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Pink Eye (कंजक्टिवाइटिस) के लिए सबसे अच्छे आई ड्रॉप्स: लालिमा, खुजली और जलन से तेज़ राहत

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Published On : 05 Jan, 2026 | Written By : Himani Gupta | Reviewed By : Dr. Anubhav Singh

Pink Eye, जिसे कंजक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, आंखों की झिल्ली (कंजक्टिवा) में सूजन के कारण होती है। इसमें आंखों में जलन, चुभन, लालिमा और पानी या गाढ़ा स्राव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गलत या बिना सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से आंखों के ठीक होने में देरी हो सकती है। इसलिए Pink Eye के इलाज के लिए सही आई ड्रॉप्स चुनना बहुत जरूरी हो जाता है। कंजक्टिवाइटिस के लिए आई ड्रॉप्स का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या वायरल है, बैक्टीरियल है या एलर्जी के कारण हुई है।

इसीलिए Pink Eye के इलाज में सही कंजक्टिवाइटिस आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है। यहां हम कंजक्टिवाइटिस के बारे में आसान और उपयोगी जानकारी दे रहे हैं, जिसमें उम्र से जुड़े पहलू और भारत में उपलब्ध प्रभावी दवाओं की जानकारी शामिल है। साथ ही, Zeelab Pharmacy के भरोसेमंद, सुरक्षित और असरदार उत्पादों के बारे में भी जानें।

कंजक्टिवाइटिस (Pink Eye) क्या है?

कंजक्टिवाइटिस, जिसे आम भाषा में Pink Eye कहा जाता है, आंख की बाहरी पारदर्शी झिल्ली में सूजन की स्थिति है। इसके लक्षणों में आंखों का लाल होना, खुजली, जलन और आंखों से पानी या स्राव निकलना शामिल है।

इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कारण बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी है। कंजक्टिवाइटिस के लिए आई ड्रॉप्स का सही इस्तेमाल लक्षणों से राहत देता है और समस्या को बढ़ने से रोकता है।

भारत में कंजक्टिवाइटिस के लिए सबसे अच्छे आई ड्रॉप्स का चुनाव रोग की गंभीरता, प्रकार और मरीज की उम्र के अनुसार किया जाता है। कुछ मामलों में एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स की जरूरत होती है, जबकि अन्य में एंटीहिस्टामिन या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स से राहत मिलती है।

सही जांच और पहचान से जल्दी आराम और बेहतर रिकवरी संभव होती है। इसलिए आंखों की सेहत और आराम के लिए Pink Eye के लिए सही आई ड्रॉप्स चुनना बेहद जरूरी है।

कंजक्टिवाइटिस के प्रकार और उनके कारण

कंजक्टिवाइटिस के कई कारण हो सकते हैं। सभी प्रकारों में लक्षण लगभग एक जैसे दिखते हैं, लेकिन इलाज का तरीका अलग-अलग होता है ताकि सुरक्षित और जल्दी रिकवरी हो सके।

  • बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस: यह बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण है। ऐसे मामलों में डॉक्टर द्वारा बताए गए एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स की जरूरत होती है।
  • वायरल कंजक्टिवाइटिस: यह अक्सर सर्दी-जुकाम या फ्लू से जुड़ा होता है और समय के साथ अपने आप ठीक हो जाता है। जलन कम करने के लिए आराम देने वाले आई ड्रॉप्स उपयोगी होते हैं।
  • एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस: परागकण, धूल, मिट्टी या पालतू जानवरों के कारण होता है। इसमें एंटीहिस्टामिन आई ड्रॉप्स खुजली और लालिमा कम करने में मदद करते हैं।
  • इरिटेंट कंजक्टिवाइटिस: धुआं, केमिकल्स या प्रदूषण के संपर्क में आने से होता है। लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स से आंखों को आराम मिलता है।
  • कॉन्टैक्ट लेंस से जुड़ा कंजक्टिवाइटिस: गंदे या सही तरीके से साफ न किए गए लेंस के कारण होता है। ऐसे में लेंस पहनने से ब्रेक लेना और मेडिकेटेड आई ड्रॉप्स का उपयोग जरूरी होता है।

Pink Eye का इलाज कारण पर क्यों निर्भर करता है?

