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दशमूलारिष्ट (Dashmularishta) के उपयोग, फायदे, खुराक और पोषण सूची

Dashmularishta Dashmularishta
Published On : 02 Dec, 2025 | Written By : Mr. Deepak Saini | Reviewed By : Dr. Anubhav Singh

दशमूलेरिष्ट, जिसे दशमूलारिष्ट भी कहा जाता है, एक पारंपरिक आयुर्वेदिक टॉनिक है जो दस औषधीय पौधों की जड़ों के मिश्रण “दशमूल” से बनाया जाता है। यह प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी, पाचन शक्ति को सुधारने, सूजन कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। यह एक सामान्य स्वास्थ्यवर्धक टॉनिक है, जो खासकर प्रसव के बाद महिलाओं के लिए लाभदायक होता है। यह शरीर को ताकत लौटाने, हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और संपूर्ण स्वास्थ्य व ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। दशमूलेरिष्ट वयस्कों, विशेषकर महिलाओं, के लिए उपयुक्त है।

पोषण सूची (Nutrition Value Table)

पोषण तत्व 100 ग्राम में मात्रा
ऊर्जा 89.72 kcal
कार्बोहाइड्रेट 22.92 g
कुल शर्करा 20.10 g
प्रोटीन 0.14 g
वसा 0.02 g
कैल्शियम 21.12 mg
सोडियम 3.43 mg
पोटैशियम 54.00 mg

दशमूलेरिष्ट का महत्व

दशमूलेरिष्ट एक प्राकृतिक आयुर्वेदिक टॉनिक है जो ऊर्जा, शक्ति, जीवनशक्ति और संपूर्ण सेहत को बेहतर बनाता है। यह विशेष रूप से प्रसव के बाद महिलाओं के लिए उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को मजबूत करता है और प्रजनन प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखता है। यह थकान को कम करता है, हार्मोन को संतुलित करता है और इम्युनिटी को बढ़ाता है। हर उम्र के वयस्क इसे नियमित रूप से इस्तेमाल करके खुद को अधिक सक्रिय और स्वस्थ महसूस कर सकते हैं, इसी वजह से यह दैनिक स्वास्थ्य देखभाल में एक लोकप्रिय विकल्प है।

दशमूलेरिष्ट (Dashmularishta) के फायदे

ऊर्जा बढ़ाने में दशमूलेरिष्ट:

  • यह शरीर में ऊर्जा स्तर बढ़ाता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • यह थकान और कमजोरी को दूर करता है, खासकर प्रसव के बाद की रिकवरी में उपयोगी है।
  • यह पूरे दिन ताजगी और सक्रियता का अनुभव कराता है।

महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक:

  • यह प्रसव के बाद सूजन, दर्द और कमजोरी कम करने में मदद करता है तथा प्रजनन प्रणाली को मजबूत बनाता है।
  • यह हार्मोनल असंतुलन और अनियमित मासिक धर्म को नियंत्रित करने में सहायक है।
  • यह उन महिलाओं के लिए लाभदायक है जिन्हें डिलीवरी के बाद शरीर में दर्द, कमजोरी या थकान महसूस होती है।

पाचन में सुधार:

  • यह गैस, सूजन, अपच और पेट संबंधी असुविधाओं को कम करता है।
  • यह पाचन शक्ति को मजबूत करता है और आंतों में अच्छे जीवाणुओं का संतुलन बनाए रखता है।
  • यह कब्ज को दूर करके पेट को हल्का और आरामदायक महसूस कराता है।

इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक:

  • यह शरीर को संक्रमणों से बचाने की प्राकृतिक क्षमता को बढ़ाता है।
  • यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और शरीर में सूजन को कम करता है।
  • यह मौसम बदलने पर होने वाले सर्दी-जुकाम से बचाव में उपयोगी है।

जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए दशमूलेरिष्ट:

  • इसकी सूजनरोधी (Anti-inflammatory) गुणधर्म सूजन और दर्द को कम करते हैं।
  • यह गठिया (Arthritis) जैसे जोड़ों से संबंधित रोगों में जोड़ों को मजबूत और स्वस्थ बनाने में सहायक है।
  • यह शरीर में होने वाले सामान्य दर्द, कमर दर्द और कमजोरी को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

हार्मोन संतुलन के लिए दशमूलेरिष्ट:

  • यह शरीर में हार्मोनों के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, विशेषकर महिलाओं में।
  • यह अनियमित माहवारी, मूड स्विंग्स और प्रसव या रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद होने वाले हार्मोनल बदलावों में लाभकारी है।
  • यह मन को शांत करके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है और शरीर को स्वाभाविक रूप से संतुलित रखता है।

प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर के रूप में दशमूलेरिष्ट:

  • यह शरीर से विषैले तत्वों (Toxins) को बाहर निकालता है और लीवर के कार्य को बेहतर बनाता है।
  • यह शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करता है और त्वचा को पुनर्जीवित करता है।
  • यह त्वचा के रंग-रूप में निखार लाता है और चेहरे की चमक को बढ़ाता है।

प्रसवोत्तर रिकवरी के लिए दशमूलेरिष्ट:

  • यह डिलीवरी के बाद महिलाओं में कमजोरी को कम करके विशेष देखभाल प्रदान करता है।
  • यह रिकवरी प्रक्रिया को तेज करता है, शरीर को मजबूत बनाता है और दर्द को कम करता है।
  • यह दूध उत्पादन में सहायता करता है और मूड को संतुलित रखकर महिलाओं को मानसिक रूप से स्थिर बनाता है।

दशमूलेरिष्ट (Dashmularishta) कैसे लें?

