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चित्रकादि वटी (Chitrakadi Vati) – उपयोग, लाभ, खुराक और दुष्प्रभाव

Chitrakadi Vati Chitrakadi Vati
Published On : 23 Jun, 2025 | Written By : Mr. Deepak Saini | Reviewed By : Dr. Anubhav Singh

Chitrakadi Vati, जिसे चित्रकादि गुटिका भी कहा जाता है, एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका मुख्य रूप से उपयोग पाचन शक्ति को सुधारने और पेट से जुड़ी समस्याओं के उपचार में किया जाता है। यह प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनी होती है जो भूख बढ़ाने, गैस कम करने, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और समग्र स्वास्थ्य व तंदुरुस्ती को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। यह टैबलेट उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो अपच, पेट फूलना या भूख न लगने की समस्या से परेशान रहते हैं। यह आमतौर पर वयस्कों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित मानी जाती है।

Chitrakadi Vati के प्रमुख घटक

चित्रकमूल, पिप्पली, मरीच, सोंठ, चव्य, हींग, अजमोदा, यवक्षार, स्वर्जिक्षार, सैंधव नमक, औद्भिद, काला नमक, विदा लवण, समुद्र लवण और नींबू का रस Chitrakadi Vati में मौजूद प्रमुख औषधीय तत्व हैं।

Chitrakadi Vati का महत्व

Chitrakadi Vati एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है जो पाचन शक्ति को बढ़ाने और गैस, पेट फूलना व अपच जैसी समस्याओं से राहत देने में सहायक होती है। यह पाचन अग्नि को तेज करके पेट के कार्य को बेहतर बनाती है और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है। कमजोर पाचन या कम भूख वाले लोगों के लिए यह काफी लाभदायक है। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत और सक्रिय बनाए रखता है।

Chitrakadi Vati के लाभ

अपच के लिए Chitrakadi Vati

  • पोषक तत्वों के अवशोषण, मेटाबॉलिज़्म और पाचन में सुधार करती है।
  • गैस बनने की समस्या को कम करती है और भूख बढ़ाती है।
  • पाचन को सहज बनाती है और भोजन के बाद हल्कापन व ऊर्जा का अनुभव कराती है।

गैस और पेट फूलने के लिए Chitrakadi Vati

  • आंतों में बनने वाली गैस को कम करके प्राकृतिक रूप से बाहर निकालती है।
  • पेट फूलना, डकार और पेट में दबाव की समस्या से बचाव करती है।

कम भूख के लिए Chitrakadi Vati

  • प्राकृतिक भूख को बढ़ाती है और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करती है।
  • आंतों की सफाई कर पाचन अग्नि को सक्रिय करती है।

आईबीएस (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) के लिए Chitrakadi Vati

  • पेट की मांसपेशियों को शांत करती है और दर्द को कम करती है।
  • दस्त, पेट फूलना और अनियमित मल त्याग को नियंत्रित करने में मदद करती है।

कब्ज से राहत के लिए Chitrakadi Vati

  • मल को नरम बनाकर सामान्य मल त्याग बनाए रखती है।
  • मल निष्कासन को आसान बनाती है और कब्ज से राहत देती है।

दस्त के लिए Chitrakadi Vati

  • नियंत्रित मात्रा में लेने पर पुराने दस्त को संभालने में सहायक होती है।
  • पाचन अग्नि को संतुलित करती है और पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाती है।

लिवर की कमजोरी के लिए Chitrakadi Vati

  • शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर लिवर के स्वास्थ्य को सहारा देती है।
  • पाचन, मेटाबॉलिज़्म और ऊर्जा स्तर में सुधार करती है।

शरीर को डिटॉक्स करने के लिए Chitrakadi Vati

  • पेट और आंतों से विषाक्त पदार्थों को निकालकर प्राकृतिक शुद्धिकरण का कार्य करती है।

एसिडिटी के लिए Chitrakadi Vati

  • सीने में जलन, खट्टी डकार और भोजन के बाद होने वाली बेचैनी को कम करती है।
  • पेट की अंदरूनी सूजन को शांत करती है।

मोटापे के लिए Chitrakadi Vati

  • मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाकर प्राकृतिक वजन घटाने में सहायक होती है।
  • धीमे पाचन के कारण होने वाले अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद करती है।

मतली और उल्टी के लिए Chitrakadi Vati

  • पेट को शांत करती है और भोजन को सहन करने की क्षमता बढ़ाती है।
  • उल्टी की इच्छा को कम करती है और पेट के एसिड को संतुलित करती है।

