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वैरिकोज़ वेन्स (Varicose Veins) के लिए सबसे अच्छी दवा

Medicine For Varicose Veins Medicine For Varicose Veins
Published On : 20 May, 2025 | Written By : Mr. Deepak Saini | Reviewed By : Dr. Anubhav Singh

वैरिकोज़ वेन्स (Varicose Veins) भारत में एक आम नसों से जुड़ी समस्या है, जो रक्त संचार, पैरों की सेहत और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। यह समस्या तब होती है जब नसों के वाल्व कमज़ोर हो जाते हैं और खून सही तरीके से ऊपर की ओर नहीं जा पाता। इसके कारण नसें फूल जाती हैं, मुड़ जाती हैं और साफ दिखाई देने लगती हैं। समय पर सही इलाज न होने पर पैरों में सूजन, भारीपन, ऐंठन, त्वचा का रंग बदलना और गंभीर मामलों में घाव (अल्सर) तक हो सकते हैं।

वैरिकोज़ वेन्स की सबसे अच्छी दवा व्यक्ति की समस्या की जड़ पर निर्भर करती है — जैसे लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना, मोटापा, कमजोर रक्त संचार या आनुवंशिक कारण। इसके इलाज में एलोपैथिक दवाएं, आयुर्वेदिक औषधियां, सप्लीमेंट्स और जीवनशैली में बदलाव शामिल होते हैं।

इस ब्लॉग में हम भारत में वैरिकोज़ वेन्स की सबसे असरदार दवाओं, उनके उपयोग और Zeelab Pharmacy पर उपलब्ध सुरक्षित व किफायती विकल्पों के बारे में विस्तार से बताएंगे। चाहे आपको नसों में हल्की सूजन हो या गंभीर वैरिकोज़ वेन्स की समस्या, सही जानकारी लेना राहत और लंबे समय तक नसों की सेहत बनाए रखने का पहला कदम है।

वैरिकोज़ वेन्स के सामान्य कारण

किसी भी दवा को शुरू करने से पहले इसके कारण को समझना बेहद ज़रूरी है। सही उपचार इन्हीं कारणों को ध्यान में रखकर चुना जाता है:

  • नसों की दीवारों का कमजोर होना और वाल्व का सही से काम न करना
  • लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना
  • मोटापा और बढ़ा हुआ शरीर का वजन
  • शारीरिक गतिविधि की कमी और बैठे रहने वाली जीवनशैली
  • परिवार में नसों की बीमारी का इतिहास
  • गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव
  • बढ़ती उम्र और नसों की लचीलापन कम होना

Zeelab Pharmacy डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए और वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए समाधान प्रदान करता है, जो इन कारणों पर प्रभावी और किफायती तरीके से काम करते हैं।

वैरिकोज़ वेन्स की दवाओं के फायदे

  • लक्षणों से राहत: पैरों के दर्द, सूजन, जलन और असहजता में कमी।
  • जीवन की गुणवत्ता में सुधार: नसों की समस्या कम होने से दैनिक जीवन आसान बनता है।
  • जटिलताओं से बचाव: त्वचा के घाव, खून के थक्के और ब्लीडिंग का जोखिम कम होता है।
  • बेहतर रक्त संचार: पैरों में खून का प्रवाह सुधरता है।
  • कॉस्मेटिक सुधार: उभरी हुई नसें कम दिखाई देती हैं।
  • बेहतर चलने-फिरने की क्षमता: दर्द कम होने से गतिविधि बढ़ती है।
  • तेज़ भराव: त्वचा के घाव और अल्सर जल्दी ठीक होने में मदद।
  • दोबारा होने की संभावना कम: सही इलाज से समस्या के लौटने का खतरा घटता है।
  • दर्द और ऐंठन में कमी: पैरों के भारीपन और क्रैम्प्स से राहत।

वैरिकोज़ वेन्स की दवाएं कैसे काम करती हैं?

