भारत में बुखार (Fever) की सबसे अच्छी दवाएं: बुखार (Fever) की गोलियों के नाम, सही मात्रा और सुरक्षा मार्गदर्शिका
सामान्य रूप से बुखार (Fever) में उपयोग की जाने वाली दवाओं में पैरासिटामोल (एसीटामिनोफेन) प्रमुख है। यह सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली बुखार (Fever) की दवाओं में से एक है और हल्के से मध्यम दर्द व बुखार को कम करने में प्रभावी होती है। इसकी व्यापक उपयोगिता और प्रभाव के कारण इसे अक्सर बुखार (Fever) की दवाओं की सूची में शामिल किया जाता है।
निर्देशों के अनुसार उपयोग करने पर यह दवा बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित मानी जाती है। सर्दी-जुकाम की कई दवाओं में इसे शरीर दर्द और सिरदर्द से राहत के लिए मिलाया जाता है। भारत में इसकी सस्ती कीमत और आसानी से उपलब्धता के कारण यह बुखार की दवाओं की सूची में प्रमुख स्थान रखती है।
कुछ मामलों में, विशेष रूप से जब बुखार जीवाणु संक्रमण से होता है, तो प्रतिजैविक दवाओं की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर द्वारा बुखार (Fever) की प्रतिजैविक गोली दी जाती है, जिससे मूल संक्रमण का इलाज हो सके। बिना डॉक्टर की सलाह के प्रतिजैविक दवा न लें। किसी भी बुखार की दवा का सही मात्रा में सेवन करना बहुत जरूरी है।
बुखार (Fever) क्या होता है?
बुखार शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जो संक्रमण, बीमारी या सूजन के कारण होती है। जब शरीर का तापमान सामान्य सीमा (लगभग 98 से 100 डिग्री फ़ारेनहाइट) से अधिक हो जाता है, तब बुखार होता है।
इस तापमान को मस्तिष्क का तापमान नियंत्रक केंद्र नियंत्रित करता है, जो तब सक्रिय होता है जब प्रतिरक्षा तंत्र वायरस या जीवाणु जैसे हानिकारक कीटाणुओं को पहचानता है।
बुखार (Fever) के सामान्य लक्षण क्या हैं?
- शरीर का अधिक गर्म होना
- ठंड लगना या कंपकंपी होना
- सिरदर्द
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- कमजोरी या थकान
- अधिक पसीना आना
- भूख न लगना
- शरीर में पानी की कमी
- कभी गर्म तो कभी ठंडा लगना
भारत में बुखार (Fever) के सामान्य कारण क्या हैं?
बुखार आमतौर पर शरीर की सुरक्षा प्रतिक्रिया के रूप में होता है। इसके कुछ सामान्य कारण इस प्रकार हैं:
- संक्रमण: वायरस और जीवाणु संक्रमण बुखार के मुख्य कारण होते हैं।
- प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया: शरीर कीटाणुओं से लड़ने के लिए तापमान बढ़ाता है।
- सूजन: चोट, संक्रमण या आंतरिक सूजन से बुखार (Fever) हो सकता है।
- मौसम परिवर्तन: मौसम बदलने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है।
- टीकाकरण के बाद: कभी-कभी हल्का बुखार आ सकता है।
- पुरानी बीमारियां: कुछ दीर्घकालिक रोगों से भी बुखार हो सकता है।
- पानी की कमी या अधिक गर्मी: शरीर में तरल की कमी से तापमान बढ़ सकता है।
बुखार (Fever) में उपयोग होने वाली दवाएं: जरूरी जानकारी
अक्सर लोग घर पर ही पैरासिटामोल जैसी दवाएं ले लेते हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना सही नहीं होता। गलत तरीके से लेने पर दवाओं के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
