कान छिदवाने (Ear Piercing) के संक्रमण के लिए सबसे अच्छी दवा
कान में पियर्सिंग (Ear Piercing) करवाने के बाद इन्फेक्शन होना एक आम समस्या है, खासकर तब जब साफ-सफाई और आफ्टरकेयर सही तरीके से न किया जाए। अगर पियर्सिंग के बाद आपको दर्द, सूजन या पस/पानी जैसा डिस्चार्ज दिख रहा है, तो आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि Ear Piercing Infection के लिए सबसे अच्छी दवा कौन-सी है। इस ब्लॉग में हम आपको कान की पियर्सिंग में इन्फेक्शन होने के कारण, लक्षण और इसके इलाज में मदद करने वाली दवाओं की पूरी जानकारी आसान भाषा में बताएंगे।
कान की पियर्सिंग में इन्फेक्शन के लक्षण क्या होते हैं?
किसी भी ear piercing infection medicine का इस्तेमाल करने से पहले इसके लक्षण पहचानना जरूरी है। नीचे दिए गए लक्षण दिखें तो समझिए कि पियर्सिंग में इन्फेक्शन हो सकता है:
- कान के आसपास लालपन और छूने पर दर्द
- तेज दर्द या धड़कन जैसा महसूस होना
- इयररिंग के छेद (hole) के आसपास सूजन
- पीला, सफेद या हरा डिस्चार्ज/पस निकलना
- खुजली या जलन
- पपड़ी (crusting) या घाव जैसा बनना
अगर लक्षण हल्के हैं, तो घर पर देखभाल और OTC क्रीम से आराम मिल सकता है। लेकिन अगर इन्फेक्शन बढ़ रहा हो, फैल रहा हो या लगातार बना रहे, तो डॉक्टर की सलाह के साथ एंटीफंगल या एंटीबैक्टीरियल क्रीम की जरूरत पड़ सकती है।
कान की पियर्सिंग में इन्फेक्शन क्यों होता है?
इन्फेक्शन की असली वजह समझने से सही ear piercing infection medicine चुनना आसान हो जाता है। कान में पियर्सिंग इन्फेक्शन होने के मुख्य कारण:
- पियर्सिंग करते समय गंदे या स्टेराइल न किए गए उपकरणों का इस्तेमाल
- गंदे हाथों से बार-बार पियर्सिंग वाली जगह को छूना
- कम क्वालिटी/एलर्जी वाले इयररिंग पहनना (जैसे निकेल वाले)
- पियर्सिंग एरिया को सही तरीके से साफ न करना
- बहुत टाइट इयररिंग पहनना जिससे घर्षण (friction) बढ़ जाए
Ear Piercing Infection के इलाज में कौन-सी दवाएं मदद करती हैं?
नीचे कुछ ऐसी क्रीम/लोशन की लिस्ट दी गई है जो कान की पियर्सिंग के बाद होने वाले इन्फेक्शन में मदद कर सकती हैं, खासकर जब इन्फेक्शन कवक, जीवाणु या inflammation (सूजन) से जुड़ा हो:
| प्रोडक्ट का नाम | यह त्वचा (Skin) में कैसे मदद करता है? |
|---|---|
| Clobnate-M Cream (15g) | फंगल इन्फेक्शन और सूजन (inflammation) में असरदार। इसमें एंटीफंगल के साथ स्टेरॉयड भी होता है जो खुजली/लालपन को कम करता है। |
| Clotrizee-B Lotion (15ml) | Antifungal + antibacterial लोशन। फंगल के साथ बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने पर उपयोगी, खासकर स्किन और स्कैल्प पर। |
| Dermzex-BG Cream (15g) | फंगल + बैक्टीरियल और सूजन से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी। ट्रिपल-एक्शन फॉर्मूला स्किन को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है। |
| Dermzex-GM Cream (15g) | खुजली, लालपन और फंगल इन्फेक्शन में असरदार। इसमें एंटीफंगल + स्टेरॉयड का कॉम्बिनेशन होता है। |
| Fluocin-MF Cream (15g) | सूजन संबंधी त्वचा संक्रमण में मदद मिलती है। खुजली, लालपन और फंगल अतिवृद्धि को नियंत्रित करने में सहायक। |
| Flutoson-F Cream (10g) | Dermatitis, eczema और कवकीय संक्रमण में उपयोगी। सूजन और जलन कम करके राहत देती है। |
| Zelocip-CF Cream (15g) | Broad-spectrum antibacterial + antifungal क्रीम। मिश्रित संक्रमण उपचार में सहायक होता है। |
| Clobnate-N Cream (15g) | बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन में राहत। सूजनरोधी क्रिया से त्वचा की रिकवरी में मदद करती है। |
