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घाव जल्दी भरने के लिए सबसे अच्छा मरहम (Ointment): पूरी जानकारी

Best Ointment For Wound Healing Best Ointment For Wound Healing

छोटे-मोटे कटने, छिलने, खरोंच लगने और जलने जैसे घाव हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हो सकते हैं। ऐसे घावों से त्वचा और उसके नीचे के हिस्सों को नुकसान पहुँच सकता है।

आमतौर पर छोटे घाव अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी इन्हें भरने में समय लगता है। ऐसे में घाव पर लगाने वाला मलहम (Ointment) त्वचा में नमी बनाए रखने और संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है।

ज़ीलैब पेट्रोलियम जेली, ज़ेवोडाइन 5% ऑइंटमेंट और म्यूपिसिन ऑइंटमेंट का इस्तेमाल अलग-अलग तरह के घावों की देखभाल में किया जाता है। इनमें से सही विकल्प घाव के प्रकार और उसकी स्थिति पर निर्भर करता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि घाव भरने की क्रीम या मरहम में से कौन-सा विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है, वह कैसे काम करता है और उसे सही तरीके से कैसे लगाना चाहिए।

घाव क्या होता है?

जब त्वचा कट जाती है, छिल जाती है या किसी चोट की वजह से उसे नुकसान पहुँचता है, तो उसे घाव कहते हैं। कुछ घाव हल्के होते हैं और जल्दी भर जाते हैं, जबकि कुछ घावों को ठीक होने में ज़्यादा समय लगता है।

अचानक लगी चोट से होने वाले घाव आमतौर पर शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया से भर जाते हैं। वहीं, लंबे समय तक न भरने वाले घावों में सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह की ज़रूरत हो सकती है।

घाव के आम प्रकार

चोट लगने के तरीके के अनुसार घाव कई तरह के हो सकते हैं। इनमें कुछ आम प्रकार शामिल हैं:

  • कटने के घाव: चाकू, काँच या किसी धारदार चीज़ से त्वचा कटने पर ऐसे घाव होते हैं।
  • छिलने के घाव: त्वचा किसी खुरदरी सतह से रगड़ खाने पर छिल सकती है।
  • चुभने के घाव: कील, सुई या किसी नुकीली चीज़ के त्वचा में चुभने से ऐसे घाव होते हैं।
  • जलने के घाव: गर्म चीज़, आग, बिजली या रसायन के संपर्क में आने से त्वचा जल सकती है।
  • ऑपरेशन के घाव: सर्जरी के बाद त्वचा पर बनने वाले घाव इस प्रकार में आते हैं।

घाव भरने वाले मरहम के फायदे

घाव के लिए मलहम चुनने से छोटी चोटों की देखभाल करना आसान हो सकता है। यह घाव को सुरक्षित रखने और त्वचा को प्राकृतिक रूप से ठीक होने में मदद कर सकता है।

मरहम के फायदे उसमें मौजूद सामग्री और घाव के प्रकार पर निर्भर करते हैं।

  • घाव पर सुरक्षा परत बनाकर हानिकारक कीटाणुओं के प्रवेश का खतरा कम करने में मदद कर सकता है।
  • त्वचा में नमी बनाए रखता है और घाव को ज़्यादा सूखने से बचाता है।
  • घाव की सही देखभाल करने से कुछ मामलों में निशान पड़ने की संभावना कम करने में मदद मिल सकती है।
  • कुछ मरहम घाव भरते समय होने वाली जलन, खुजली और हल्के दर्द से राहत देने में मदद कर सकते हैं।

घाव भरने के लिए इस्तेमाल होने वाले मरहम के प्रकार

कटने, छिलने या दूसरी छोटी चोटों के लिए घाव भरने की क्रीम या मरहम का चुनाव घाव की स्थिति और उसमें मौजूद दवा के अनुसार करना चाहिए।

  • एंटीबायोटिक मरहम: इनमें म्यूपिरोसिन, फ्यूसिडिक एसिड या बैसिट्रैसिन जैसे दवा के घटक हो सकते हैं। ये बैक्टीरिया की बढ़त रोकने में मदद करते हैं। इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।
  • पेट्रोलियम जेली (Gelly) वाला मरहम: पेट्रोलियम जेली त्वचा पर एक परत बनाती है, जो छोटे घावों और खरोंच वाली जगह को सूखने से बचाने में मदद करती है। इसलिए, कुछ मामूली घावों में सही देखभाल के साथ इसका इस्तेमाल घाव सुखाने की क्रीम के विकल्प के रूप में किया जा सकता है।
  • एंटीसेप्टिक क्रीम: इनका इस्तेमाल छोटे घावों में संक्रमण का खतरा कम करने के लिए किया जाता है। इनमें पोविडोन-आयोडीन या क्लोरहेक्सिडीन जैसे घटक हो सकते हैं।
  • जलने के घावों के लिए मरहम: हल्के जलने पर कुछ मरहम प्रभावित त्वचा की देखभाल करने और उसे सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। इनमें पेट्रोलियम जेली या एलोवेरा वाले उत्पाद शामिल हो सकते हैं।