तेज बुखार या अधिक परेशानी होने पर डॉक्टर जांच के बाद उपयुक्त दवा बताते हैं। आमतौर पर ब्रांडेड और सामान्य दोनों प्रकार की दवाएं समान रूप से असरदार होती हैं।
हमेशा दवा को निर्धारित मात्रा में ही लें। अधिक मात्रा या लंबे समय तक सेवन से यकृत और गुर्दों को नुकसान हो सकता है। बच्चों को कभी भी तय मात्रा से अधिक दवा न दें।
महत्वपूर्ण: बच्चों को एस्पिरिन नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इससे एक गंभीर बीमारी हो सकती है।
बुखार (Fever) में उपयोग होने वाली सामान्य दवाओं की सूची
सामान्य दवाएं ब्रांडेड दवाओं जैसी ही प्रभावी होती हैं। इनमें वही तत्व होते हैं और ये उसी तरह काम करती हैं। आप डॉक्टर द्वारा बताई गई संरचना के अनुसार सुरक्षित रूप से सामान्य दवाएं ले सकते हैं।
| दवा का नाम | सही मात्रा | मुख्य उपयोग | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|---|---|
| पैरासिटामोल | 500–650 mg हर 4–6 घंटे में | बुखार और हल्का दर्द कम करता है | सही मात्रा में लेने पर सुरक्षित |
| इबुप्रोफेन | 200–400 mg हर 6–8 घंटे में | सूजन और दर्द के साथ बुखार | भोजन के बाद लें |
| एस्पिरिन (केवल वयस्क) | 325–650 mg | वयस्कों में दर्द व बुखार | बच्चों को न दें |
| नेप्रोक्सेन | 250–500 mg | जोड़ों व मांसपेशियों का दर्द | डॉक्टर की निगरानी में लें |
| निमेसुलाइड | डॉक्टर की सलाह अनुसार | बुखार और सूजन कम करता है | केवल सलाह पर लें |
बुखार (Fever) में दवा कब लेनी चाहिए?
हर बुखार में दवा जरूरी नहीं होती। जब तापमान 100–101 डिग्री फ़ारेनहाइट से ऊपर हो या अधिक परेशानी हो, तब दवा लेना आवश्यक होता है।
- सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी या पानी की कमी हो
- बुखार 1–2 दिन से अधिक रहे
- बच्चे, बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति हों
- सांस लेने में दिक्कत, उल्टी या चक्कर आएं
सामान्य बुखार (Fever) की दवाएं कैसे काम करती हैं?
बुखार संक्रमण, सूजन या अन्य कारणों से होता है। सामान्य दवाएं शरीर के तापमान को नियंत्रित करके दर्द और सूजन को कम करती हैं।
पैरासिटामोल
यह मस्तिष्क में दर्द और तापमान बढ़ाने वाले तत्वों को रोककर काम करता है।
- कार्य: बुखार (Fever) और दर्द कम करना
- उपयुक्त: हल्का से मध्यम बुखार
इबुप्रोफेन
यह सूजन और दर्द को कम करते हुए बुखार घटाता है।
- कार्य: बुखार, सूजन और दर्द कम करना
- उपयुक्त: शरीर दर्द के साथ बुखार
निमेसुलाइड
यह तेजी से असर करने वाली दवा है, लेकिन लंबे समय तक उपयोग उचित नहीं है।
- कार्य: जल्दी बुखार (Fever) कम करना
- उपयुक्त: डॉक्टर की निगरानी में अल्पकालिक उपयोग
ज़ीलैब फार्मेसी द्वारा सुझाई गई भारत की सर्वोत्तम बुखार (Fever) की दवाएं
ज़ीलैब फार्मेसी भरोसेमंद सामान्य संरचना से बनी प्रभावी और किफायती बुखार की दवाएं प्रदान करता है। ये गोलियां बुखार कम करने, शरीर के दर्द से राहत देने और सिरदर्द व सूजन जैसे लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
नीचे दी गई दवाएं सही तरीके से लेने पर विभिन्न प्रकार और गंभीरता के बुखार में उपयोगी होती हैं:
| दवा का नाम | उपयोग | संरचना |
|---|---|---|