ये क्रीम बैक्टीरिया, फंगस और सूजन से होने वाली समस्या में राहत देती हैं। इनसे लालपन, दर्द, खुजली और संक्रमण कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, किसी भी क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा पर थोड़ा लगाकर परीक्षण जरूर करें। अगर समस्या बढ़े या संक्रमण फैलता दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
कान की पियर्सिंग में संक्रमण के लिए सबसे अच्छी एंटीबायोटिक मरहम
Clobnate-M Cream (15g)
यह एक डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली क्रीम है, जिसका उपयोग सूजन के साथ होने वाले फंगल त्वचा संक्रमण में किया जाता है।
- साल्ट संरचना: क्लोबेटासोल + माइकोनाज़ोल
- यह कैसे काम करती है: क्लोबेटासोल लालपन, खुजली और सूजन कम करता है, जबकि माइकोनाज़ोल फंगस को बढ़ने से रोकता है।
- किसके लिए उपयोगी: दाद, पैरों में फंगस और जांघों में फंगस जैसी समस्याएं, जिनमें ज्यादा खुजली और जलन हो।
Clotrizee-B Lotion (15ml)
यह एक डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली लोशन है, जिसका उपयोग सूजन के साथ होने वाले फंगल संक्रमण में किया जाता है।
- साल्ट संरचना: क्लोट्रिमाज़ोल + बेक्लोमेटासोन
- यह कैसे काम करती है: क्लोट्रिमाज़ोल फंगस को खत्म करता है और बेक्लोमेटासोन खुजली, लालपन और सूजन में राहत देता है।
- किसके लिए उपयोगी: एक्जिमा या त्वचा की सूजन की समस्या, जिसमें फंगल संक्रमण भी हो गया हो।
Dermzex-BG Cream (15g)
यह क्रीम उन मामलों में उपयोग की जाती है, जहां त्वचा पर फंगल और बैक्टीरिया दोनों प्रकार का संक्रमण हो।
- साल्ट संरचना: बेक्लोमेटासोन + जेंटामायसिन + क्लोट्रिमाज़ोल
- यह कैसे काम करती है: बेक्लोमेटासोन सूजन कम करता है, जेंटामायसिन बैक्टीरिया को रोकता है और क्लोट्रिमाज़ोल फंगस को खत्म करता है।
- किसके लिए उपयोगी: फंगल संक्रमण, जिसमें बैक्टीरिया भी शामिल हो गया हो।
Dermzex-GM Cream (15g)
यह क्रीम त्वचा पर होने वाले बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण में उपयोग की जाती है।
- साल्ट संरचना: जेंटामायसिन + माइकोनाज़ोल + बेक्लोमेटासोन
- यह कैसे काम करती है: यह क्रीम बैक्टीरिया को रोकती है, फंगस को खत्म करती है और सूजन कम करके खुजली व जलन में राहत देती है।
- किसके लिए उपयोगी: दाद, पैरों का फंगस और सूजन वाले त्वचा संक्रमण।
Fluocin-MF Cream (15g)
यह क्रीम फंगल संक्रमण के साथ होने वाले एलर्जी जैसे लक्षणों में उपयोग की जाती है।
- साल्ट संरचना: फ्लूओसिनोलोन + माइकोनाज़ोल + फ्यूसिडिक एसिड
- यह कैसे काम करती है: फ्लूओसिनोलोन खुजली और सूजन कम करता है, माइकोनाज़ोल फंगस को खत्म करता है और फ्यूसिडिक एसिड बैक्टीरिया को रोकने में मदद करता है।
- किसके लिए उपयोगी: फंगल संक्रमण के साथ लालपन, खुजली या बैक्टीरिया संक्रमण होने पर।
कान की पियर्सिंग के संक्रमण में दवा को सुरक्षित तरीके से कैसे लगाएं?
कान की पियर्सिंग के संक्रमण में सही परिणाम पाने के लिए नीचे दिए गए उपायों का पालन करें:
क्या करें:
- क्रीम लगाने से पहले हाथ अच्छी तरह धो लें
- क्रीम को पियर्सिंग के आसपास हल्के हाथ से लगाएं (छेद के अंदर जोर से न लगाएं)
- दवा लगाने से पहले नमक वाले साफ पानी से जगह को साफ करें
- पियर्सिंग वाली जगह को खुला रखें और हवा लगने दें
क्या न करें:
- डॉक्टर के कहे बिना बालियां न निकालें
- पियर्सिंग के आसपास शराब या तेज रसायन न लगाएं
- संक्रमित जगह को खुजलाएं या रगड़ें नहीं
कान की पियर्सिंग में संक्रमण होने पर डॉक्टर को कब दिखाएं?
अधिकतर मामूली संक्रमण कुछ दिनों में ठीक होने लगता है। लेकिन अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
- बहुत ज्यादा दर्द या सूजन
- पस निकलना और बदबू आना
- बुखार या ठंड लगना
- लालपन का कान से बाहर फैलना
- 5 से 7 दिन उपचार के बाद भी आराम न होना
अगर संक्रमण ज्यादा बढ़ जाए तो डॉक्टर मुंह से ली जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं या मजबूत इलाज लिख सकते हैं।
कान की पियर्सिंग में संक्रमण से बचाव कैसे करें?