भारत में घाव भरने के लिए इस्तेमाल होने वाले मरहम

छोटे कटने, छिलने या त्वचा पर लगी चोटों की देखभाल के लिए सही मरहम प्रभावित जगह को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

नीचे घावों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले कुछ मरहम के नाम और उनमें मौजूद सामग्री दी गई है, जो घाव के प्रकार के अनुसार घाव सुखाने वाला मलहम या सुरक्षा देने वाले उत्पाद के रूप में उपयोगी हो सकते हैं।

मरहम का नाम

इसमें मौजूद सामग्री

ज़ीलैब पेट्रोलियम जेली

पेट्रोलियम जेली + ऑलिव ऑयल + कोकोनट ऑयल + विटामिन ई

ज़ेवोडाइन 5% ऑइंटमेंट

पोविडोन-आयोडीन 5% w/w

म्यूपिसिन ऑइंटमेंट

म्यूपिरोसिन 2% w/w

ज़ोस्पोरिन स्किन ऑइंटमेंट

बैसिट्रैसिन (400 IU) + नियोमाइसिन (3400 IU) + पॉलीमिक्सिन B (5000 IU)

ज़ीलैब पेट्रोलियम जेली 120ml

ज़ीलैब पेट्रोलियम जेली एक ऐसा मरहम है जिसमें पेट्रोलियम जेली, ऑलिव ऑयल, कोकोनट ऑयल और विटामिन ई मौजूद हैं। यह त्वचा पर एक परत बनाकर नमी बनाए रखने में मदद करती है और छोटे घावों को सूखने से बचाती है।

  • Composition: Petroleum Jelly + Olive Oil + Coconut Oil + Vitamin E
  • फायदे: त्वचा में नमी बनाए रखने और छोटी-मोटी चोटों से प्रभावित त्वचा की देखभाल करने में मदद करती है।

ज़ेवोडाइन 5% ऑइंटमेंट

ज़ेवोडाइन ऑइंटमेंट एक एंटीसेप्टिक मरहम है, जिसमें पोविडोन-आयोडीन 5% w/w मौजूद है। यह त्वचा पर मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीवों (Microorganisms) को कम करने में मदद करता है और घावों की सही देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

  • Composition: Povidone-Iodine 5% w/w
  • फायदे: सही तरह के छोटे घावों के आसपास हानिकारक सूक्ष्मजीवों को कम करने में मदद करता है।

म्यूपिसिन ऑइंटमेंट

म्यूपिसिन एक एंटीबैक्टीरियल मरहम है, जो घाव में बैक्टीरिया की बढ़त को रोकने में मदद करता है। यह कुछ बैक्टीरिया से होने वाले त्वचा के संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। घाव पर म्यूपिरोसिन वाला यह मरहम केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लगाना चाहिए।

  • Composition: Mupirocin 2% w/w
  • फायदे: बैक्टीरिया से होने वाले कुछ त्वचा के संक्रमणों के इलाज में मदद करता है।

ज़ोस्पोरिन स्किन ऑइंटमेंट

ज़ोस्पोरिन एक एंटीबायोटिक मरहम है, जिसमें बैसिट्रैसिन, नियोमाइसिन और पॉलीमिक्सिन B मौजूद हैं। यह कुछ खास तरह के बैक्टीरिया पर असर करता है और त्वचा के चुनिंदा संक्रमणों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है।

  • Composition: Bacitracin (400IU) + Neomycin (3400IU) + Polymyxin B (5000IU)
  • फायदे: कुछ खास तरह के बैक्टीरिया से होने वाले त्वचा के संक्रमणों के इलाज में मदद करता है।

घाव के लिए सही मरहम कैसे चुनें?