| Parazex 500 (20 Tab) | बुखार और हल्का दर्द | पैरासिटामोल टैबलेट आई.पी. 500 mg |
| Parazex 500 (10 Tab) | बुखार और शरीर दर्द | पैरासिटामोल 500 mg टैबलेट |
| Parazex XT Tablet | तेज बुखार और सिरदर्द | पैरासिटामोल 650 mg टैबलेट |
| Ibuprol Plus Tablet | सूजन के साथ बुखार | इबुप्रोफेन 400 mg + पैरासिटामोल 325 mg |
| Ibuprol 400 Tablet | बुखार और मांसपेशियों का दर्द | इबुप्रोफेन 400 mg |
भारत में बुखार (Fever) से राहत के लिए सर्वोत्तम गोलियां
सही बुखार की गोली का चयन बुखार की गंभीरता और उससे जुड़े लक्षणों जैसे सिरदर्द, शरीर दर्द या सूजन पर निर्भर करता है। नीचे ज़ीलैब फार्मेसी की कुछ प्रभावी और भरोसेमंद दवाएं दी गई हैं, जो डॉक्टर की सलाह अनुसार लेने पर सुरक्षित राहत प्रदान करती हैं।
Parazex XT Tablet
यह पैरासिटामोल आधारित लोकप्रिय गोली है, जो बुखार को प्रभावी रूप से कम करती है और हल्के दर्द से राहत देती है।
- संरचना: पैरासिटामोल (650 mg)
- कार्य: बुखार कम करना और सिरदर्द, शरीर दर्द, दांत दर्द, मांसपेशियों के दर्द तथा सर्दी-जुकाम से होने वाली परेशानी से राहत देना
Parazex 500 Tablet
यह तेजी से असर करने वाली पैरासिटामोल गोली है, जो बुखार और सिरदर्द में जल्दी राहत देती है।
- संरचना: पैरासिटामोल (500 mg)
- कार्य: बुखार कम करना और सिरदर्द, शरीर दर्द, दांत दर्द व सर्दी-जुकाम से राहत देना
Ibuprol Plus Tablet
यह इबुप्रोफेन और पैरासिटामोल का संयोजन है, जो बुखार, शरीर दर्द और सूजन में तेजी से राहत देता है।
- संरचना: इबुप्रोफेन 400 mg + पैरासिटामोल 325 mg
- कार्य: बुखार और मध्यम दर्द से राहत देना
Ibuprol 400 Tablet
यह इबुप्रोफेन आधारित गोली बुखार और दर्द में प्रभावी रूप से काम करती है।
- संरचना: इबुप्रोफेन 400 mg
- कार्य: बुखार और शरीर दर्द कम करना
विशेष परिस्थितियां: इन हालात में क्या करें
कुछ स्थितियों में बुखार के लिए अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है और केवल घरेलू उपचार या स्वयं दवा लेना उचित नहीं होता। नीचे दी गई तालिका में ऐसे मामलों की जानकारी दी गई है:
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स्थिति |
क्या करें |
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शिशुओं में बुखार (3 माह से कम) |
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस उम्र में हल्का बुखार भी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है। |
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हाल की यात्रा के बाद बुखार (मलेरिया, डेंगू का खतरा) |
केवल पैरासिटामोल पर निर्भर न रहें। जांच कराकर सही कारण पता लगवाएं और उचित इलाज शुरू करें। |
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गर्भावस्था में बुखार |
डॉक्टर की सलाह से ही पैरासिटामोल लें। इबुप्रोफेन या निमेसुलाइड से बचें, क्योंकि ये शिशु के लिए हानिकारक हो सकती हैं। |
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टीकाकरण के बाद बुखार |
हल्का बुखार सामान्य होता है। पर्याप्त पानी पिएं और पैरासिटामोल लें। दो दिन से अधिक रहे तो डॉक्टर से मिलें। |