कंजक्टिवाइटिस के हर प्रकार का कारण अलग होता है, इसलिए उसका इलाज भी अलग होता है। एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस में असरदार होते हैं, जबकि वायरल या एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस में इनका कोई फायदा नहीं होता। वायरल कंजक्टिवाइटिस आमतौर पर कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाता है।

एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस में एंटीहिस्टामिन दवाएं जरूरी होती हैं। गलत आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से आंखों की समस्या बढ़ सकती है या ठीक होने में देरी हो सकती है। इसलिए सही इलाज के लिए कंजक्टिवाइटिस की सही पहचान बहुत जरूरी है।

कंजक्टिवाइटिस के प्रकार के अनुसार Pink Eye के लिए सबसे अच्छे आई ड्रॉप्स

Pink Eye या कंजक्टिवाइटिस का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि यह वायरल है, बैक्टीरियल है या एलर्जी के कारण हुआ है। हर स्थिति में अलग-अलग आई ड्रॉप्स और देखभाल की जरूरत होती है। इलाज शुरू करने से पहले सही जांच और डॉक्टर की सलाह लेना हमेशा जरूरी होता है।

नीचे दी गई तालिका से यह समझने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार की कंजक्टिवाइटिस में कौन से आई ड्रॉप्स उपयुक्त होते हैं:

कंजक्टिवाइटिस का प्रकार

उपयुक्त आई ड्रॉप्स

उद्देश्य

वायरल कंजक्टिवाइटिस

लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स और आर्टिफिशियल टियर्स

जलन, लालिमा और सूखापन कम करता है

बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस

डॉक्टर द्वारा बताए गए एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स

बैक्टीरिया को खत्म करता है और संक्रमण की अवधि कम करता है

एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस

एंटीहिस्टामिन आई ड्रॉप्स

खुजली, लालिमा और आंखों से पानी आने में राहत देता है

ओवर-द-काउंटर (OTC) आई ड्रॉप्स Pink Eye में कब मदद करते हैं?

ओवर-द-काउंटर आई ड्रॉप्स Pink Eye की जलन और असहजता में राहत दे सकते हैं, लेकिन ये बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज नहीं करते और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का विकल्प नहीं होने चाहिए।

  • लक्षणों से राहत: OTC लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स हल्के Pink Eye मामलों में आंखों की सूखापन, लालिमा और खुजली को कम करने में मदद करते हैं।
  • वायरल या एलर्जिक में सहायक: वायरल या एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस में केवल लक्षणों से आराम के लिए उपयोगी होते हैं।
  • एंटीबायोटिक प्रभाव नहीं: OTC आई ड्रॉप्स बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस को ठीक नहीं करते और संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म नहीं करते।
  • कम समय के लिए उपयोग: इन्हें थोड़े समय के लिए ही इस्तेमाल करना चाहिए। बिना सही जांच के लंबे समय तक उपयोग करने से इलाज में देरी हो सकती है।
  • डॉक्टर से परामर्श: यदि आंखों में दर्द, पीप, धुंधला दिखाई देना हो, या 2–3 दिनों में लक्षण ठीक न हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

बच्चों और शिशुओं में Pink Eye के लिए आई ड्रॉप्स: सुरक्षा दिशानिर्देश

शिशुओं और छोटे बच्चों में Pink Eye संक्रमण के लिए आई ड्रॉप्स का उपयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता न हो और इलाज सुरक्षित व प्रभावी रहे।

आयु वर्ग

आम कारण

अनुशंसित तरीका

बच्चे (Kids)

वायरल संक्रमण, बैक्टीरियल संक्रमण, एलर्जी और हाथों की साफ-सफाई की कमी

बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह; जरूरत पड़ने पर डॉक्टर द्वारा बताए गए आई ड्रॉप्स

शिशु (Infants)

आंसू नलिका का बंद होना, संक्रमण या जलन

किसी भी आई ड्रॉप के उपयोग से पहले तुरंत डॉक्टर से परामर्श

कंजक्टिवाइटिस में आई ड्रॉप्स इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश

  • खुद से दवा न लें (सेल्फ-मेडिकेशन से बचें)
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का पूरा कोर्स पूरा करें
  • उम्र के अनुसार उपयुक्त आई ड्रॉप्स ही इस्तेमाल करें
  • किसी भी असामान्य प्रतिक्रिया पर नजर रखें
  • समस्या बढ़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें

बैक्टीरियल और लुब्रिकेटिंग कंजक्टिवाइटिस के लिए Zeelab Pharmacy द्वारा सुझाए गए आई ड्रॉप्स