घाव भरने के लिए सही मरहम चुनना चोट के प्रकार, उसकी गहराई और त्वचा की स्थिति पर निर्भर करता है।

घाव भरने की क्रीम चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • घाव में मवाद, लालपन, सूजन, गर्माहट या तेज़ दर्द जैसे संक्रमण के लक्षणों पर ध्यान दें।
  • ऐसा मरहम चुनें जो घाव की जगह और आपकी त्वचा के लिए सही हो।
  • अगर घाव गहरा है या खुला हुआ है, तो खुद से दवा लगाने के बजाय डॉक्टर को दिखाएँ।
  • ऐसी सामग्री वाले मरहम से बचें, जिनसे पहले आपको एलर्जी या जलन हुई हो।
  • अगर आपको डायबिटीज़ है या शरीर में खून का बहाव ठीक से नहीं होता, तो घाव की देखभाल के लिए डॉक्टर की मदद लें।

यह भी पढ़ें: घाव भरने में मदद करने वाले विटामिन और मिनरल

घाव भरने वाला मरहम कैसे काम करता है?

घाव भरने वाले मरहम का काम उसमें मौजूद सामग्री पर निर्भर करता है।

कुछ मरहम चोट वाली त्वचा को बाहरी गंदगी से बचाते हैं, जबकि कुछ त्वचा में नमी बनाए रखते हैं, रगड़ कम करते हैं या कुछ तरह के संक्रमणों के इलाज में मदद करते हैं।

  • चोट वाली त्वचा पर सुरक्षा की परत बनाते हैं।
  • घाव से नमी को बहुत जल्दी खत्म होने से बचाते हैं।
  • घाव की ऊपरी सतह को ज़्यादा सूखने से बचाने में मदद करते हैं।
  • कपड़ों या दूसरी सतहों से होने वाली रगड़ को कम करते हैं।
  • ज़रूरत पड़ने पर सही दवा वाले मरहम बैक्टीरिया जैसे हानिकारक कीटाणुओं को रोकने में मदद करते हैं।

घाव पर मरहम सही तरीके से कैसे लगाएँ?

घाव पर मरहम लगाते समय इन आसान तरीकों को अपनाएँ:

  • घाव को छूने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह साफ़ कर लें।
  • घाव को साफ़ बहते पानी से धीरे-धीरे धोएँ।
  • अगर खून निकल रहा है, तो साफ़ कपड़े या पट्टी से हल्का दबाव डालकर खून रोकने की कोशिश करें।
  • घाव पर दिखाई देने वाली गंदगी को धीरे से हटाएँ। अगर गंदगी आसानी से नहीं निकलती, तो डॉक्टर की मदद लें।
  • ज़रूरत के अनुसार सही मरहम की एक पतली परत लगाएँ।
  • ज़रूरत पड़ने पर घाव पर साफ़ पट्टी बाँधें।
  • पट्टी दिन में दो बार बदलें या गीली और गंदी होने पर तुरंत बदल दें। डॉक्टर की सलाह हो, तो उसके अनुसार पट्टी बदलें।

घाव भरने वाले मरहम के संभावित नुकसान

घाव की देखभाल के लिए सही मरहम का ठीक तरीके से इस्तेमाल करने पर आमतौर पर इसे आसानी से सहन किया जा सकता है। हालांकि, कुछ लोगों को ये परेशानियाँ हो सकती हैं:

  • त्वचा पर लालपन
  • खुजली
  • जलन या चुभन
  • त्वचा का सूखना
  • त्वचा पर दाने निकलना
  • एलर्जी होना

घाव होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

छोटे-मोटे घाव कभी भी हो सकते हैं, लेकिन कुछ लक्षणों को नज़रअंदाज़ करने से आगे चलकर परेशानी बढ़ सकती है।

इन स्थितियों में डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ:

  • घाव में संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं।
  • घाव भरने में सुधार न हो रहा हो।
  • घाव गहरा या बड़ा हो।
  • दबाव डालने के बाद भी खून बहना बंद न हो।
  • घाव के अंदर काँच, कील या कोई दूसरी बाहरी चीज़ फँसी हो।
  • दर्द लगातार बढ़ रहा हो।
  • बुखार आए या ठंड लगकर कंपकंपी हो।
  • आपको डायबिटीज़ (Diabetes) हो या शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत कम हो।
  • मरहम लगाने के बाद एलर्जी या कोई दूसरी परेशानी होने लगी।

निष्कर्ष

घाव भरने के लिए सही मरहम का चुनाव चोट के प्रकार और उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। छोटे कटने और छिलने वाले घावों को अच्छी तरह साफ़ रखना और साफ़-सफाई का ध्यान रखना उन्हें भरने में मदद कर सकता है।

सही मरहम और साफ़ पट्टी घाव को बाहरी गंदगी से बचाने और संक्रमण का खतरा कम करने में मदद कर सकते हैं।

सिर्फ़ मरहम पर निर्भर न रहें। अगर घाव गहरा है, उसमें संक्रमण के लक्षण हैं या वह ठीक नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. घाव भरने के लिए सबसे अच्छा मरहम कौन-सा है?