भारत में बच्चों के लिए सर्वोत्तम बुखार (Fever) की दवाएं
बच्चों में बुखार का इलाज सुरक्षित, उम्र के अनुसार और सही मात्रा में दवा देकर करना चाहिए। नीचे दी गई दवाएं बच्चों के लिए आमतौर पर सुझाई जाती हैं और डॉक्टर की सलाह अनुसार लेने पर पेट पर हल्का असर डालते हुए बुखार कम करती हैं:
| दवा का नाम | उपयोग | संरचना |
|---|---|---|
| Parazex Drops | शिशुओं में बुखार | पैरासिटामोल 100 mg/मिलीलीटर ड्रॉप्स |
| Parazex XT Syrup | बच्चों में बुखार | पैरासिटामोल 250 mg/5 मिलीलीटर सिरप |
| Parazex Pediatric Suspension | हल्का बुखार | पैरासिटामोल 125 mg/5 मिलीलीटर |
| Ibuprol Plus Suspension | बच्चों में बुखार और दर्द | इबुप्रोफेन 100 mg + पैरासिटामोल 125 mg/5 मिलीलीटर |
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भारत में बुखार (Fever) के लिए इंजेक्शन
जब मुंह से ली जाने वाली दवाएं असर न करें या तुरंत राहत की आवश्यकता हो, तब डॉक्टर बुखार के इंजेक्शन देते हैं। ये संक्रमण, बीमारी या अन्य कारणों से हुए तेज बुखार को कम करने में सहायक होते हैं। नीचे सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले इंजेक्शन दिए गए हैं:
| इंजेक्शन का नाम | उपयोग |
|---|---|
| Paracetamol Injection | बुखार और हल्के से मध्यम दर्द में राहत |
| डाइक्लोफेनाक सोडियम इंजेक्शन | बुखार, दर्द और सूजन नियंत्रित करना |
| इबुप्रोफेन इंजेक्शन | सूजन से जुड़े बुखार और दर्द का इलाज |
नोट: बुखार के इंजेक्शन केवल डॉक्टर की निगरानी में ही लगवाएं। स्वयं उपयोग न करें।
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बुखार (Fever) के लिए सर्वोत्तम प्रतिजैविक दवाएं
जब बुखार जीवाणु संक्रमण के कारण होता है, तब डॉक्टर प्रतिजैविक दवाएं देते हैं। वायरस से होने वाले बुखार में ये दवाएं असर नहीं करतीं। ऐसे मामलों में आराम, पर्याप्त पानी और पैरासिटामोल से ही सुधार हो जाता है।
टाइफाइड, निमोनिया और मूत्र मार्ग संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों में सही दवा, मात्रा और अवधि का निर्णय केवल डॉक्टर ही करते हैं। गलत दवा या अधूरा इलाज परेशानी बढ़ा सकता है।
नीचे कुछ सामान्य प्रतिजैविक दवाओं की सूची दी गई है:
- एमोक्सिसिलिन: श्वसन संक्रमण और जीवाणु बुखार में उपयोगी।
- एजिथ्रोमाइसिन: गले और श्वसन संक्रमण में प्रभावी।
- सेफिक्सीम: मूत्र संक्रमण और टाइफाइड बुखार में उपयोगी।
- लेवोफ्लॉक्सासिन: श्वसन और पेट संक्रमण में दिया जाता है।
- डॉक्सीसाइक्लिन: त्वचा और कीट जनित संक्रमण में लाभकारी।
- सिप्रोफ्लॉक्सासिन: टाइफाइड और मूत्र संक्रमण में आमतौर पर उपयोग होता है।
- मेट्रोनिडाजोल: जीवाणु और परजीवी संक्रमण में असरदार।
नोट - बिना डॉक्टर की सलाह के प्रतिजैविक दवा न लें। गलत उपयोग से बीमारी बढ़ सकती है और भविष्य में दवाएं असरहीन हो सकती हैं।
बुखार (Fever) की दवाओं के दुष्प्रभाव और सुरक्षा
सही तरीके से लेने पर बुखार की दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन गलत उपयोग से दुष्प्रभाव हो सकते हैं। सही जानकारी से जटिलताओं से बचा जा सकता है।
- सामान्य दुष्प्रभाव: पेट खराब होना, उलटी, या यकृत पर हल्का असर।
