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एंटीकोएगुलेंट दवाइयों (Anticoagulant Medication) की सूची – उपयोग, प्रकार और दुष्प्रभावों की जानकारी

Anticoagulant Medication List – Uses, Types & Side Effects Guide Anticoagulant Medication List – Uses, Types & Side Effects Guide
Published On : 05 Sep, 2025 | Written By : Mr. Deepak Saini | Reviewed By : Dr. Anubhav Singh

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) दवाइयाँ, जिन्हें आम भाषा में रक्त को पतला करने वाली दवाइयाँ भी कहा जाता है, खतरनाक रक्त के थक्के बनने से रोकने में बहुत मदद करती हैं। ये दवाइयाँ विशेष रूप से हृदय रोग, लकवे (स्ट्रोक) का जोखिम, या थक्के से जुड़ी बीमारियों वाले मरीजों को दी जाती हैं। रक्त का प्रवाह बेहतर करके और थक्का बनने की संभावना घटाकर ये दवाइयाँ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम करती हैं। इनके उपयोग, फायदे और प्रकार समझना मरीजों के लिए बहुत जरूरी है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से इलाज कर सकें और जोखिम से बचें।

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) दवाइयाँ क्या होती हैं?

एंटीकोएगुलेंट ऐसी दवाइयाँ होती हैं जो रक्त के जमने (थक्का बनने) की क्षमता को कम करती हैं। ये पहले से बने थक्के को घोलती नहीं हैं, बल्कि नए थक्के बनने से रोकती हैं और पुराने थक्के को बढ़ने से रोकती हैं। डॉक्टर आमतौर पर इन दवाइयों की सलाह अनियमित हृदय गति, नसों में थक्का, फेफड़ों में थक्का और कुछ शल्यक्रियाओं के बाद ठीक होने की स्थिति में देते हैं।

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) के उपयोग और फायदे

  • नसों और धमनियों में खतरनाक थक्के बनने से बचाव करता है।
  • अनियमित हृदय गति वाले मरीजों में लकवे की संभावना कम करता है।
  • कृत्रिम हृदय वाल्व वाले मरीजों की सुरक्षा करता है।
  • शल्यक्रिया के बाद या लंबे समय तक चलने-फिरने में कमी पर मदद करता है।
  • फेफड़ों में थक्का और हृदयाघात की संभावना कम करता है।

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) के प्रकार

एंटीकोएगुलेंट कई प्रकार की होती हैं और हर प्रकार अलग तरीके से थक्का बनने से रोकता है। आइए इनके मुख्य वर्ग समझते हैं:

1. विटामिन के विरोधी दवाइयाँ

विटामिन के विरोधी दवाइयाँ सबसे पुरानी और लंबे समय से उपयोग में आने वाली एंटीकोएगुलेंट दवाइयाँ हैं। ये विटामिन के की क्रिया को रोककर काम करती हैं। विटामिन के शरीर में थक्का बनाने वाले तत्वों के निर्माण में मदद करता है। जब इसका प्रभाव रुकता है तो रक्त का जमना धीमा हो जाता है और थक्का बनने का खतरा कम होता है।

  • उदाहरण: Warfarin
  • विटामिन के को रोककर थक्का बनाने वाले प्रोटीन बनने से बचाता है।
  • कई वर्षों से इस्तेमाल हो रही और आज भी उपयोगी दवा है।
  • रक्त जांच से थक्का बनने की क्षमता की नियमित निगरानी जरूरी होती है।

किसके लिए बेहतर: लंबे समय तक थक्का रोकने के लिए, खासकर अनियमित हृदय गति या हृदय वाल्व बदलने वाले मरीजों में।

2. सीधे असर करने वाली मुख से ली जाने वाली एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant)

यह आधुनिक प्रकार की दवाइयाँ हैं जो सीधे थक्का बनाने वाले विशेष तत्वों को लक्ष्य बनाती हैं। इनका असर तेजी से शुरू होता है और आमतौर पर नियमित रक्त जांच की जरूरत कम होती है, जिससे मरीजों को सुविधा रहती है।

  • उदाहरण: Apixaban, Rivaroxaban, Dabigatran, Edoxaban
  • थक्का बनने वाले प्रमुख तत्वों को सीधे रोकती हैं।
  • निश्चित प्रभाव होने के कारण बार-बार जांच की जरूरत कम रहती है।
  • खान-पान की पाबंदियाँ अपेक्षाकृत कम होती हैं।