मैलएब्जॉर्प्शन (पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी) के लिए Chitrakadi Vati

  • पाचन को सक्रिय कर पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करती है।
  • शक्ति और ऊर्जा के लिए विटामिन व खनिजों के बेहतर अवशोषण को सुनिश्चित करती है।

कम भूख के लिए Chitrakadi Vati (दोहराव)

  • उन लोगों के लिए उपयोगी है जिन्हें थोड़ी मात्रा खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होता है या लंबे समय तक भूख नहीं लगती।
  • पाचन तंत्र को सक्रिय कर प्राकृतिक रूप से भूख को वापस लाती है।

आंतों के कीड़ों के लिए Chitrakadi Vati

  • आंतों के कीड़ों को नष्ट करती है और पेट की सफाई करती है।
  • कीड़ों के कारण होने वाली बदबूदार सांस या पेट दर्द जैसे लक्षणों को कम करती है।

Chitrakadi Vati कैसे लें?

इस दवा को गुनगुने पानी के साथ या चिकित्सक के निर्देशानुसार लें।

Chitrakadi Vati कब लें?

इस दवा को भोजन के बाद लें। खाली पेट लेने से पेट में जलन या गैस की समस्या हो सकती है।

Chitrakadi Vati कैसे काम करती है?

Chitrakadi Vati मेटाबॉलिज़्म, पाचन और भूख को बढ़ाकर तथा गैस बनने से रोककर कार्य करती है।

Chitrakadi Vati किन लोगों को लेनी चाहिए?

  • कमजोर पाचन वाले लोग
  • गैस या पेट फूलने से परेशान व्यक्ति
  • भूख न लगने की समस्या वाले लोग
  • कब्ज से पीड़ित व्यक्ति
  • अपच या एसिडिटी की समस्या वाले लोग
  • धीमे मेटाबॉलिज़्म वाले व्यक्ति
  • कमजोर पाचन अग्नि वाले लोग
  • भोजन के बाद भारीपन महसूस करने वाले व्यक्ति
  • शरीर में विषाक्त तत्व जमा होने वाले लोग

सुरक्षा उपाय

  • उपयोग से बचें: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका सेवन न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
  • अधिक मात्रा न लें: निर्धारित खुराक में ही दवा लें। अधिक मात्रा लेने से पेट में परेशानी हो सकती है।
  • भंडारण: ठंडी और सूखी जगह पर रखें और बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • दुष्प्रभाव: यदि सेवन के बाद पेट में असहजता या खुजली जैसी कोई समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष

Chitrakadi Vati पाचन सुधारने और गैस, पेट फूलना व एसिडिटी को कम करने के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है। यह पेट के कार्य को बेहतर बनाती है और स्वस्थ भूख को सहारा देती है। सही चिकित्सकीय सलाह के साथ इसका उपयोग करने पर यह कई पेट से जुड़ी समस्याओं का प्राकृतिक उपचार कर सकती है। सुरक्षित और बेहतर परिणामों के लिए हमेशा निर्धारित खुराक का पालन करें और लंबे समय तक उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: Chitrakadi Vati किसके लिए उपयोग की जाती है?
उत्तर: Chitrakadi Vati का उपयोग पाचन सुधारने और गैस, पेट फूलना व भूख न लगने जैसी समस्याओं को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न: क्या मैं Chitrakadi Vati रोज़ ले सकता/सकती हूं?
उत्तर: हां, लेकिन सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें।

प्रश्न: क्या बच्चों को Chitrakadi Vati दी जा सकती है?
उत्तर: बच्चों में इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

प्रश्न: क्या कब्ज में Chitrakadi Vati प्रभावी है?
उत्तर: हां, यह स्वस्थ मल त्याग को बढ़ावा देकर और पाचन सुधारकर कब्ज में सहायक होती है।

प्रश्न: Chitrakadi Vati लेने के बाद परिणाम कब दिखाई देते हैं?
उत्तर: कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों में लक्षणों में सुधार दिख सकता है। हालांकि, परिणाम रोग की स्थिति पर निर्भर करता है। लंबे समय तक उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

प्रश्न: क्या इसके कोई दुष्प्रभाव हैं?
उत्तर: सामान्यतः कोई दुष्प्रभाव नहीं होते, लेकिन अधिक मात्रा लेने पर दस्त या पेट में असहजता हो सकती है।


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