- कुछ बीमारियों में सावधानी: यकृत, गुर्दे की बीमारी या एलर्जी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
- अधिक मात्रा: तय मात्रा से अधिक लेने पर गंभीर नुकसान हो सकता है।
- लंबे समय तक उपयोग: बिना जांच के लंबे समय तक दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
- सही अवधि और मात्रा: बच्चों और बुजुर्गों में विशेष सावधानी रखें।
बुखार (Fever) की दवाओं के उपयोग के लिए सुरक्षा नियम
सही तरीके से दवा लेने से बुखार जल्दी और सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
- केवल निर्धारित मात्रा में ही दवा लें।
- अधिक दवा लेने से बचें।
- अलग-अलग बुखार की दवाओं को मिलाकर न लें।
- कम समय के लिए ही उपयोग करें, जब तक डॉक्टर न कहें।
- बुखार बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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बुखार (Fever) के दौरान किन बातों से बचें?
बुखार के समय शरीर को जल्दी ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम की आवश्यकता होती है। कुछ गलत आदतें और खानपान की गलतियां बीमारी को बढ़ा सकती हैं, इसलिए सही चुनाव करना जरूरी है।
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किन चीजों से बचें |
क्यों नुकसानदायक हैं |
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कम पानी पीना |
पानी की कमी से बुखार बढ़ सकता है और चक्कर आ सकते हैं। |
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तला-भुना और तीखा भोजन |
पेट में जलन पैदा कर सकता है और पाचन धीमा करता है। |
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ठंडे पेय और बर्फ |
गले में खराश और ठंड लगने की समस्या बढ़ा सकते हैं। |
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अधिक शारीरिक मेहनत |
आराम न मिलने से ठीक होने में देर लगती है। |
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खुद से दवा लेना |
गलत दवा लेने से नुकसान और दुष्प्रभाव हो सकते हैं। |
बुखार (Fever) की समय-सीमा: कब क्या लेना चाहिए?
बुखार की देखभाल उसकी अवधि और गंभीरता पर निर्भर करती है। एक सरल समय-सीमा के माध्यम से यह समझा जा सकता है कि बुखार का इलाज घर पर किया जाए या दवा लेकर जल्दी ठीक होने की कोशिश की जाए।
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बुखार की अवधि |
क्या करें / क्या लें |
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पहले 6–12 घंटे |
पर्याप्त आराम करें और अधिक तरल पदार्थ लें, इससे तापमान स्वाभाविक रूप से कम हो सकता है और पानी की कमी नहीं होती। |
|
हल्का बुखार (38 डिग्री सेल्सियस से कम) |
असुविधा होने पर सही मात्रा में पैरासिटामोल लिया जा सकता है। |
|
लगातार बुखार (24–48 घंटे) |
नियमित पैरासिटामोल और डॉक्टर की निगरानी आवश्यक हो सकती है। |
|
तेज बुखार (39 डिग्री सेल्सियस से अधिक) |
डॉक्टर से परामर्श लें और आवश्यकता अनुसार दवा में बदलाव करें। |
|
3 दिन या उससे अधिक समय तक बुखार |
कारण जानने और सही इलाज शुरू करने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है। |
बुखार (Fever) की दवाओं में कब सावधानी बरतें?