यहां Zeelab Pharmacy के कुछ किफायती और भरोसेमंद आई ड्रॉप्स दिए गए हैं। ये उत्पाद डॉक्टरों द्वारा पसंद किए जाने वाले, सुरक्षित और प्रभावी हैं। साथ ही, Zeelab Pharmacy के सभी उत्पाद WHO-GMP, ISO और FDA प्रमाणित हैं, जिससे इनकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

Zoxicin Eye Drops

Zoxicin Eye Drops एक एंटीबायोटिक दवा है, जिसमें Moxifloxacin (0.5% w/v) शामिल है। यह आंखों के बैक्टीरियल संक्रमण जैसे कंजक्टिवाइटिस और कॉर्नियल अल्सर के इलाज में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। यह दवा संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकती है, जिससे आंखों की लालिमा, जलन और सूजन कम होती है।

  • संयोजन (Composition): Moxifloxacin (0.5% w/v)
  • क्या करता है: बैक्टीरियल आंखों के संक्रमण का इलाज करता है।
  • कैसे उपयोग करें: डॉक्टर की सलाह अनुसार प्रभावित आंख में दिन में 3–4 बार 1–2 बूंद डालें।

Zeetob Eye Drop

Zeetob Eye Drop 5 ml एक एंटीबायोटिक आई ड्रॉप है, जिसका उपयोग बैक्टीरियल आंखों के संक्रमण के इलाज में किया जाता है। इसमें Tobramycin (0.3% w/v) होता है, जो आंखों में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है।

  • संयोजन (Composition): Tobramycin (0.3% w/v)
  • क्या करता है: कंजक्टिवाइटिस या ड्राई आई से होने वाली लालिमा, जलन और असहजता में राहत देता है।
  • कैसे उपयोग करें: हाथ धोएं, सिर पीछे झुकाएं, 1–2 बूंद डालें और आंखें बंद करें।

Oflozee Eye & Ear Drops

Oflozee Eye/Ear Drops (10 ml) एक प्रिस्क्रिप्शन एंटीबायोटिक सॉल्यूशन है, जो आंखों और कानों के बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज के लिए बनाया गया है। इसमें Ofloxacin (0.3% w/v) होता है, जो बैक्टीरिया की वृद्धि को रोककर लालिमा, जलन, स्राव और दर्द में राहत देता है।

  • संयोजन (Composition): Ofloxacin (0.3% w/v)
  • क्या करता है: आंख और कान के बैक्टीरियल संक्रमण में प्रभावी।
  • कैसे उपयोग करें: डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा और समय अनुसार उपयोग करें।

Zelocip Eye/Ear Drops

Zelocip Eye/Ear Drops में Ciprofloxacin (0.3%) होता है, जो आंखों और कानों के बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में आमतौर पर उपयोग किया जाता है। यह दवा आंखों में दर्द, लालिमा, खुजली, सूजन और कान से स्राव जैसी समस्याओं में राहत देती है।

  • संयोजन (Composition): Ciprofloxacin (0.3% w/v)
  • क्या करता है: आंख और कान के बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज करता है।
  • कैसे उपयोग करें: डॉक्टर द्वारा निर्धारित मात्रा में उपयोग करें।

Zonticin Eye Drop

Zonticin Gentamicin Eye and Ear Drops (10 ml) एक एंटीबायोटिक सॉल्यूशन है, जो आंखों और कानों के बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। यह कंजक्टिवाइटिस, ब्लेफेराइटिस और बाहरी कान के संक्रमण में होने वाली लालिमा, सूजन, जलन और स्राव से राहत देता है।

  • संयोजन (Composition): Gentamicin (0.3% w/v)
  • क्या करता है: आंखों के बैक्टीरियल संक्रमण को नियंत्रित करता है और लक्षणों से राहत देता है।
  • कैसे उपयोग करें: डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा के अनुसार उपयोग करें।

यह भी पढ़ें: डेली उपयोग के लिए बेस्ट आई ड्रॉप्स

भारत में Pink Eye के लिए बेस्ट आई ड्रॉप्स खरीदने से पहले क्या ध्यान रखें

भारत में Pink Eye के लिए सही आई ड्रॉप्स का चुनाव उसकी उपलब्धता और सही मेडिकल जांच पर निर्भर करता है।