वैरिकोज़ वेन्स की दवाएं नसों की मजबूती बढ़ाने, सूजन कम करने और दर्द, भारीपन व सूजन जैसे लक्षणों से राहत देने में मदद करती हैं। ये दवाएं नसों की समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं करतीं, लेकिन इसके बढ़ने की गति को कम करती हैं और जीवन को अधिक आरामदायक बनाती हैं।

भारत में वैरिकोज़ वेन्स के लिए जेनेरिक दवाएं

जेनेरिक दवा उपयोग
Diosmin + Hesperidin नसों की टोन सुधारता है, सूजन और दर्द कम करता है।
Horse Chestnut Extract (Aesculus hippocastanum) सूजन घटाता है, नसों को मज़बूत करता है और रक्त संचार बेहतर बनाता है।
Rutin (Bioflavonoid) नसों की लचक बढ़ाता है और केशिकाओं से रिसाव कम करता है।
Calcium Dobesilate रक्त संचार सुधारता है, दर्द कम करता है और जटिलताओं से बचाता है।

वैरिकोज़ वेन्स की दवाएं

डायोस्मिन + हेस्पेरिडिन (Diosmin + Hesperidin)

यह फ्लेवोनॉइड आधारित दवा नसों को मज़बूत बनाती है, रक्त संचार सुधारती है और सूजन व दर्द से राहत देती है। यह क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी के लक्षणों को नियंत्रित करने में भी असरदार है।

हॉर्स चेस्टनट (Horse Chestnut Extract)

एक भरोसेमंद आयुर्वेदिक-हर्बल अर्क, जो नसों की सूजन कम करता है, रक्त वाहिकाओं को मज़बूत बनाता है और पैरों के भारीपन व दर्द से प्राकृतिक रूप से राहत देता है।

रुटिन (Rutin)

यह एक प्राकृतिक बायोफ्लेवोनॉइड है जो नसों की लचीलापन बढ़ाता है और कमजोर केशिकाओं से होने वाले रिसाव को रोकता है। लंबे समय तक उपयोग में यह वैरिकोज़ वेन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है।

कैल्शियम डोबेसिलाट (Calcium Dobesilate)

यह एक प्रभावी प्रिस्क्रिप्शन दवा है जो सूक्ष्म रक्त संचार को बेहतर बनाती है और नसों की पारगम्यता कम करती है। इससे दर्द, सूजन और भारीपन घटता है और वेनस अल्सर जैसी जटिलताओं से बचाव होता है।

आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ (Ayurvedic Herbs)

अश्वगंधा, गुग्गुल और त्रिफला जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां सूजन कम करने, नसों को मज़बूत बनाने और रक्त संचार सुधारने में सहायक होती हैं। ये वैरिकोज़ वेन्स के दीर्घकालिक और सुरक्षित प्रबंधन में मदद करती हैं।

भारत में वैरिकोज़ वेन्स की सबसे अच्छी दवाएं

दवा का नाम उपयोग
Dobives 500 Capsule - वैरिकोज़ वेन्स और क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी (पैरों में दर्द, भारीपन, सूजन) के इलाज में उपयोगी।
- बवासीर के लक्षण जैसे दर्द, खुजली और ब्लीडिंग में राहत।
- रक्त संचार सुधारता है और पैरों की थकान कम करता है।
Daflozee 1000 Tablet - क्रॉनिक वेनस डिज़ीज़ में सूजन और असहजता कम करने में मदद।
- वैरिकोज़ वेन्स और पैरों के भारीपन में प्रभावी।
- बवासीर के लक्षणों से राहत देता है।

भारत में वैरिकोज़ वेन्स की सबसे अच्छी टैबलेट्स

Dobives 500 Capsule

  • यह क्या है: यह एक डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली दवा है, जो वैरिकोज़ वेन्स और वेनस इंसफिशिएंसी के इलाज में उपयोग की जाती है।
  • सॉल्ट कम्पोज़िशन: Dobesilic Acid (500mg)
  • यह कैसे काम करती है: यह सूक्ष्म रक्त संचार (माइक्रोसर्कुलेशन) को बेहतर बनाती है, केशिकाओं की कमजोरी कम करती है और नसों की समग्र सेहत को सपोर्ट करती है।
  • किसके लिए बेहतर: क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी, वैरिकोज़ वेन्स या नसों की कमजोरी से पीड़ित मरीजों के लिए।