किसके लिए बेहतर: ऐसे मरीज जिनको प्रभावी सुरक्षा चाहिए और बार-बार जांच या सख्त भोजन नियमों से बचना है।

3. हेपेरिन वर्ग की दवाइयाँ

हेपेरिन तेजी से असर करने वाली एंटीकोएगुलेंट दवाइयाँ होती हैं, जो अधिकतर इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं। अस्पतालों में नसों के थक्के या फेफड़ों के थक्के जैसी आपात स्थिति में इनका उपयोग किया जाता है। कम आणविक भार वाली हेपेरिन ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है और इसकी निगरानी की जरूरत भी कम होती है।

  • उदाहरण: Unfractionated Heparin, Enoxaparin, Dalteparin
  • तेजी से काम करके थक्के को बढ़ने से रोकती हैं।
  • आपात स्थिति में थक्के के इलाज में उपयोगी।
  • कम आणविक भार वाली दवाइयाँ इस्तेमाल में आसान और ज्यादा सुरक्षित।

किसके लिए बेहतर: अस्पताल में अल्पकालिक उपयोग या शल्यक्रिया के बाद ठीक होने के समय।

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) दवाइयों की सूची

दवा मुख्य विशेषताएँ
Warfarin खतरनाक थक्के रोकता है, लकवे का जोखिम घटाता है, हृदय की सुरक्षा करता है और रक्त प्रवाह सुधारता है।
Apixaban थक्का बनने वाले तत्व को रोककर लकवे और थक्के के जोखिम को घटाता है, सामान्यतः नियमित जांच कम चाहिए।
Rivaroxaban नसों के थक्के और फेफड़ों के थक्के के इलाज/रोकथाम में उपयोगी, अनियमित हृदय गति में लकवे का जोखिम घटाता है।
Dabigatran Etexilate मुख से ली जाने वाली दवा, थक्के बनने से रोकती है और लकवे व नसों के थक्के का खतरा घटाती है।
Heparin इंजेक्शन द्वारा दी जाने वाली दवा, थक्के की रोकथाम व इलाज में उपयोगी, डॉक्टर की देखरेख जरूरी।
Enoxaparin कम आणविक भार वाली हेपेरिन, थक्के की रोकथाम और इलाज में उपयोगी।

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) कैसे काम करती हैं?

ये दवाइयाँ रक्त के प्राकृतिक जमाव की प्रक्रिया में बाधा डालती हैं। कुछ दवाइयाँ सीधे थक्का बनाने वाले तत्वों को रोकती हैं, जबकि कुछ दवाइयाँ थक्का बनाने वाले जरूरी प्रोटीन बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं। इससे रक्त का प्रवाह सुचारु रहता है और रक्त नलिकाओं में रुकावट बनने से बचाव होता है।

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) के संभावित दुष्प्रभाव

  • अधिक रक्तस्राव या जल्दी नील पड़ना
  • नाक से खून आना और मसूड़ों से रक्तस्राव
  • पेशाब या मल में रक्त
  • पेट खराब या मतली
  • कभी-कभी एलर्जी की प्रतिक्रिया

यदि असामान्य रक्तस्राव या गंभीर दुष्प्रभाव हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

किन लोगों को एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) नहीं लेनी चाहिए?

ये दवाइयाँ हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। कुछ स्थितियों में इनके कारण गंभीर रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। निम्नलिखित लोगों को इनसे बचना चाहिए:

  • जिन्हें सक्रिय रक्तस्राव की समस्या हो
  • गंभीर यकृत या गुर्दे की बीमारी वाले मरीज
  • जिनका रक्तचाप बहुत अधिक और नियंत्रण से बाहर हो
  • गर्भवती महिलाएँ (कुछ दवाइयों में विशेष रूप से)
  • जिन्हें बार-बार गिरने या चोट लगने का खतरा अधिक हो

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) लेते समय सावधानियाँ

  • दवा हमेशा डॉक्टर के बताए अनुसार ही लें।
  • खुराक छोड़ने या दोहरी खुराक लेने से बचें।
  • अन्य दवाइयों या सप्लीमेंट के बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं।
  • मद्यपान सीमित रखें और कुछ भोजन में सावधानी रखें (विशेषकर जब विटामिन के का असर जुड़ा हो)।
  • जहां जरूरी हो, रक्त जांच द्वारा निगरानी नियमित कराएं।