- यकृत की समस्या: पैरासिटामोल की अधिक या बार-बार मात्रा से बचें।
- पेट में घाव या अम्लता: इबुप्रोफेन और एस्पिरिन से जलन बढ़ सकती है।
- गुर्दे की बीमारी: ऐसी दवाएं सावधानी से लें या डॉक्टर से पूछें।
- हृदय रोग या उच्च रक्तचाप: कुछ दवाएं जोखिम बढ़ा सकती हैं, इसलिए सलाह जरूरी है।
- बच्चे और किशोर: विशेष रूप से वायरल बुखार में एस्पिरिन न दें।
- गर्भावस्था: केवल डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें।
दवाओं के साथ बुखार (Fever) में घरेलू देखभाल के उपाय
बुखार की दवाओं के साथ सही घरेलू देखभाल शरीर को जल्दी ठीक होने में मदद करती है और परेशानी कम करती है। पर्याप्त पानी, आराम और नियमित जांच से सुधार तेजी से होता है:
- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिएं
- शरीर को पूरा आराम दें
- हल्का और पौष्टिक भोजन करें
- ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें
- हवादार और ठंडे कमरे में रहें
- तेज बुखार में गुनगुने पानी से शरीर पोंछें
- नियमित रूप से तापमान जांचते रहें
- बुखार बढ़ने या लंबे समय तक रहने पर डॉक्टर से मिलें
ऑनलाइन बुखार (Fever) की दवाएं खरीदना: सुरक्षित और आसान
घर पर रहकर सुरक्षित रहना आज के समय में बहुत जरूरी है, विशेष रूप से महामारी जैसे हालात में। अब आप कम कीमत पर ऑनलाइन दवाएं आसानी से खरीद सकते हैं।
ज़ीलैब फार्मेसी सहित कई दवा कंपनियां ऑनलाइन सेवा प्रदान करती हैं। आप बुखार की दवाएं, सामान्य विकल्प, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पूरक और अन्य इलाज घर बैठे मंगवा सकते हैं।
ध्यान रखें, बुखार हमेशा गंभीर बीमारी या कोरोना का संकेत नहीं होता। शांत रहें, घर पर देखभाल करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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निष्कर्ष:
बुखार एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है और अधिकतर मामलों में सही देखभाल से इसे सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। बुखार के कारण को समझना, सही दवा का चयन करना और जिम्मेदारी से उसका उपयोग करना जल्दी सुधार में सहायक होता है।
भारत में पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसी सामान्य गोलियां व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं, लेकिन इन्हें हमेशा सही मात्रा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही लेना चाहिए।
दवाओं के साथ-साथ पर्याप्त आराम, पानी और घरेलू देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। यदि बुखार लंबे समय तक रहे, बहुत तेज हो या असामान्य लक्षण हों, तो समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना सुरक्षित और प्रभावी उपचार के लिए आवश्यक है।
बुखार (Fever) की दवाओं से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ's):
प्र. भारत में बुखार की सामान्य गोलियां कौन-सी हैं?
उ. भारत में आमतौर पर पैरासिटामोल, इबुप्रोफेन, एस्पिरिन और नेप्रोक्सेन का उपयोग किया जाता है। ये बुखार कम करने और हल्के दर्द से राहत देने में सहायक होती हैं।
प्र. भारत में बुखार के लिए सबसे सुरक्षित दवा कौन-सी है?
उ. सही मात्रा में लेने पर पैरासिटामोल सबसे सुरक्षित मानी जाती है। यह सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त होती है और वायरल बुखार में अधिक उपयोग की जाती है। आप ज़ीलैब फार्मेसी से Parazex XT (650 mg) या Parazex 500 (500 mg) खरीद सकते हैं।
प्र. वयस्कों के लिए सामान्य शरीर का तापमान कितना होता है?
उ. सामान्य शरीर का तापमान लगभग 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) होता है। 100 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक तापमान को आमतौर पर बुखार माना जाता है।
प्र. क्या बुखार बिना दवा के ठीक हो सकता है?