Daflozee 1000 Tablet

  • यह क्या है: नसों से जुड़ी समस्याओं और वैस्कुलर हेल्थ के लिए दी जाने वाली एक क्लिनिकली प्रिस्क्राइब्ड दवा।
  • सॉल्ट कम्पोज़िशन: Diosmin (900mg) + Hesperidin (100mg)
  • यह कैसे काम करती है: नसों की टोन को मजबूत करती है, सूजन और दर्द कम करती है और रक्त संचार को बेहतर बनाती है।
  • किसके लिए बेहतर: वैरिकोज़ वेन्स, बवासीर (Hemorrhoids) और वेनस इंसफिशिएंसी से पीड़ित मरीजों के लिए।

किन बातों से बचें?

वैरिकोज़ वेन्स की दवाएं लेते समय नीचे दी गई चीज़ों से बचना चाहिए:

  • ज्यादा नमक वाला भोजन: इससे शरीर में पानी रुकता है, जिससे पैरों की सूजन बढ़ सकती है।
  • अधिक शक्कर वाला आहार: ज्यादा मीठा खाने से वजन बढ़ता है, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है।
  • चिकना और तला-भुना खाना: रेड मीट, बटर और बेकन जैसे खाद्य पदार्थ ब्लड प्रेशर और नसों को प्रभावित कर सकते हैं।
  • लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना: इससे खून नसों में जमा होने लगता है और समस्या बढ़ सकती है।
  • टाइट कपड़े पहनना: तंग कपड़े रक्त प्रवाह को रोकते हैं और नसों पर दबाव डालते हैं।
  • अत्यधिक शराब का सेवन: इससे नसें फैलती हैं, जो वैरिकोज़ वेन्स के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • धूम्रपान: सिगरेट नसों को नुकसान पहुंचाती है, रक्त संचार बिगाड़ती है और ब्लड प्रेशर बढ़ाती है।
  • वजन बढ़ना: ज्यादा वजन नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है और वैरिकोज़ वेन्स का खतरा बढ़ाता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि दवा लेते समय नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • गंभीर लक्षण: नसें बहुत ज्यादा उभरी हों और दर्द, धड़कन या ऐंठन हो रही हो।
  • टखने के पास रैश: अगर टखने के आसपास खुजली या सूखी त्वचा के साथ रैश हो जाए।
  • गर्भावस्था के दौरान: प्रेग्नेंसी में वैरिकोज़ वेन्स होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।
  • घाव (अल्सर) बनना: टखने के पास घाव होना वैरिकोज़ वेन्स के बढ़ने का संकेत है।
  • टखने के आसपास नीली नसें: अगर टखना नीला दिखाई देने लगे तो मेडिकल सलाह लें।
  • सूजन: पैरों की नसों के आसपास लगातार सूजन रहना।

सारांश

वैरिकोज़ वेन्स की दवाओं का मुख्य उद्देश्य दर्द, सूजन, जलन और रैश को कम करना, रक्त संचार को बेहतर बनाना और खून के थक्के बनने से रोकना है। सही समय पर पहचान, उचित इलाज, जीवनशैली में सुधार और कॉस्मेटिक केयर के ज़रिए वैरिकोज़ वेन्स के लक्षणों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है और नसों की उभरी हुई बनावट को कम किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्र. क्या दवाओं से वैरिकोज़ वेन्स पूरी तरह ठीक हो सकते हैं?
उ. नहीं, दवाओं से वैरिकोज़ वेन्स पूरी तरह ठीक नहीं होते। दवाएं केवल लक्षणों को नियंत्रित करती हैं और नसों के कामकाज को बेहतर बनाती हैं।

प्र. वैरिकोज़ वेन्स की दवाओं के साइड इफेक्ट क्या हैं?
उ. आमतौर पर गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होते, लेकिन कुछ लोगों में दवा लेने पर हल्की पेट की समस्या या असहजता महसूस हो सकती है।