  • भारत में उपलब्धता: यह सुनिश्चित करें कि आई ड्रॉप्स स्थानीय या ऑनलाइन फार्मेसी में आसानी से उपलब्ध हों।
  • सही जांच: वायरल, बैक्टीरियल या एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के लिए अलग-अलग आई ड्रॉप्स की जरूरत होती है।
  • प्रिस्क्रिप्शन बनाम OTC: एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स डॉक्टर की पर्ची से मिलते हैं, जबकि लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स OTC होते हैं।
  • किफायती विकल्प: अच्छी गुणवत्ता के साथ किफायती विकल्प चुनें।
  • भरोसेमंद फार्मेसी: Zeelab Pharmacy जैसी विश्वसनीय फार्मेसी से ही खरीदें।

आई ड्रॉप्स के साथ कंजक्टिवाइटिस ठीक होने में कितना समय लगता है?

कंजक्टिवाइटिस के प्रकार के अनुसार ठीक होने में लगने वाला समय अलग-अलग होता है। Pink Eye के इलाज के दौरान यह जानना जरूरी है कि आई ड्रॉप्स कितने दिनों तक उपयोग करने चाहिए।

नीचे दी गई तालिका से ठीक होने की सामान्य समय-सीमा समझी जा सकती है:

प्रकार औसत रिकवरी समय ठीक होने को प्रभावित करने वाले कारक
वायरल 1–2 सप्ताह इम्यून सिस्टम, स्वच्छता और लक्षणों का प्रबंधन
बैक्टीरियल 5–7 दिन सही एंटीबायोटिक उपयोग, संक्रमण की गंभीरता और स्वच्छता
एलर्जिक कुछ दिन से कुछ सप्ताह एलर्जन से बचाव, एंटीहिस्टामिन ड्रॉप्स और संवेदनशीलता

अगर Pink Eye में आई ड्रॉप्स असर नहीं कर रहे हों तो क्या करें?

कुछ स्थितियों में Pink Eye को ठीक करने में आई ड्रॉप्स अपेक्षित असर नहीं दिखा पाते। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • संक्रमण के कारण (वायरल, बैक्टीरियल या एलर्जिक) के अनुसार गलत प्रकार के आई ड्रॉप्स का उपयोग
  • कुछ बैक्टीरिया का किसी विशेष एंटीबायोटिक के प्रति रेसिस्टेंट होना
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए पूरे कोर्स को पूरा न करना
  • आई ड्रॉप्स सही तरीके से या सही मात्रा में न डालना, जिससे प्रभाव कम हो जाता है

यदि लालिमा, आंखों से स्राव या जलन जैसे लक्षण बने रहें, तो दोबारा डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है ताकि सही कारण पता चल सके और वैकल्पिक इलाज शुरू किया जा सके।

खुद से अन्य एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे दवाओं का गलत उपयोग हो सकता है और बैक्टीरिया दवाओं के प्रति रेसिस्टेंट बन सकते हैं, जिससे ठीक होने में और देरी होती है। समय पर डॉक्टर द्वारा किया गया इलाज सुरक्षित और प्रभावी होता है।

यह भी पढ़ें:  कंप्यूटर और मोबाइल यूज़र्स के लिए बेस्ट आई ड्रॉप्स (भारत में)

आई ड्रॉप्स शुरू करने के बाद भी क्या Pink Eye संक्रामक रहता है?

हां, आई ड्रॉप्स लेने के बाद भी Pink Eye का संक्रामक होना कंजक्टिवाइटिस के प्रकार पर निर्भर करता है। बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस में एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स शुरू करने के बाद भी लगभग 24 से 48 घंटे तक संक्रमण फैल सकता है।

वायरल कंजक्टिवाइटिस में, आराम देने वाले आई ड्रॉप्स के उपयोग के बावजूद संक्रमण कुछ अधिक समय तक फैल सकता है। वहीं, एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस संक्रामक नहीं होता।

Pink Eye में संक्रमण फैलने से रोकने और जल्दी ठीक होने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • बार-बार हाथ धोएं
  • अपना तौलिया अलग रखें
  • आंखों को छूने या रगड़ने से बचें
  • आई ड्रॉप्स और मेकअप किसी से साझा न करें

तेजी से राहत के लिए आई ड्रॉप्स का सही तरीका

आई ड्रॉप्स का सही तरीके से उपयोग करने से संक्रमण पर बेहतर नियंत्रण मिलता है, लक्षणों से राहत मिलती है और संक्रमण बढ़ने या दूषित होने का खतरा कम होता है।