निष्कर्ष:

एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) दवाइयाँ थक्का बनने, लकवे और हृदय से जुड़ी जटिलताओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये अत्यंत प्रभावी होती हैं, लेकिन इन्हें सावधानी, नियमित निगरानी और चिकित्सकीय सलाह के साथ लेना आवश्यक है। डॉक्टर के निर्देशों का पालन और जरूरी सावधानियाँ अपनाकर इनका उपयोग सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ's):

प्रश्न. एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) दवाइयों का उपयोग किसलिए किया जाता है?
उत्तर. ये दवाइयाँ रक्त के थक्के बनने से रोकने और इलाज में, लकवे के जोखिम को घटाने, हृदय संबंधी रोगियों की सुरक्षा करने तथा शल्यक्रिया या लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद ठीक होने में मदद के लिए उपयोग की जाती हैं।

प्रश्न. एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) दवाइयों के सामान्य दुष्प्रभाव क्या हैं?
उत्तर. सामान्य दुष्प्रभावों में अधिक रक्तस्राव, नील पड़ना, नाक से खून आना, पेट खराब होना तथा पेशाब या मल में रक्त आना शामिल है। कुछ मामलों में एलर्जी भी हो सकती है।

प्रश्न. क्या एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) लेते समय नियमित रक्त जांच जरूरी होती है?
उत्तर. कुछ दवाइयों में रक्त जांच की आवश्यकता होती है, विशेषकर थक्का बनने की क्षमता की निगरानी के लिए। नई दवाइयों में जांच की जरूरत कम हो सकती है, पर डॉक्टर की देखरेख जरूरी रहती है।

प्रश्न. क्या एंटीकोएगुलेंट दवाइयाँ थक्के को पूरी तरह घोल देती हैं?
उत्तर. नहीं, ये दवाइयाँ पुराने थक्के को नहीं घोलतीं। ये थक्के को बढ़ने से रोकती हैं और नए थक्के बनने से बचाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह सुरक्षित बना रहता है।

प्रश्न. एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) लेते समय कौन-कौन सी सावधानियाँ जरूरी हैं?
उत्तर. दवा डॉक्टर के बताए अनुसार लें, खुराक न छोड़ें, मद्यपान सीमित रखें, तथा अन्य दवाइयों/सप्लीमेंट की जानकारी डॉक्टर को दें ताकि खतरनाक प्रभाव से बचा जा सके।

प्रश्न. क्या एंटीकोएगुलेंट महिलाओं में मासिक धर्म पर असर डालती हैं?
उत्तर. हाँ, कुछ महिलाओं में मासिक धर्म अधिक या लंबे समय तक हो सकता है। यदि रक्तस्राव बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर को तुरंत बताएं, ताकि उपचार में बदलाव किया जा सके।

प्रश्न. क्या एंटीकोएगुलेंट दवाइयाँ लेते समय चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है?
उत्तर. हाँ, क्योंकि ये दवाइयाँ रक्त को जमने से रोकती हैं, इसलिए छोटी चोट में भी अधिक रक्तस्राव हो सकता है। इसलिए तेज धार वाली वस्तुओं से सावधानी रखें और चोट लगने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

प्रश्न. क्या एंटीकोएगुलेंट दवाइयों के साथ दर्द निवारक दवाइयाँ ली जा सकती हैं?
उत्तर. बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं। कुछ दर्द निवारक दवाइयाँ रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। इसलिए किसी भी दवा को शुरू करने से पहले डॉक्टर को जरूर बताएं।

प्रश्न. क्या एंटीकोएगुलेंट दवाइयों के दौरान नियमित खान-पान में बदलाव जरूरी है?
उत्तर. कुछ मामलों में हाँ। विशेषकर कुछ दवाइयों के साथ विटामिन के युक्त भोजन का संतुलन रखना जरूरी होता है। डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह से भोजन करें ताकि दवा का असर सही बना रहे।

प्रश्न. अगर एंटीकोएगुलेंट (Anticoagulant) की खुराक छूट जाए तो क्या करना चाहिए?
उत्तर. जैसे ही याद आए, डॉक्टर के निर्देश अनुसार खुराक लें। परंतु अगर अगली खुराक का समय पास हो तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें। कभी भी एक साथ दोहरी खुराक न लें, इससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।


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