प्र. वैरिकोज़ वेन्स की दवा कब लेनी चाहिए?
उ. अगर पैरों में दर्द, सूजन, रैश, खून का थक्का या पैरों का आकार बढ़ता हुआ दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर उचित इलाज शुरू करना चाहिए।

प्र. वैरिकोज़ वेन्स के लिए सबसे अच्छी दवा कौन-सी है?
उ. आमतौर पर Daflozee 1000 Tablet (Diosmin + Hesperidin) को वैरिकोज़ वेन्स के लिए सबसे प्रभावी दवाओं में माना जाता है। यह पैरों के दर्द, सूजन और भारीपन को कम करने में मदद करती है और नसों को मजबूत बनाती है।

प्र. क्या आयुर्वेदिक दवाएं वैरिकोज़ वेन्स में प्रभावी होती हैं?
उ. हां, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां जैसे अश्वगंधा, गुग्गुल और त्रिफला सूजन कम करने, रक्त संचार सुधारने और नसों को मज़बूत बनाने में सहायक होती हैं। ये लंबे समय तक सुरक्षित उपयोग के लिए जानी जाती हैं।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स केवल बुज़ुर्गों को ही होती हैं?
उ. नहीं, यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, खासकर उन लोगों में जो लंबे समय तक खड़े रहते हैं, बैठे रहते हैं, मोटापे से ग्रस्त हैं या जिनके परिवार में इसका इतिहास रहा है।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स में चलना या व्यायाम करना सही है?
उ. हां, हल्की वॉकिंग, योग और पैरों के व्यायाम रक्त संचार बेहतर करते हैं और वैरिकोज़ वेन्स के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स में मसाज करना फायदेमंद है?
उ. हल्की और सही दिशा में की गई मसाज रक्त प्रवाह सुधार सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा दबाव या गलत तरीके से मसाज करने से बचना चाहिए।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स में कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहननी चाहिए?
उ. हां, कंप्रेशन स्टॉकिंग्स नसों पर दबाव कम करती हैं, सूजन घटाती हैं और खून के बहाव को बेहतर बनाती हैं। डॉक्टर की सलाह से सही साइज चुनना ज़रूरी है।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स गर्भावस्था के बाद ठीक हो जाती हैं?
उ. कुछ मामलों में डिलीवरी के बाद वैरिकोज़ वेन्स के लक्षण कम हो जाते हैं, लेकिन कई महिलाओं में यह समस्या बनी रह सकती है और इलाज की ज़रूरत पड़ती है।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स में गर्म पानी से स्नान करना सही है?
उ. बहुत गर्म पानी से नहाने से नसें अधिक फैल सकती हैं, इसलिए वैरिकोज़ वेन्स में गुनगुना या ठंडा पानी से स्नान करना अधिक सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स में पैरों को ऊपर रखकर आराम करना चाहिए?
उ. हां, पैरों को दिल के स्तर से थोड़ा ऊपर रखकर आराम करने से नसों में जमी सूजन कम होती है और पैरों में रक्त संचार बेहतर होता है।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स में घरेलू उपाय कारगर होते हैं?
उ. घरेलू उपाय जैसे नियमित व्यायाम, नमक कम करना, वजन नियंत्रित रखना और आयुर्वेदिक तेलों का उपयोग लक्षणों में राहत दे सकता है, लेकिन इन्हें मुख्य इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स में सर्जरी हमेशा ज़रूरी होती है?
उ. नहीं, शुरुआती और मध्यम स्तर की वैरिकोज़ वेन्स में दवाओं, लाइफस्टाइल बदलाव और कंप्रेशन थेरेपी से अच्छा नियंत्रण संभव है। सर्जरी केवल गंभीर मामलों में की जाती है।

प्र. क्या वैरिकोज़ वेन्स दोबारा हो सकती हैं?
उ. हां, अगर जीवनशैली में सुधार न किया जाए और नसों पर लगातार दबाव बना रहे, तो वैरिकोज़ वेन्स दोबारा हो सकती हैं। नियमित देखभाल और सही इलाज से इसका जोखिम कम किया जा सकता है।


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