इस औषधि को भोजन के बाद लें। इसे समान मात्रा में पानी मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें। हमेशा चिकित्सक द्वारा बताई गई मात्रा और अवधि का पालन करें।

दशमूलेरिष्ट कब लें?

इसे सुबह या शाम भोजन के बाद लेना सबसे अच्छा होता है। भोजन के साथ लेने से इसका अवशोषण बेहतर होता है।

दशमूलेरिष्ट कैसे काम करता है?

दशमूलेरिष्ट शरीर में सूजन कम करता है, दर्द में राहत देता है, पाचन शक्ति बढ़ाता है और ऊर्जा में सुधार करता है। यह विशेषकर प्रसव के बाद महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को मजबूत बनाकर संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

कौन लोग दशमूलेरिष्ट लें?

  • प्रसव के बाद कमजोरी महसूस कर रही महिलाएं।
  • मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं वाली महिलाएं।
  • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग।
  • थकान या कमजोरी महसूस करने वाले व्यक्ति।
  • जोड़ों में दर्द, सूजन या गठिया से पीड़ित लोग।
  • बुजुर्ग लोग जिनके लिए शक्ति और जीवनशक्ति महत्वपूर्ण है।
  • रोग या सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे लोग।
  • पाचन तंत्र की समस्या वाले व्यक्ति।
  • हार्मोनल असंतुलन से परेशान महिलाएं।
  • सामान्य स्वास्थ्य टॉनिक की तलाश में कोई भी व्यक्ति।
  • मानसिक अस्थिरता या मूड में उतार-चढ़ाव महसूस करने वाली महिलाएं।

सावधानियां

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  • भंडारण: इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें। सीधे धूप से बचाएं और बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • खुराक: हमेशा डॉक्टर द्वारा निर्धारित मात्रा में ही सेवन करें।
  • चिकित्सकीय परामर्श: यदि आपको कोई पुरानी बीमारी है या दवा चल रही है, तो इसे लेने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

निष्कर्ष

दशमूलारिष्ट एक प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे उच्च गुणवत्ता वाली जड़ी-बूटियों से बनाया जाता है। यह प्रसव के बाद महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को मजबूत करने, थकान कम करने और शरीर को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्राकृतिक स्वास्थ्य उपायों के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ, दशमूलारिष्ट सभी आयु वर्ग के लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। शुद्ध और विश्वसनीय स्रोत से चुना गया दशमूलारिष्ट लंबे समय तक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए एक प्रभावी हर्बल टॉनिक साबित होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: दशमूलारिष्ट का उपयोग किस लिए किया जाता है?
उत्तर: दशमूलारिष्ट (Dashmularishta) एक महिला स्वास्थ्य टॉनिक है, जो प्रसव के बाद होने वाली कमजोरी से उबरने में मदद करता है। यह ऊर्जा बढ़ाता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है, हार्मोन संतुलित करता है और पाचन व संपूर्ण स्वास्थ्य सुधारता है।

प्रश्न: क्या दशमूलारिष्ट सुरक्षित है?
उत्तर: हां, चिकित्सकीय सलाह के तहत इसका सेवन सुरक्षित माना जाता है।

प्रश्न: क्या दशमूलारिष्ट के कोई दुष्प्रभाव हैं?
उत्तर: यह आमतौर पर सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों में गैस या पेट से संबंधित हल्की परेशानी हो सकती है।

प्रश्न: क्या पुरुष भी दशमूलारिष्ट ले सकते हैं?
उत्तर: हां, पुरुष भी थकान, कमजोरी, कम ऊर्जा और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में इसका उपयोग कर सकते हैं।

प्रश्न: दशमूलारिष्ट कब तक लेना चाहिए?
उत्तर: इसकी अवधि व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करती है। आमतौर पर 1 से 3 महीने तक लेने पर अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं, लेकिन सटीक अवधि के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

प्रश्न: क्या दशमूलारिष्ट वजन बढ़ाता है?
उत्तर: नहीं, यह वजन नहीं बढ़ाता। यह शरीर की ऊर्जा और पाचन क्रिया को सुधारता है, जिससे कमजोरी दूर होती है।

प्रश्न: क्या दशमूलारिष्ट मधुमेह (डायबिटीज) रोगियों के लिए सुरक्षित है?
उत्तर: इसमें प्राकृतिक शर्करा मौजूद होती है, इसलिए डायबिटीज रोगियों को इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

प्रश्न: क्या दशमूलारिष्ट को खाली पेट ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं, इसे भोजन के बाद लेना अधिक लाभकारी होता है, क्योंकि भोजन इसके अवशोषण में मदद करता है और पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।

प्रश्न: क्या दशमूलारिष्ट मासिक धर्म के दर्द में लाभ करता है?
उत्तर: हां, इसके सूजनरोधी गुण मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन, दर्द और थकान को कम करने में मदद करते हैं।

प्रश्न: क्या दशमूलारिष्ट नियमित रूप से लिया जा सकता है?
उत्तर: हां, इसे चिकित्सकीय सलाह के साथ नियमित सेवन किया जा सकता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता और संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।

प्रश्न: क्या बच्चों को दशमूलारिष्ट दिया जा सकता है?
उत्तर: सामान्यतः यह वयस्कों के लिए बनाया गया है। बच्चों को देने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।


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