संक्रमण का इलाज करने से बेहतर है कि इसे होने ही न दिया जाए। इसके लिए ये उपाय अपनाएं:
- हमेशा प्रमाणित क्लिनिक से ही पियर्सिंग करवाएं
- केवल साफ और कीटाणुरहित उपकरणों का इस्तेमाल हो
- दिन में दो बार नमक वाले पानी से जगह साफ करें
- बार-बार पियर्सिंग को छूने या घुमाने से बचें
- एलर्जी से बचाने वाली बालियां चुनें जैसे सोना या सर्जिकल स्टील
- नई पियर्सिंग वाले कान की तरफ सोने से बचें
- भरने तक तैराकी से बचें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्र. क्या कान की संक्रमित पियर्सिंग में बिना पर्ची वाली क्रीम लगाई जा सकती है?
उ. हां, हल्के संक्रमण में बैक्टीरिया या फंगस रोकने वाली क्रीम से राहत मिल सकती है।
प्र. क्या संक्रमण होने पर बालियां निकाल देनी चाहिए?
उ. नहीं, जब तक डॉक्टर न कहें। जल्दी निकालने से छेद बंद होकर संक्रमण अंदर फंस सकता है।
प्र. कान की पियर्सिंग का संक्रमण ठीक होने में कितना समय लगता है?
उ. हल्का संक्रमण आमतौर पर 3 से 7 दिन में ठीक हो सकता है, अगर समय पर देखभाल की जाए।
प्र. क्या नमक वाला पानी संक्रमित पियर्सिंग को साफ करने के लिए सही है?
उ. हां, नमक वाला पानी हल्का और असरदार होता है। इसे दिन में दो बार उपयोग करें।
प्र. क्या दूसरे त्वचा संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक क्रीम कान में लगाई जा सकती है?
उ. हां, लेकिन ध्यान रहे कि क्रीम संवेदनशील त्वचा के लिए ठीक हो और एलर्जी का परीक्षण जरूर करें।
प्र. क्या कान की पियर्सिंग के संक्रमण में गर्म सेक करना फायदेमंद है?
उ. हां, हल्की सूजन और दर्द में साफ कपड़े से हल्का गर्म सेक करने से राहत मिल सकती है। लेकिन ज्यादा पस हो या दर्द बढ़ रहा हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
प्र. क्या कान की पियर्सिंग में संक्रमण होने पर बालियां बदलनी चाहिए?
उ. अगर बाली से एलर्जी हो रही हो या वह बहुत टाइट हो, तो डॉक्टर की सलाह के बाद उसे बदलना सही रहता है। बिना सलाह के बार-बार बाली निकालना या बदलना संक्रमण बढ़ा सकता है।
प्र. क्या कान की पियर्सिंग के संक्रमण में हल्दी या घरेलू लेप लगाना ठीक है?
उ. नहीं, हल्दी या कोई भी घरेलू लेप सीधे पियर्सिंग वाले छेद पर लगाने से जलन बढ़ सकती है और संक्रमण ज्यादा फैलने का खतरा रहता है। सुरक्षित इलाज के लिए साफ-सफाई और डॉक्टर की सलाह अनुसार दवा का उपयोग करें।
प्र. क्या बार-बार पियर्सिंग को घुमाना संक्रमण को बढ़ा सकता है?
उ. हां, बार-बार पियर्सिंग को घुमाने से छेद में घाव बन सकता है और बैक्टीरिया अंदर जा सकते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है।
प्र. क्या कान की पियर्सिंग में संक्रमण होने पर नहाना या बाल धोना बंद कर देना चाहिए?
उ. नहीं, नहाना या बाल धोना बंद करने की जरूरत नहीं होती। बस ध्यान रखें कि पियर्सिंग वाली जगह पर गंदा पानी या शैंपू ज्यादा न लगे और नहाने के बाद जगह को साफ करके सुखा लें।
निष्कर्ष
कान की पियर्सिंग के संक्रमण को जल्दी ठीक करने के लिए सही दवा चुनना जरूरी है। सामान्य रूप से ऐसी क्रीम प्रभावी होती हैं जिनमें बैक्टीरिया, फंगस और सूजन को कम करने वाले तत्व होते हैं। लेकिन अगर संक्रमण ठीक न हो या बढ़ता जाए तो देर न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। सही सफाई, समय पर उपचार और सुरक्षित तरीके अपनाकर पियर्सिंग को स्वस्थ रखा जा सकता है।
Clobetasol (0.05% w/w) + Miconazole (2% w/w)
15 gm in 1 tube
Clotrimazole (1% W/V) + Beclomethasone Dipropionate (0.025% W/V)
15 ml in 1 bottle
Beclometasone (0.025% w/w) + Neomycin (0.5% w/w) + Clotrimazole (1% w/w)
15gm in 1 tube
Clobetasol (0.05% w/w) + Miconazole (2% w/w) + Neomycin (0.5% w/w)
15 gm in 1 tube
Fluticasone Propionate (0.05% w/w) + Fusidic Acid (2% w/w)
10gm in 1 tube
Fluocinolone acetonide (0.025mg) + Ciprofloxacin (0.5mg) + Clotrimazole (10mg)
15 gm in 1 tube
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