भाग

मुख्य बातें

स्टेप-बाय-स्टेप सुरक्षित तरीका

हाथ साफ करें, सिर पीछे की ओर झुकाएं, निचली पलक को हल्का नीचे खींचें, आंख के कोने में बूंद डालें और धीरे-धीरे पलकें झपकाएं

स्वच्छता से जुड़ी सलाह

हमेशा हाथ धोएं, ड्रॉपर की नोक को आंख या उंगलियों से न छुएं और बोतल को अच्छी तरह बंद रखें

आम गलतियां जिनसे बचें

ड्रॉपर का आंख से संपर्क, डोज़ भूल जाना, इलाज बीच में छोड़ देना और आई ड्रॉप्स साझा करना

निष्कर्ष: सुरक्षित और तेज़ राहत के लिए सही आई ड्रॉप्स चुनें

Pink Eye देखने में एक मामूली समस्या लग सकती है, लेकिन इसका गलत इलाज आंखों के ठीक होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। बैक्टीरियल, वायरल, एलर्जिक या जलन के कारण हुई कंजक्टिवाइटिस—हर स्थिति में सही पहचान बेहद जरूरी है, ताकि उपयुक्त आई ड्रॉप्स का चुनाव किया जा सके।

बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस में केवल एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स ही प्रभावी होते हैं, जबकि वायरल या एलर्जिक मामलों में सपोर्टिव या एंटीहिस्टामिन ड्रॉप्स उपयोगी होते हैं। किफायती और गुणवत्ता-युक्त आई ड्रॉप्स के लिए Zeelab Pharmacy से परामर्श करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: कंजक्टिवाइटिस के लिए सबसे अच्छे आई ड्रॉप्स कौन से हैं?
उत्तर: बैक्टीरियल के लिए एंटीबायोटिक, एलर्जिक के लिए एंटीहिस्टामिन और वायरल कंजक्टिवाइटिस के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स, जैसा कि डॉक्टर सलाह दें।

प्रश्न: कंजक्टिवाइटिस में कौन से आई ड्रॉप्स उपयोग किए जाते हैं?
उत्तर: अगर आंखों से गाढ़ा स्राव हो रहा है तो एंटीबायोटिक ड्रॉप्स की जरूरत होती है, अन्यथा आराम देने वाले या एंटीहिस्टामिन ड्रॉप्स पर्याप्त हो सकते हैं।

प्रश्न: Pink Eye के लिए आई ड्रॉप्स दिन में कितनी बार इस्तेमाल किए जा सकते हैं?
उत्तर: आमतौर पर स्थिति की गंभीरता के अनुसार दिन में 2 से 4 बार उपयोग किया जाता है।

प्रश्न: आंखों की लालिमा कम होने पर क्या आई ड्रॉप्स बंद कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, इलाज बीच में बंद नहीं करना चाहिए। लक्षण कम होने के बावजूद पूरा कोर्स पूरा करें।

प्रश्न: क्या वायरल कंजक्टिवाइटिस में एंटीबायोटिक जरूरी है?
उत्तर: नहीं, वायरल कंजक्टिवाइटिस में आमतौर पर लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स और स्वच्छता ही पर्याप्त होती है।

प्रश्न: एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के लिए कौन से आई ड्रॉप्स बेहतर हैं?
उत्तर: एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस में एंटीहिस्टामिन आई ड्रॉप्स लक्षणों से राहत देते हैं।

प्रश्न: क्या बच्चों के लिए कंजक्टिवाइटिस आई ड्रॉप्स सुरक्षित हैं?
उत्तर: हां, यदि बच्चों के लिए निर्धारित डोज़ का सही तरीके से पालन किया जाए।

प्रश्न: कंजक्टिवाइटिस के दौरान क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहन सकते हैं?
उत्तर: नहीं, लक्षण पूरी तरह ठीक होने तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से बचें।

प्रश्न: क्या आई ड्रॉप्स परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा किए जा सकते हैं?
उत्तर: नहीं, आई ड्रॉप्स साझा करने से संक्रमण फैल सकता है। हर व्यक्ति की अलग बोतल होनी चाहिए।

प्रश्न: Pink Eye में डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
उत्तर: यदि दर्द, नजर में बदलाव, सूजन या बुखार बना रहे या दवा के बावजूद लक्षण बढ़ें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।


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