए अतिरिक्त सुझाव
- शराब और धूम्रपान से बचें।
- स्वच्छता बनाए रखें ताकि दोबारा संक्रमण न हो।
- बुखार कम करने के लिए गुनगुने पानी से स्पंज स्नान करें।
- बुखार उतरने के बाद भी एक-दो दिन तक हल्का और नरम भोजन करें।
निष्कर्ष
बुखार (Fever) से ठीक होने के लिए केवल आराम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही भोजन करना भी उतना ही जरूरी है। गुनगुना, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला आहार लक्षणों को कम करता है, रोग प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत बनाता है और स्वस्थ होने की प्रक्रिया को तेज करता है। शरीर में पानी की कमी न होने दें, घरेलू उपाय अपनाएं और स्वच्छता का ध्यान रखें। चाहे खिचड़ी हो, तुलसी का काढ़ा हो या दही-चावल, सही चुनाव आपके स्वास्थ्य में बड़ा अंतर ला सकता है। यदि बुखार लंबे समय तक बना रहे या बढ़ जाए, तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. क्या भोजन वास्तव में बुखार (Fever) से जल्दी ठीक होने में मदद करता है?
उ. हां, पोषक तत्वों से भरपूर और आसानी से पचने वाला भोजन रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत करता है और जल्दी स्वस्थ होने में सहायता करता है।
प्र. बुखार (Fever) में खाने के लिए सबसे अच्छे भारतीय भोजन कौन से हैं?
उ. खिचड़ी, मूंग दाल का सूप, दलिया, दही-चावल और भाप में पकी सब्जियां बुखार में बहुत लाभदायक होती हैं।
प्र. क्या बुखार में दूध पीना ठीक है?
उ. हां, हल्दी मिला गुनगुना दूध सूजन कम करता है और आराम दिलाता है, लेकिन यदि गले में खराश या जुकाम हो तो इससे बचें।
प्र. क्या बुखार (Fever) में बच्चे को दही दिया जा सकता है?
उ. यदि जुकाम या गले में दर्द न हो, तो सीमित मात्रा में दही दिया जा सकता है, क्योंकि इसमें लाभकारी जीवाणु होते हैं।
प्र. बुखार में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
उ. यदि बुखार 102°F से अधिक हो, तीन दिन से ज्यादा रहे या गंभीर लक्षणों के साथ हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
प्र. बुखार (Fever) में दिन भर में कितना पानी पीना चाहिए?
उ. बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी जल्दी होती है, इसलिए दिन में बार-बार थोड़ा-थोड़ा पानी, नारियल पानी या गुनगुना तरल पदार्थ पीते रहना चाहिए।
प्र. क्या बुखार (Fever) में उपवास करना सही होता है?
उ. नहीं, बुखार में उपवास करना सही नहीं होता, क्योंकि शरीर को ऊर्जा और पोषण की आवश्यकता होती है। हल्का और पौष्टिक भोजन अवश्य करना चाहिए।
प्र. क्या बुखार में ठंडा पानी पीना नुकसानदायक होता है?
उ. हां, बहुत ठंडा पानी पीने से गले में खराश बढ़ सकती है और शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। गुनगुना या सामान्य तापमान का पानी बेहतर होता है।
प्र. क्या बुखार में बार-बार नहाना चाहिए?
उ. नहीं, बार-बार नहाने से कमजोरी बढ़ सकती है। आवश्यकता होने पर केवल गुनगुने पानी से शरीर पोंछना अधिक सुरक्षित होता है।
प्र. क्या बुखार में नींद पूरी न होने से परेशानी बढ़ सकती है?
उ. हां, पर्याप्त नींद न लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो सकती है और ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। इसलिए भरपूर आराम करना बहुत जरूरी है।
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