उ. हां, हल्का बुखार (Fever) आराम, पर्याप्त पानी और सही भोजन से अपने आप ठीक हो सकता है। दवा तभी जरूरी होती है जब बुखार (Fever) अधिक हो या परेशानी बढ़ाए।
प्र. बच्चों के लिए बुखार की सबसे अच्छी दवा कौन-सी है?
उ. बच्चों के लिए Parazex Suspension (पैरासिटामोल 125 mg/5 मिलीलीटर) सामान्य रूप से दी जाती है। यह पेट पर हल्की होती है और प्रभावी राहत देती है। सही मात्रा के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
प्र. क्या मैं बुखार में Ibuprol ले सकता हूं?
उ. हां, लेकिन यदि आपको पेट में घाव, गुर्दे की समस्या या गर्भावस्था के अंतिम महीनों में हैं, तो इसका सेवन न करें।
प्र. क्या बच्चों को पैरासिटामोल देना सुरक्षित है?
उ. हां, उम्र के अनुसार सही मात्रा में देने पर यह सुरक्षित है। हमेशा बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
प्र. बुखार की दवा कितनी देर में असर दिखाती है?
उ. अधिकतर बुखार (Fever) की दवाएं 30 से 60 मिनट के भीतर असर दिखाने लगती हैं और तापमान कम करती हैं।
प्र. पैरासिटामोल की अधिक मात्रा लेने के लक्षण क्या हैं?
उ. अधिक मात्रा लेने पर उलटी, मतली, पेट दर्द, भूख न लगना, पसीना और थकान हो सकती है। गंभीर स्थिति में यकृत को नुकसान, पीलिया या भ्रम हो सकता है, जिसके लिए तुरंत इलाज जरूरी है।
प्र. क्या बुखार की दवाएं सिरदर्द और शरीर दर्द में भी काम करती हैं?
उ. हां, पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसी दवाएं सिरदर्द, मांसपेशियों के दर्द और शरीर दर्द में भी राहत देती हैं।
प्र. वयस्कों के लिए बुखार और शरीर दर्द की सबसे अच्छी दवा कौन-सी है?
उ. पैरासिटामोल, इबुप्रोफेन या संयुक्त दवाएं जैसे Asozen Forte प्रभावी विकल्प हैं। सही दवा के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
प्र. कितना तापमान तेज बुखार माना जाता है?
उ. 102 डिग्री फ़ारेनहाइट (38.9 डिग्री सेल्सियस) से अधिक तापमान को तेज बुखार माना जाता है। यदि यह लंबे समय तक रहे तो इलाज जरूरी होता है।
प्र. बुखार में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
उ. यदि बुखार 3 दिन से अधिक रहे, 103 डिग्री फ़ारेनहाइट से ऊपर जाए, या उलटी, सांस की दिक्कत, भ्रम जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
प्र. बुखार में क्या खाना चाहिए?
उ. फल, सूप, दलिया, खिचड़ी और दही जैसे हल्के व पौष्टिक भोजन करें। ये आसानी से पचते हैं और शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं।
प्र. क्या इबुप्रोफेन और पैरासिटामोल साथ में ली जा सकती हैं?
उ. हां, निर्धारित मात्रा में इन्हें साथ लिया जा सकता है, लेकिन रोज की अधिकतम सीमा से अधिक न लें और संदेह होने पर डॉक्टर से पूछें।
प्र. क्या बच्चों को एस्पिरिन देना सुरक्षित है?
उ. नहीं, विशेष रूप से वायरल संक्रमण में बच्चों को एस्पिरिन नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इससे रेय सिंड्रोम का खतरा होता है।
Aceclofenac (100 mg) + Chlorzoxazone (250 mg) + Paracetamol (325 mg)
10 Tablets In 1 Strip
Ibuprofen (100mg) + Paracetamol (125mg)
60 ml In 1 bottle
Mefenamic Acid (500mg) + Paracetamol (325mg)
10 Tablets in 1 strip
Ibuprofen (400mg) + Paracetamol (325mg)
10 Tablets in 1 strip
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