Ans.ज़ीलैब पेट्रोलियम जेली, ज़ेवोडाइन 5% और म्यूपिसिन ऑइंटमेंट घावों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मरहम हैं। आपके लिए सही मरहम का चुनाव घाव के प्रकार और उसकी गहराई के अनुसार करना चाहिए।

Q2. खुले घाव को जल्दी भरने के लिए क्या करना चाहिए?

Ans.खुले घाव को साफ़ बहते पानी से धीरे-धीरे साफ़ करें, खून बह रहा हो तो उसे रोकें और ज़रूरत के अनुसार सही मरहम लगाकर साफ़ पट्टी से ढक दें।

Q3. क्या घाव पर पेट्रोलियम जेली लगाना सही है?

Ans.हाँ, साफ़ और छोटे घावों पर पेट्रोलियम जेली लगाना आमतौर पर सही होता है। यह घाव में नमी बनाए रखने और उसे सुरक्षित रखने में मदद करती है।

Q4. क्या मरहम की जगह एंटीसेप्टिक क्रीम लगा सकते हैं?

Ans.कुछ घावों में एंटीसेप्टिक क्रीम इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन यह हर तरह के मरहम का विकल्प नहीं है। सही विकल्प घाव की स्थिति के अनुसार चुनें।

Q5. क्या खुले घाव पर एंटीबायोटिक मरहम लगा सकते हैं?

Ans.कुछ घावों में डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक मरहम लगाया जा सकता है। हालांकि, साफ़ और छोटे घावों पर आमतौर पर इसकी ज़रूरत नहीं होती।

Q6. क्या रोज़ाना एंटीबायोटिक मरहम लगाना सुरक्षित है?

Ans.बिना डॉक्टर की सलाह के रोज़ाना एंटीबायोटिक मरहम लगाना सही नहीं है। इसके अनावश्यक इस्तेमाल से जलन, एलर्जी और दवाओं के असर कम होने का खतरा बढ़ सकता है।

Q7. घाव भरने वाला मरहम दिन में कितनी बार लगाना चाहिए?

Ans.मरहम कितनी बार लगाना है, यह उसकी जानकारी और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है। घाव के प्रकार और पट्टी के इस्तेमाल के अनुसार इसे लगाने का तरीका अलग हो सकता है।

Q8. क्या घाव भरने वाले मरहम के कोई नुकसान भी हैं?

Ans.कुछ लोगों को मरहम लगाने से लालपन, खुजली, जलन, त्वचा पर दाने या एलर्जी हो सकती है। परेशानी बढ़ने पर मरहम लगाना बंद करें और डॉक्टर से सलाह लें।

Q9. घाव होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

Ans.घाव गहरा हो, खून बहना बंद न हो, तेज़ दर्द हो, लालपन या सूजन फैल रही हो, मवाद निकले, बुखार आए, जानवर काट ले या घाव ठीक न हो रहा हो, तो डॉक्टर को दिखाएँ।

Q10. घाव साफ़ करने से पहले मरहम लगाना चाहिए या बाद में?

Ans.पहले घाव को साफ़ बहते पानी से अच्छी तरह साफ़ करें। इसके बाद निर्देशों के अनुसार सही मरहम लगाएँ और साफ़ पट्टी से ढक दें।

Q11. क्या हर कटने या चोट लगने पर एंटीबायोटिक मरहम लगाना ज़रूरी है?

Ans.नहीं, ज़्यादातर छोटे और साफ़ घावों में एंटीबायोटिक मरहम की ज़रूरत नहीं होती। घाव को साफ़ रखना, पेट्रोलियम जेली लगाना और साफ़ पट्टी से ढकना अक्सर पर्याप्त होता है।

Q12. क्या गहरे कट या किसी नुकीली चीज़ से हुए घाव पर मरहम लगा सकते हैं?

Ans.गहरे कट या कील जैसी नुकीली चीज़ से हुए घाव में सिर्फ़ मरहम लगाकर इलाज करना सही नहीं है। संक्रमण के खतरे और चोट की गंभीरता की जाँच के लिए जल्द डॉक्टर को दिखाएँ।

Q13. चोट लगने के बाद टिटनेस का टीका कब लगवाना चाहिए?

Ans.गहरे कट, कील चुभने, जानवर के काटने, गंदे घाव, जलने या कुचलने से लगी चोट में टिटनेस के टीके की ज़रूरत हो सकती है। यह आपके पिछले टीकाकरण और चोट के प्रकार पर निर्भर करता है।

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